अजमेर, 30 जून()। डॉक्टर के प्रति सम्मान इजहार करने का दिन यानी जुलाई की पहली तारीख। ‘‘नेषनल डॉक्टर्स डे,’’ यूं तो डॉक्टर; धरती पर साक्षात देवता तुल्य है, लेकिन एक डॉक्टर की दृष्टि में रोगी ही उसका देवता है। सही तो यही है कि डॉक्टर ही मरीज के उम्मीद की किरण होता है।
विष्वास की बुनियाद पर टिके हैं डॉक्टर-मरीज के संबंध….
डॉक्टर और मरीज का रिष्ता समर्पण और विष्वास के एक महीन धागे से बंधा है। इसमें कहीं कोई शंका और आषंका की गुंजाइष नहीं होती। हर एक डॉक्टर अपने मरीज को अच्छे से अच्छा इलाज देने की कोषिष करता है लेकिन मेडिकल साइंस की भी अपनी सीमाएं होती हैं। इसलिए हमेषा ये संभव नहीं हो पाता कि मरीज स्वस्थ होकर ही घर लौटे, हॉं डॉक्टर से इतनी उम्मीद की जा सकती है कि वह मरीज का इलाज पूरी निष्ठा के साथ करे।
मित्तल हॉस्पिटल परिवार अजमेरवासियों को यह विष्वास दिलाता है कि उपचार में ईमानदारी और पारदर्षिता से काम किया है और आगे भी इसे कायम रखने का प्रयास करेंगे। दिलीप मित्तल-निदेषक मित्तल हॉस्पिटल, अजमेर
उपचार में परिवारजन का सहयोग जरूरी………..
डॉक्टर पर मरीज को दिए परामर्ष की जिम्मेदारी होती है। भुगतान की गई फीस से उसकी तुलना नहीं की जा सकती। डाक्टर अपने सम्पूर्ण विवेक और उपलब्ध जानकारी के अनुसार काम करता है ऐसे में परिवारजनों का विष्वास और सहयोग मरीज के इलाज में अत्यंत असरकारक होता है साथ ही डॉक्टर को बेझिझक इलाज करने में सक्षम बनाता है।
डॉ संदिप बघे -फिजीषियन, मित्तल हॉस्पिटल अजमेर,
मरीज तकलीफ की दे पूरी जानकारी…..
रोग निदान के लिए चिकित्सक के पास पहुंचने वाले रोगी तकलीफ की विस्तार से जानकारी दें। अपने पुराने परचे और जांच रिपोर्ट को ठीक तरीके से संभाल कर रखें और चिकित्सक को जब भी दिखाने जाएं तब साथ लेकर जाएं। चिकित्सक के दिए परामर्ष को माने और फोलोअप पर नियमित रहे। मरीज से एक चिकित्सक की यही उम्मीद है।
डॉ सिद्धार्थ वर्मा-न्यूरो सर्जन, मित्तल हॉस्पिटल, अजमेर
धैर्य रखे और इंतजार करें….
मरीज और उसके परिवारजन से एक ही अपेक्षा की जा सकती है कि वे रोगी के उपचार के दौरान धैर्य रखें और दवाओं का रोगी पर असर होने तक इंतजार करें। रोगी के रोग और उसकी अवस्था को समझने के विपरीत परिवारजन रोगी के त्वरित स्वस्थ होने की अपेक्षा करने लग जाते हैं और डॉक्टर के प्रति अच्छे और खराब होने की राय बनाने लगते हैं। डॉक्टर्स डे पर रोगी और उनके परिवाजन से यही अपेक्षा।
डॉ ऋषभ कोठारी -गैस्ट्रोएण्ट्रोलॉजिस्ट, मित्तल हॉस्पिटल,अजमेर
एक दूसरे को समझे और भरोसा करें…
म्रीज डॉक्टर पर भरोसा रखे। डॉक्टर जो करेगा मरीज के हित में अच्छा ही करेगा। मरीज का डॉक्टर के साथ स्वस्थ रिष्ता बने। एक दूसरे को समझे और विष्वास करें। डॉक्टर की उम्मीद पर मरीज का सहयोग इस रिष्ते को प्रगाढ़ बनाए रखने में महती भूमिका अदा करता है। डॉक्टर के दिए परामर्ष पर ध्यान दे और दवाओं के प्रति नियमित रहे। डॉ प्रीति गर्ग – बाल व षिषु रोग विषेषज्ञ, मित्तल हॉस्पिटल, अजमेर,