अजमेर, 06 मार्च। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने सभी उद्यमियों से आग्रह किया है कि वे राजीव गांधी जल संचय योजना के तहत चल रहे मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान में अपना पूर्ण सहयोग दें।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समस्त उद्यमियों की बैठक में यह आग्रह किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन के तहत जिले के नौ ब्लॉक की 38 ग्राम पंचायतों में कार्य करवाए जा रहे है। इसमें उद्यमी सामग्री, संसाधन, सहयोग राशि अथवा आईसी गतिविधियां कराकर सहयोग प्रदान कर सकते है ताकि जिले में सभी की सामुहिक सहभागिता से अच्छा कार्य हो सके। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत चरागाह विकास एवं नाला उपचार कार्य सहित अनेक कार्य कराएं जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सीएसआर एवं जन सहयोग देने वालों का सम्मान भी किया जाएगा। सहयोग देने वाले उद्यमी/ संस्था अपना सहयोग हेतु सहमति पत्र जिला परिषद में भिजवा सकते है।
इस मौेके पर जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक श्री रविश कुमार शर्मा सहित समस्त उद्यमी एवं संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
होली, धुलण्डी त्यौहार के अवसर पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त
अजमेर, 06 मार्च। आगामी होली, धुलण्डी त्यौहार पर शहर में कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यपलक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए है।
जिला मजिस्ट्रेट श्री विश्व मोहन शर्मा ने बताया कि नायब तहसीलदार द्वितीय श्री तुक्काचन्द को पुलिस सर्किल दरगाह क्षेत्र के लिए, नायब तहसीलदार प्रथम श्री हरेन्द्र सिंह को पुलिस सर्किल उत्तर क्षेत्र के लिए, उप निदेशक कृषि ग्राहय केन्द्र तबीजी श्री बी.एस. राठौड़ को पुलिस सर्किल दक्षिण क्षेत्र के लिए तथा श्री ओ.पी.शर्मा को रिजर्व मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त किया गया है। जिले की कानून व्यवस्था के प्रभारी अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन एवं अजमेर शहर में शहर के प्रभारी अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर होंगे।
होली पर्व पर शान्ति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू
अजमेर, 06 मार्च। होली त्यौहार के अवसर पर शहर में कानून व्यवस्था, शान्ति एवं सौहार्द का वातावरण बनाए रखने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 लागू की है।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर श्री अरविंद कुमार सेंगवा ने बताया कि धारा 144 आगामी 12 मार्च की रात्रि तक अजमेर नगर निगम की सीमा के अन्दर लागू रहेगी। इस दौरान कोई भी व्यक्ति चलते हुए वाहनों, राहगिरों, व्यक्तियों तथा महिलाओं पर रंग, कीचड़, धूल व रंग के पानी से भरे हुए गुब्बारे नहीं फैंकागा और ना ही किसी प्रकार के अस्त्र शस्त्र, तलवार या लाठी लेकर चलेगा। यह आदेश ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी और होमगार्डस पर लागू नहीं होगा।
पंचायत चुनाव के मद्देनजर अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू
अजमेर, 06 मार्च। जिला मजिस्ट्रेट श्री विश्व मोहन शर्मा ने आगामी दिनों में होने वाले पंचायतीराज चुनाव के मद्देनजर अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति क्षेत्र की सीमाओं के अन्दर निषेधाज्ञा लागू की है। दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालो के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। निषेधाज्ञा 17 मार्च तक जारी रहेगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि निषेधाज्ञा के दौरान कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह का विस्फोटक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र, रिवाल्वर, पिस्टल, बंदूक, धारदार हथियार, गंडासा, फरसी, भाला, तलवार, गुप्ती, कृपाण, बरछी, कटार, धारिया, बाघनख आदि सहित विधि द्वारा प्रतिबन्धित हथियार और लाठी आदि लेकर सार्वजनिक स्थान पर ना तो घूमेगा और ना ही प्रदर्शन में साथ लेकर चलेगा। विभिन्न अधिकार प्राप्त वर्गाें को छूट रहेगी।
उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को परोक्ष, अपरोक्ष व सांकेतिक रूप से ना तो स्वंय डरायेगा, धमकायेगा और ना ही किसी को इसके लिए प्रेरित व प्रोत्साहित करेगा। कोई भी व्यक्ति उत्तेजनात्मक, साम्प्रदायिक अथवा जातीय तनाव उत्पन्न करने वाले आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए भाषण एवं नारेबाजी नहीं करेगा और ना ही किसी को इसके लिए प्रेरित करेगा। इस तरह के पेम्पलेट, पोस्टर व चुनाव सामग्री के छपवाने और वितरण पर भी प्रतिबन्ध रहेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति आपत्तिजनक सामग्री, जातीय तनाव व साम्प्रदायिक सदभाव को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी ऑडियो, वीडियो या सीडी आदि का ना तो स्वंय प्रचार प्रसार करेगा और ना ही करायेगा। इसी तरह निषेधाज्ञा के तहत रात्रि 10 बजे बाद लाउडस्पीकरों का उपयोग, बिना अनुमति के रैली व जुलूस, ऊची पानी की टंकियों पर चढ़ना आदि भी प्रतिबन्धित रहेगा।
पशु क्रुरता निवारण समिति का पुर्नगठन
अजमेर, 06 मार्च। जिले में संचालित पशु क्रुरता निवारण समिति का पुर्नगठन पशु पालन विभाग एवं भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड के निर्देशानुसार किया गया है।
पशु पालन विभाग के संयुक्त निदेशक एवं समिति के सचिव डॉ. अजय अरोड़ा ने बताया कि जिला कलक्टर श्री विश्व मोहन शर्मा इस समिति के अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक श्री कु. राष्ट्रदीप एवं नॉन ऑफिशियल सदस्य श्री गिरधारी लाल उपाध्यक्ष होंगे। इस समिति में नगर निगम की अध्यक्ष चिन्मयी गोपाल, पशु पालन विभाग के उप निदेशक डॉ. प्रफुल्ल माथुर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह, शिक्षा अधिकारी श्रीमती दर्शना शर्मा, जिला परिवहन अधिकारी श्री राजीव शर्मा, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के उप निदेशक श्री महेश चन्द्र शर्मा, ज्ञानोदय गौशाला नारेली के श्री सुकान्त जैन, नृसिंह गौशाला अरड़का के महन्त श्री शिवरतन शरण, राज्य पशु कल्याण बोर्ड के श्री मनीष सक्सेना को सदस्य नियुक्त किया गया है। इनके अलावा श्री अमर सिंह राठौड़ तथा डॉ. मंजू शर्मा पशु कल्याण एवं पर्यावरण विभाग महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण माथुर को अतिरिक्त सदस्य नामाकिंत किया गया है।
महिला होना है गौरव का विषय
जिला स्तरीय महिला दिवस समारोह आयोजित
अजमेर, 06 मार्च। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय महिला दिवस समारोह शुक्रवार को सूचना केन्द्र सभागार में आयोजित हुआ। इसमें प्रतिभागियों ने महिला होने पर गौरव का अनुभव किया। समारोह में घूंघट प्रथा खत्म करने के लिए शपथ ली गई।
महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक श्री जितेन्द्र कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम में उप वन संरक्षक श्रीमती सुदीप कौर, उपखण्ड अधिकारी श्रीमती अर्तिका शुक्ला एवं महिला अधिकारिता निदेशालय की श्रीमती सुनिता मीणा ने महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। स्थानीय निकाय विभाग की उप निदेशक श्रीमती अनुपमा टेलर ने कहा कि इस दिन आधी आबादी को अपने महिला होने पर गौरव का एहसास होता है। महिलाओं को आपसी सहयोग एवं प्रेम के साथ देश को आगे बढ़ाने में सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परिवार से लेकर अपने कार्यक्षेत्र में एक महिला को दूसरी महिला से सहयोग की अपेक्षा रहती है। आपसी सहयोग से समाज में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है। घूंघट एक कुप्रथा है। इसे हटाने के लिए आपसी सहयोग से सकारात्मक वातावरण निर्मित करने की आवश्यकता है। समाज में बदलाव धीरे – धीरे आता है। सिंधु घाटी सभ्यता में घूंघट का अस्तित्व नही था। वैदिक काल में महिलाएं शास्त्रार्थ में निपूर्ण थी। स्वयंवर का चलन सामान्य था। रामायण और महाभारत काल में भी पर्दा प्रथा नहीं थी। भारतीय समाज में घूंघट का चलन मध्य युग से आरम्भ हुआ। उस समय की मजबूरी पर्दा प्रथा रही होगी। वर्तमान में इसकी आवश्यकता नही है।
उन्होंने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत है। प्रशासन में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रत्येक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। घूंघट महिलाओं के विकास में बाधक है। घूंघट सम्मान प्रदर्शित करने का तरीका नहीं है। सम्मान दर्शाने के लिए सही शब्दो का इस्तेमाल ही काफी होता है। आदिम समुदायों में पूर्ण लैंगिक समानता है। भारत में कई मातृसत्तात्मक समुदाय है। उनमें आज भी स्वयंवर होता है। घूंघट प्रथा की समाप्ति के परिणाम सुखद होंगे।
समारोह में माता यशोदा पुरस्कार एवं साथिन पुरस्कार देकर कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं आशा सहयोगिनियों को सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ साथिन का 11 हजार रूपए का पुरस्कार घूघरा श्रीनगर की सीमा गुर्जर को प्रदान किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अरांई सील की श्रीमती सरस्वती प्रजापत, अजमेर शहर बंजारा बस्ती की श्रीमती जयश्री, ब्यावर शहर शिव कॉलोनी की श्रीमती गीता रावत, भिनाय कीटाप की श्रीमती कृष्णा लोहार, जवाजा मालपुरा की श्रीमती सरोज, केकड़ी गुर्जरवाड़ा की श्रीमती चांद कंवर, किशनगढ़ शहर की श्रीमती कमल कंवर, किशनगढ़ करकेडभ़् की श्रीमती रेखा देवी, मसूदा हरराजपुरा की श्रीमती लीला देवी, पीसागंन लीडी की श्रीमती खेरू निशा, पुष्कर की श्रीमती संतोष बाकोलिया, सरवाड़ की श्रीमती ईरानी एवं श्रीनगर फारकिया की श्रीमती प्रवीण को 5100-5100 रूपए दिए गए।
इसी प्रकार आंगनबाड़ी सहायिका- आशा सहयोगिनी श्रीमती मधु लाखन, श्रीमती सरोज, श्रीमती पुष्पा देवी, श्रीमती मांगी वैष्णव, श्रीमती पिंकी चौहान, श्रीमती सरिता कंवर, श्रीमती राजकुमारी, श्रीमती कौशल्या सेन, श्रीमती भाग्यश्री, श्रीमती पदमा देवी, श्रीमती इन्द्रा देवी, श्रीमती गीता माली, श्रीमती सीता सेन, श्रीमती शालिनी सिंह, श्रीमती फोरन्ता, श्रीमती कान्ता जांगिड़, श्रीमती सीमा देवी, श्रीमती सलमा, श्रीमती मून्नी देवी, श्रीमती कमला देवी, श्रीमती पूजा देवी, श्रीमती मोहसीना, श्रीमती तारा देवी, श्रीमती विष्णु शर्मा, श्रीमती सीता देवी एवं श्रीमती माया जांगिड़ को 2100-2100 रूपए पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए गए।
पंचायतराज चुनाव के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित अजमेर, 06 मार्च। अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति में होने वाले पंचायतराज चुनाव 2020 के लिए मतदाताओं की सुविधा के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष 24 घण्टे कार्यरत रहेगा। इसके लिए प्रभारी अधिकारी भू प्रबंध अधिकारी श्री जगदीश चन्द्र हेड़ा एवं सहयाक प्रभारी अधिकारी जिला रोजगार अधिकारी श्री मधुसुदन जोशी को बनाया गया है। नियंत्रण कक्ष के टेलिफोन नम्बर 0145- 2620218 हैं।