राष्ट्रीय विचारधारा के काॅलेज शिक्षकों को टारगेट करना दुर्भाग्यपूर्ण-देवनानी

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर, 7 जनवरी।
पूर्व शिक्षा मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय विचारधारा से जुडे काॅलेज शिक्षकों को टार्गेट करते हुए उनके दूर-दराज स्थानांतरण करना शर्मसार करने वाला ही नहीं बल्कि प्रदेश के लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होने कहा कि संकुचित मानसिकता से पोषित कांग्रेस सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री ने आरएसएस विचार से जुड़े शिक्षकों को प्रताड़ित करने के उद्धेश्य से पाॅच-सात सौ किमी. दूर स्थानान्तरण किये है। गहलोत सरकार द्वारा शिक्षा के मंदिरों में की गई स्थानान्तरण की राजनीति शर्मनाक है।
देवनानी ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग में हाल ही में किये गये स्थानांतरण के दौरान कांग्रेस समर्थित शिक्षक गुट ने पहले तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े शिक्षकों के नाम स्थानान्तरण सूची में होने का आरोप लगाकर सूची पर रोक लगवा दी तथा बाद में संशोधित सूची जारी कर राष्ट्रीय विचार वाले शिक्षक संगठनों से जुडे शिक्षकों को चुन-चुन कर निशाना बनाते हुए पाॅच-सात सौ किमी दूर तक स्थानान्तरित कर दिया गया।
देवनानी ने कहा कि विभिन्न काॅलेजो में ढाई हजार से ज्यादा पद खाली पड़े है, एसे महाविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था सुचारू करने के लिए क्षेत्रीय विधायकों की अनुशंषा पर जारी स्थानान्तरण सूची को एक शिक्षक गुट व अन्य राज्य मंत्री के दबाव में रद्ध कर दिया गया जबकि वर्तमान में 90 प्रतिशत महाविद्यालयों में प्राचार्य नहीं है। कांग्रेस सरकार को स्थानान्तरण की राजनीति छोड़कर शैक्षिक व्यवस्थाओं पर ध्यान देना चाहिए। रिक्त पदों को भरने के साथ ही शिक्षकों की लम्बित पदौन्नतियां शीघ्र करानी चाहिए। जो 97 नये महाविद्यालय खोले है उनके लिए पद सृजित कराए। भवनों का निर्माण कराए। वर्तमान में एसे महाविद्यालयों में दरी पट्टी पर बैठकर विद्यार्थी अध्ययन के लिए मजबूर है।
देवनानी ने कहा कि सरकारें आएंगी और जाएंगी लेकिन राजनीति के वशीभूत होकर अपने विचार के प्रति इतनी आशक्ति और राष्ट्रीय विचार के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को टारगेट करना लोकतंत्र के लिए भी कतई शुभ संकेत नहीं है।

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