
देवनानी ने कहा पंचायतराज चुनाव में प्रदेश की कांग्रेस सरकार की नाकामियों को मुख्य मुद्दा बनाकर भाजपा चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के दो साल के शासन में आमजन बुरी तरह से त्रस्त हो चुका है। महंगी बिजली की मार के साथ जनता पानी की समस्या से परेशान है। प्रदेश में अपराधिक गतिविधियों में तो बेतहाशा वृद्धि हुई है और विकास पूरी तरह ठप्प हो गया है।
देवनानी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि कांग्रेस पहले से ही संभावित हार से डरी हुई है इसलिए सरकार ने परिसीमन का गंदा खेल खेला है, परन्तु जनता चुनाव में इसका मुहंतोड़ जवाब देगी। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से आव्हान किया कि वे राज्य सकरार की नाकामियों की जानकारी आमजन को दे तथा बूथ स्तर तक मजबूती के साथ डंटे रहे।
हाथीखेड़ा पंचायत से भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में बैठे महासिंह
हाथीखेड़ा पंचायत से पंचायत समिति सदस्य के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में खड़े हुए महासिंह भाजपा प्रत्याशी गुलाब सिंह के समर्थन में बैठ गये। विधायक देवनानी एवं ग्रामवासियों के आग्रह पर महासिंह ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला करते हुए भाजपा प्रत्याशी गुलाबसिंह को पूर्ण समर्थन देने की सार्वजनिक घोषणा की साथ ही उनके चुनाव प्रचार की जिम्मैदारी भी संभाली।
बैठक में ग्राम पंचायत माकड़वाली से भाजपा प्रत्याशी अरूणा टांक, हाथीखेडा से गुलाबसिंह व अजयसर से फरजाना तथा भाजपा महामंत्री रमेश सोनी, सीताराम शर्मा, दरियाव सिंह, लोकेन्द्र सिंह, तारासिंह रावत, रतनसिंह रावत, जयसिंह, मनोहरसिंह, दूधाजी नम्बरदार, मुकेश, ज्ञानजी, मदनसिंह, जयसिंह मास्टरसाहब, कल्याणसिंह, मुरली सैन, वीनू रावत, शक्तिसिंह, भंवरसिंह चैहान, पारसबोहरा, मोनू, जवाहर, अर्जुन, रणवीर, रामलाल गुर्जन, रामकरण गुर्जर, बाबूलाल गुर्जर, भगवानसिंह रावत, देवेन्द्र सिंह शेखावत, सुनील मेघवंशी, महेन्द्र जादम, राजेश शर्मा, दातारसिंह, राजेन्द्र राठौड, दयाल सिवासिया, प्रकाश मेहरा सहित भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए।
सिब्बल को नसीहत, जरा अपने गिरेबान में भी झांके गहलोत: देवनानी
जयपुर/अजमेर, 18 नवम्बर।
मुख्यमंत्री अषोक गहलोत द्वारा कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल को दी नसीहत के मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व षिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेषाध्यक्ष सचिव पायलेट के बारे में खुले में मीडिया के सामने नाकारा, निकम्मा जैसे अषोभनीय शब्दों का उपयोग करने वाले आज सिब्बल को संगठन हित का पाठ पढा रहे हैं। कपिल सिब्बल को नसीहत देने वालो को जरा अपने गिरेबान में भी झांकना चाहिए।
देवनानी ने कहा कि गहलोत सिब्बल को नसिहत दे रहे हैं कि मीडिया में पार्टी के आंतरिक मसलों का उल्लेख करने की कोई आवष्यकता नहीं थी। इससे देष भर में पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है लेकिन गहलोत तब यह बात भूल गए थे जब उन्होंने पायलेट के बारे में रगडाई, निकम्मा, नाकारा बोला था। शायद उनके शब्दों से पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंची होगी जो सिब्बल के मीडिया में बोलने से पहुंची है।
देवनानी ने कहा कि गहलोत का हमेशा एक ही लक्ष्य रहता है अपने आकाओं को खुष करना और इसके लिए अपना दोहरा चाल-चरित्र दिखाने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। जिन्होंने पायलेट के बारे में भला बुरा कहा वे अब सिब्बल को नसीहत दे रहे हैं। गहलोत को यह स्पष्ट करना चाहिए था कि स्वयं द्वारा मीडिया के सामने पायलेट के बारे में सही और सिब्बल द्वारा बोला गया विचार गलत कैसे हो सकता है?
उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों की कथनी करणी में हमेषा से ही अंतर रहा है। सत्ता की चासनी चखने के लिए कांग्रेसी नेता द्वारा जनता से लुभावने वादा करना और सत्ता पाने के बाद उसे भूला देना उनकी आदत में है। प्रदेष में सत्ता पाने के लिए दस दिन में ़ऋण माफ करने, बेरोजगारों को रोजगार देने इत्यादि वादे किये थे लेकिन सत्ता के दो साल बाद भी वादें केवल वादे बने हुए है।