अजमेर 9 अप्रेल-युवाओं को संस्कार से जोडन के लिये निरंतर आयोजनों से सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं ऐसे आर्षीवचन ईष्वर मनोहर उदासीन आश्रम के महंत स्वरूपदास उदासीन, निर्मलधाम के स्वामी आत्मदास व जतोई दरबार के भाई फतनदास ने सिन्धु समिति की ओर से इच्छापूर्ण झूलेलाल मन्दिर के सहयोग से इच्छापूर्ण झूलेलाल मन्दिर पर सांस्कृतिक संध्या के षुभारंभ पर दिये। उन्होने गीत संगीत की आॅनलाइन आयोजनों से जुडाव भी हुआ है।
कार्यक्रम संयोजक नरेन्द्र बसराणी ने बताया कि झूलेलाल जयंती समारोह समिति की ओर से आयोजित पखवाडे के सातवे दिन घनश्याम भगत, लालचन्द खूबचंदाणी व प्रकाश मोटवाणी के साथ कलाकारों द्वारा भजन आधींअ में ज्योति जगाइण वारा…., जीए मुहिंजी सिन्ध…, सुहिणा रस्ता पिया सजन …. जहिंखे लालण जो मिलयो प्यार आ… पर सभी को झुमाया। अध्यक्ष जयकिशन लख्याणी ने बताया कि कार्यक्रम में सामूहिक पूजन, छेज डाडिया, दीपदान, महाआरती के साथ प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। स्वागत भाषण राम बलवाणी व आभार महेष इसराणी के साथ मंच का संचालन महेष टेकचंदाणी ने किया।
इच्छापूर्ण झूलेलाल मन्दिर की बहिराणा मण्डली में बाबा गागूमल व बाली फेरवाणी ने पूजन करवाया। सेवाधार गोविन्द पारवाणी, सुनील मोतियाणी, घनष्याम चांदवाणी, मोतीराम, किषनचंद केसवाणी, खेमचंद नारवाणी, रामस्वरूप पंवार ने व्यवस्थायें की।
कार्यक्रम में झूलेलाल जयंति समारोह समिति के अध्यक्ष कवंलप्रकाष किषनानी, महासचिव महेन्द्र कुमार तीर्थाणी, उपाध्यक्ष जगदीष अभिचंदाणी, प्रकाष जेठरा, जी.डी.वृदाणी, हरी चंदनाणी, महेष मूलचंदाणी, हरकिषन टेकचंदाणी, भगवान साधवाणी, दिलीप बूलचंदाणी मनोज मेंघाणी सहित कार्यक्रम उपस्थित थे।