ए.डी.ए. की बहुप्रतीक्षित फूस की कोठी योजना की नीलामी का रास्ता साफ

अदालत ने छोटा बगरू हाऊसिंग सोसायटी की याचिका को किया खारिज, अनिल जैन को नही माना सोसायटी का अध्यक्ष।
अजमेर। दिनंाक 18.12.2020
सिविल न्यायाधीश नगर उत्तर अजमेर के न्यायाधीश रमन कुमार शर्मा ने छोटा बगरू हाऊसिंग सोसायटी की ओर से प्रस्तुत याचिका जिसमें उनके द्वारा ए.डी.ए. की फूस की कोठी योजना पर सवालिया निशान लगाते हुए करीब 16 बीघा जमीन अपनी बताते हुए ए.डी.ए. द्वारा गलत तारबंदी करने का आरोप लगाते हुए याचिका प्रस्तुत की थी। याचिका के बाद में ए.डी.ए. द्वारा प्रस्तावित फूस की कोठी योजना की नीलामी को स्थगित करने के लिये शीघ्र सुनवाई का प्रार्थना पत्र अदालत मेें प्रस्तुत कर स्थगन आदेश मांगा था, जिस पर अदालत ने सुनवाई करते हुए विस्तृत आदेश पारित कर हाऊसिंग सोसायटी की याचिका को खारिज करने के आदेश पारित किये और अदालत ने छोटा बगरू हाऊसिंग सोसायटी का अध्यक्ष अनिल जैन को मानने से भी इंकार कर दिया।
मामले के अनुसार अजमेर विकास प्राधिकरण की बहुप्रतीक्षित फूस की कोठी योजना की नीलामी दिनंाक 21.12.2020 को किये जाने के लिये ए.डी.ए. की आयुक्त रेणू जयपाल के अथक प्रयास से करोडो रूपये की बेशकिमती मुख्य मार्ग पर स्थित उक्त योजना की नीलामी निकाली जानी है, जिस पर छोटा बगरू हाऊसिंग सोसायटी की ओर से बतौर अध्यक्ष अनिल जैन ने याचिका प्रस्तुत कर नीलामी पर रोक लगाये जाने की गुहार की, जिस पर अदालत ने अपने विस्तृत आदेश में उल्लेखित किया कि वर्तमान में अनिल जैन सोसायटी के अध्यक्ष नही है तथा प्रार्थी सोसायटी के द्वारा प्रस्तुत इकरारनामे के आधार पर उन्हे विवादित 16 बीघा 14 बिस्वा 10 बिस्वांसी भूमि पर कोई अधिकार प्राप्त नही होता है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी उल्लेखित किया कि ए.डी.ए. द्वारा खसरा संख्या 3658 में आवाप्त की गई भूमि पर नीलामी की कार्यवाही की जा रही है और सोसायटी द्वारा अपनी भूमि को खसरा संख्या 3659 में स्थित होना बताया गया है, जबकि खसरा संख्या 3658 में किये गये सीमा ज्ञान व तारबंदी की रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई है, ऐसे में न्यायालय के समक्ष ऐसी कोई सामग्री नही है, जिससे यह निष्कर्ष निकाला जाये कि उक्त सीमा ज्ञान व तारबंदी एकतरफा व मनचाहे तरीके से की गई है। अदालत ने सोसायटी का प्रथमदृष्टया मामला ही नही मानते हुए उनकी याचिका को खारिज करने के आदेश पारित किये। अदालत को ए.डी.ए. के अधिवक्ता व लोक अभियोजक विवेक पाराशर ने दलील दी कि अनिल जैन सोसायटी के अध्यक्ष नही है और दिनंाक 27.01.2012 को हुए सोसायटी के चुनाव को रजिस्ट्रार सहकारी समिति द्वारा निरस्त कर दिया गया है और उक्त आदेश की अपील भी दिनंाक 25.03.2013 को अस्वीकार कर दी गई है, ऐसे में उन्हे छोटा बगरू हाऊसिंग सोसायटी की ओर से प्रकरण प्रस्तुत करने का ही अधिकार ही नही है। साथ ही यह तथ्य भी अदालत के प्रकाश में लाया गया कि वादग्रस्त भूमि जिन इकरारनामो से प्राप्त करना सोसायटी द्वारा बताया गया है उक्त इकरारनामे पंजीकृत ही नही है,

जिससे उन्हे वादग्रस्त भूमि पर कोई अधिकार व स्वामित्व उत्पन्न होता हो। पाराशर ने अदालत को यह भी बताया कि सोसायटी द्वारा वादग्रस्त सम्पत्ति के मालिक ना होते हुए भी उनके द्वारा उक्त भूमि पर पट्टे काटे गये, जिस पर अनिल जैन के विरूद्व अपराधिक कार्यवाही भी हुई है। साथ ही ए.डी.ए. द्वारा खसरा संख्या 3658 में अवाप्त की गई भूमि की नीलामी की जा रही है तथा तहसीलदार, गिरदावर व राजस्व अधिकारियो द्वारा मौके पर उपस्थित होकर तारबंदी करवाई गई है तथा ए.डी.ए. के अधिवक्ता विवेक पाराशर ने अनिल जैन द्वारा वाद प्रस्तुत करने पर आपत्ति जताते हुए अदालत को बताया कि वे समिति के अध्यक्ष ही नही है, जिस पर अदालत में उप-रजिस्ट्रार सहकारी समिति अजमेर से जो लिखित रिपोर्ट प्राप्त की गई, उससे भी जाहिर होता है कि अनिल जैन जिन चुनाव के माध्यम से सोसायटी के अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे, वे चुनाव निरस्त किये जा चुके है। साथ ही अदालत में ए.डी.ए. की ओर से विभिन्न न्यायिक दृष्टांत प्रस्तुत किये, जिस पर अदालत ने छोटा बगरू हाऊसिंग सोसायटी की याचिका को खारिज करते हुए स्थगन आदेश जारी करने से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
छोटा बगरू हाऊसिंग सोसायटी वर्षो से ही विवादो में रही है।
छोटा बगरू हाऊसिंग सोसायटी पर करोडो रूपये की बेशकिमती जमीन पर मालिकाना हक नही होने के बावजूद भी सदस्यो से सी.आ.पी.एफ. सरक्यूलर रोड पर भूखण्ड देने के नाम पर लाखो रूपये की वसूली के आरोप लगते रहे है। साथ ही सहकारी नियमो को धत्ता बताकर करीब 300 सदस्य बनाने, भूखण्ड आवंटन के नाम पर नातेदार, रिश्तेदार को ओब्लाईज करने जैसी कई धांधलियां भी सहकारी समिति ने रिपोर्ट में पाई है। साथ ही करोडो रूपये की बेशकिमती जमीन को हथियाने के आरोप सोसायटी पर लगते रहे है। साथ ही थाना सिविल लाईन पुलिस ने बगैर मालिकाना हक के जमीन पर कब्जा करने के सम्बंध में सोसायटी के अध्यक्ष अनिल जैन के विरूद्व मामला दर्ज कर आरोपी पाया था, जिसमें चालान पेश होने पर अदालत में मामला विचाराधीन चल रहा है। इसके साथ ही सोसायटी की अनियमितता के चलते और सहकारी नियमो की पालना नही होने के कारण कई जांच भी विचाराधीन है।

विवेक पाराशर
(लोक अभियोजक अजमेर)
मो.नं. – 99833-35001

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