बुजुर्गों को जोखिम भरी अवस्था में नहीं जाना पड़ा अजमेर से बाहर
अजमेर, 8 दिसम्बर()। घर में चलते-फिरते, उठते-बैठते चोटिल हो जाने वाले बुजुर्गों को जोखिम भरी अवस्था में उपचार के लिए अजमेर से बाहर ले जाने की अब जरूरत नहीं होती। अजमेर के मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के अस्थि रोग विभाग में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं तथा दक्ष चिकित्सकों की टीम द्वारा उम्रदराज बुजुर्गों का सफल उपचार किया जा रहा है। अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ दीपक जैन और टीम ने पिछले एक हफ्ते में 85 साल से अधिक उम्र वाले तीन बुजुर्गों के हड्डियों के सफल ऑपरेशन किए।
डॉ दीपक जैन ने बताया कि 98 साल के बुजुर्ग जिनके कूल्हे की बाल टूटने पर वे गंभीर पीड़ा भुगत रहे थे। बुजुर्ग की याददाश्त भी कम होने लगी थी। परिवारजनों ने बुजुर्ग की अवस्था को देखते हुए पहले घर में ही उपचार करवाया, आखिर असहनीय पीड़ा होने पर बुजुर्ग को मित्तल हॉस्पिटल लाया गया। जहां उनके कूल्हे का बाल बदली कर दिया गया।

डॉ जैन ने बताया कि हड्डियों से जुडे जटिल ऑपरेशनों के लिए अच्छा ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू स्टाफ और दक्ष चिकित्सक टीम की जरूरत होती है, यह सभी सुविधाएं मित्तल हॉस्पिटल में होने से बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है।
निदेशक डॉ दिलीप मित्तल ने बताया कि अजमेर संभाग के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, अजमेर में सभी सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं का लाभ पाया जा सकता है। हॉस्पिटल राजस्थान राज्य स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) के तहत तथा केंद्र व रेलवे कर्मचारियों एवं पेंशनर्स, भूतपूर्व सैनिकों(ईसीएचएस), ई.एस.आई.सी द्वारा बीमित कर्मचारियों तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं सभी तरह के टीपीए द्वारा उपचार के लिए भी अधिकृत है। अब तक सैकंड़ों रोगी इन विभिन्न योजनाओं के तहत मित्तल हॉस्पिटल में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं। कोविड-19 दौर के चलते हॉस्पिटल में सभी सरकारी गाइडलाइन को फोलो किया जा रहा है।