रीट पेपर लीक मामला प्रदेश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ – दिलावर

शिक्षा मत्रीं एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नैतिकता के आधार पर दे इस्तीफा,
बोर्ड अध्यक्ष को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग

कोटा 29 जनवरी। भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं रामगंजमण्डी विधायक मदन दिलावर ने रीट पेपर लीक मामले को लेकर कहा कि इस मामले की शीघ्र सीबीआई से जांच करवाने की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा से यदि थोडी भी नैतिकता बची है तो तत्काल इस्तीफा देकर जांच को निष्पक्ष होने दे। दिलावर ने बोर्ड अध्यक्ष डी.पी. जारोली को तत्काल गिरफ्तार करने की प्रदेश के मुखिया से मांग की है केवल बर्खास्तगी एवं बोर्ड सचिव के निलंबन से सरकार का इतिश्री करना ही काफी नहीं है क्योंकि यह मामला प्रदेश के लाखों बच्चों के भविष्य से जुडा हुआ है। अब तो यह स्पष्ट हो गया है कि रीट में पारदर्शिता के नाम पर सिर्फ धोखा था इतना होने के बाद भी सरकार इस धांधली को स्वीकार नहीं कर रही है बल्कि इस धांधली पर सच्चाई की मोहर लगाने का एक कुत्सित प्रयास किया जा रहा है जो निंदनीय है।
दिलावर ने कहा कि कांग्रेस सरकार में नोकरीयां ऊचें दामों पर बिक रही है ओर इन सबका सरगना स्वयं सरकार के मुखिया है जिनके इशारों पर या उनके संरक्षण में यह सब कुछ चल रहा है। बोर्ड में व शिक्षा संकुल में गैर सरकारी व्यक्तियों को नियुक्त कर उनके माध्यम से धांधलियां व अनियमितताएं की जाकर मोटी धनराशि वसूलने का रेकेट चल रहा है जब तक सीबीआई के माध्यम से जांच नहीं होगी तब तक दूध का दूध और पानी का पानी सामने नहीं आएगा। लाखों बच्चे जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर के सपना देखा था उन बच्चों के सपने भी चूर-चूर हो गए है।
दिलावर ने यह भी कहा कि सरकार ने माननीय न्यायालय में भी झूठ बोलकर यह कहा कि पेपर लीक हुआ ही नहीं लेकिन जब परते खुलने लगी ओर यह स्पष्ट हो गया कि शिक्षा संकुल के लोकर से पेपर निकाला गया ओर 2 दिन पहले पेपर बाहर आ गया तो आनन-फानन में बोर्ड अध्यक्ष की बर्खास्तगी का कदम उठाकर इतिश्री कर ली।
अलवर की मूक बधिर बालिका के साथ हुई बर्बरता के मामले में सरकार के द्वारा बताए गए एक्सीडेंटल मामले में एफएसएल की जांच में बालिका की सलवार पर सीमन मिलने से सरकार की कलई खुली

भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं रामगंजमण्डी विधायक मदन दिलावर ने कहा कि अलवर में 16 साल की मूक बधिर बालिका से 11 जनवरी को हुई दुष्कर्म की घटना में भले ही पुलिस 17 दिन के बाद भी आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है लेकिन एफएसएल जांच में यह सिद्व हो गया है कि बालिका की सलवार पर सीमन मिला है जिससे स्पष्ट होता है कि सरकार इस घटना को दबाकर केवल एक्सीडेंट का रूप देकर पल्ला झाड़ रही है। इतना ही नहीं इस जाच रिपोर्ट को भी पुलिस 2 दिन से दबाएं बेठी थी।
दिलावर ने कहा कि सरकार को बच्चियों के साथ बर्बरता पूर्वक हो रही दुष्कर्म की घटनाओं से जरा भी शर्म नहीं है बल्कि ऐसी घटनाओं को गंभीरता से ना लेते हुए दुर्घटना बताकर उस पीड़िता व उसके परिवारजनों का उपहास किया जा रहा है जो घोर निंदनीय है। दिलावर ने यह भी कहा कि प्रदेश में पोक्सो एक्ट, महिला अत्याचार व एससी. एसटी. उत्पीड़न के मामलों में बेतहाशा वृद्वि हो रही है लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नहीं है।

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