सम्राट पृथ्वीराज चौहान संगोष्ठी का आयोजन राजकीय संग्रहालय में सम्पन्न

अजमेर 21 मई। सम्राट पृथ्वीराज चौहान की 856 वीं जयंती के अवसर पर भारतीय इतिहास संकलन समिति व सम्राट पृथ्वीराज चौहान समारोह समिति के संयुक्त तत्वाधान में 22 मई रविवार को अपराहन 4ः00 बजे राजकीय संग्रहालय, नया बाजार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
भारतीय इतिहास संकलन समिति के सचिव डॉ. हरीश बेरी के अनुसार इस संगोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ. सूरजमल राव उप कुलसचिव महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एस.पी.सी.जी.सी.ए. के पूर्व प्राचार्य डॉ. मधुर मोहन रंगा ने की की। मुख्य वक्ता डॉ. सूरजमल राव ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे, यदि सम्राट पृथ्वीराज चौहान के विविध पक्षों को जानना है तो हमे लोक इतिहास व लोक गाथाओं को भी एकत्रित करना पडे़गा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. मधुमोहन रंगा ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने अल्प आयु में ही विभिन्न प्रकार कौशल विकसित कर लिये थे, इसी कारण आज सम्राट पृथ्वीराज चौहान की गिनती विश्व के महान् सम्राटों में की जाती है। इस अवसर पर राज्यसभा के पूर्व सांसद ओंकार सिंह लखावत ने युवा पीढ़ी को सम्राट पृथ्वीराज चौहान के कार्यों से प्रेरणा लेने का आवह्ान किया।
संगोष्ठी के प्रारंभ में भारतीय इतिहास संकलन समिति के सचिव डॉ. हरीश कुमार बेरी ने अतिथियों का स्वागत किया एवं भारतीय इतिहास संकलन समिति का परिचय प्रस्तुत किया। इस अवसर पर समिति द्वारा पिछले दो वर्षों में आयोजित सम्राट पृथ्वीराज जानों ऑन लाईन प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया, इस प्रतियोगिता में जय किशन गुरबानी व जानकीदास राकांवत को पूर्व राज्यसभा सांसद ओंकार सिंह लखावत ने प्रमाण-पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के अंत में समिति के कोषाध्यक्ष जितेन्द्र जोशी ने उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस संगोष्ठी में पूर्व उप महापौर सम्पत सांखला, कंवल प्रकाश किशनानी, डॉ. राकेश कटारा, शिव प्रसाद गौतम, राधेश्याम अग्रवाल, डॉ. सुरेश गाबा, अजय यादव, रवि शर्मा, वेद प्रकाश मलूका, सुभाष चांदना सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन दिलीप पारीक ने किया।
डॉ हरीश बेरी
सचिव
भारतीय इतिहास संकलन समिति, अजमेर
मो.न.-9828254282

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