जन जन के नायक अटल बिहारी वाजपेयी part 4

dr. j k garg
अटलजी जब विदेश मंत्री बने तो विभाग के अधिकारीयों ने उनके कक्ष से प्रथम प्रधानमंत्री नेहरुजी की फोटो को हटाने पर उन्हें प्रताड़ित करते हुये उनसे कहा कि परम्परा की पालना होनी चाहिये इसलिये नेहरूजीजी का फोटो वापस लगाएँ | उन्होंने अपने विपक्षीयों पर कभी भी व्यकिगत आरोप लगाये और ना ही उनकी देशभक्ति पर अंगुली उठाई | उनकी लोकप्रियता का नतीजा था कि वे देश के विभन्न प्रदेशो यथा उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और दिल्ली से सांसद चुने गये। दो बार राज्यसभा के लिये भी निर्वाचित हुए | अटलजी सबसे लम्बे समय तक सांसद रहे थे| जब वे पहली दफा सांसद बने और उन्होंने संसद अपना भाषण दिया तब तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरूजी ने कहा कि यह युवा सांसद एक दिन इस देश का प्रधानमंत्री बनेगा | अटल बिहारी जी को जवाहरलाल नेहरू व इंदिरा गांधी के बाद सबसे लम्बे समय तक गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ था | दोहरी सदस्यता में मसले पर जनता पार्टी से अलग होकर पुराने जनसंघ के लोगो ने 6 अप्रैल 1980 में भारतीय जनता पार्टी का गठन किया इस पार्टी के प्रथम अध्यक्ष पद का दायित्व भी वाजपेयी को सौंपा गया। वे दो बार राज्यसभा के लिये भी निर्वाचित हुए | पूर्वी पाकिस्तान के विघटन एवं बांग्लादेश देश के जन्म के समय अटल जी ने अपनी राजनेतिक प्रबल विरोधी इंदिरा गांधी जी जी की सराहना करते हुए उन्हें माँ दुर्गा के समान बता कर एक कुशल एवं परिपक्व राजनीति के रूप में अपने आप को स्थापित किया | वाजपेयी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पहिले प्रधानमंत्री बने | 2002 के गुजरात के साम्प्रदायिक दंगों हुई सैकड़ों मौतों बाद प्रधानमंत्री वाजपेयी जी ने अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री और वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री को को राज धर्म के पालन करने की सीख देने की हिम्मत की थी |

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