मेटा और राष्‍ट्रीय महिला आयोग ने महिलाओं की सुरक्षा के लिये एक रिपोर्टिंग कैम्‍पेन शुरू करने के लिए फरहान अख्‍तर के मर्द के साथ साझेदारी की

नई दिल्‍ली, 17 अगस्‍त, 2022: मेटा और राष्‍ट्रीय महिला आयोग ने फरहान अख्‍तर के मर्द के साथ साझेदारी में महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाने के लिये आज एक रिपोर्टिंग कैम्‍पेन “डोन्‍ट हेजिटैट, डू रिपोर्ट, स्‍टे सेफ’’ के लॉन्‍च की घोषणा की है। यह कैम्‍पेन यूजर्स के लिये ऑनलाइन दुराचार, अनुचित कंटेन्‍ट या व्‍यवहार की सूचना देने के लिये उपलब्‍ध टूल्‍स और रिसोर्सेस पर जागरूकता और जानकारी बढ़ाने पर फोकस करेगा।
अंग्रेजी और पाँच भारतीय भाषाओं- हिन्‍दी, बंगाली, मराठी, कन्‍नड़ और तमिल, में लॉन्‍च हुआ ‘डोन्‍ट हेजिटैट, डू रिपोर्ट, स्‍टे सेफ’ कैम्‍पेन यूजर्स के बीच ऐसे कंटेन्‍ट की रिपोर्टिंग पर जागरूकता बढ़ाएगा, जो उन्‍हें आगे शेयर करने के बजाए आपत्तिजनक लगता है।
यूजर्स के लिये इंटरनेट को ज्‍यादा सुरक्षित बनाने के प्रयासों और पहलों पर रोशनी डालते हुए, फेसबुक इंडिया (मेटा) में पॉलिसी प्रोग्राम्‍स और आउटरीच की हेड मधु सिंह सिरोही ने कहा, “शोध के मुताबिक, जब महिलाएं डिजिटल रूप से सशक्‍त होती है, तब आर्थिक विकास में ज्‍यादा योगदान देती हैं और इसके लिये सुरक्षित और वृद्धि तथा प्रभाव को प्रेरणा देने वाला इंटरनेट चाहिये। मेटा में हमने हमेशा ऐसे टूल्‍स और रिसोर्सेस बनाने की कोशिश की है, जो महिलाओं के लिये इंटरनेट को ज्‍यादा सुरक्षित और समावेशी बनाते हैं। ‘डोन्‍ट हेजिटैट, डू रिपोर्ट, स्‍टे सेफ’ कैम्‍पेन के साथ, हमें विश्‍वास है कि हम ज्‍यादा लोगों को महिलाओं के विरूद्ध ऑनलाइन नुकसानों की रिपोर्टिंग और फेसबुक तथा इंस्‍टाग्राम पर महिलाओं को सशक्‍त करने वाला अनुभव निर्मित करने में हमारे साथ भागीदारी करने के लिये प्रोत्‍साहित करेंगे।”
भारत के विभिन्‍न अग्रणी सीएसओ के साथ परामर्श पर आधारित ‘डोन्‍ट हेजिटैट, डू रिपोर्ट, स्‍टे सेफ’ कैम्‍पेन का लक्ष्‍य मौजूदा मिथकों को तोड़ना भी है, जैसे कि “मेरे रिपोर्ट करने से कुछ नहीं होगा’’ या “अगर मैं रिपोर्ट करूं, तो मेरा नाम सामने आ जाएगा’’। इसके अलावा, कैम्‍पेन यह समझने में यूजर्स की मदद करेगा कि जब वे कंटेन्‍ट की रिपोर्ट करते हैं, तब हमारे ऐप्‍स फेसबुक और इंस्‍टाग्राम पर उनका अनुभव अपने नियंत्रण में रहता है।
मेटा के साथ भागीदारी और इस कैम्‍पेन के लॉन्‍च पर अपने विचार रखते हुए, राष्‍ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्‍ल्‍यू) की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने कहा, “मेटा डिजिटल साक्षरता की उन पहलों में राष्‍ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्‍ल्‍यू) का लंबे समय से भागीदार है, जिन्‍होंने ज्‍यादा से ज्‍यादा महिलाओं को इंटरनेट पर सुरक्षित रहते हुए ऑनलाइन यात्रा में भाग लेने के लिये प्रोत्‍साहित किया है। इनमें एक ऑनलाइन रिसोर्स सेंटर शामिल है, जो साइबरबुलींग, साइबरस्‍टॉकिंग और आर्थिक धोखाधड़ी जैसे मुद्दों से निपटने और महिलाओं के लिये उपलब्‍ध ऑनलाइन रिसोर्सेस के प्रभावी इस्‍तेमाल तथा शिकायत निवारण प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण देने के लिये है। ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म्‍स पर महिलाओं की ज्‍यादा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये यूजर्स को इस पर जागरूक करने की आवश्‍यकता है कि परेशान करने वाले कंटेन्‍ट की सुरक्षित रिपोर्टिंग कैसे करें। आज हम इस कैम्‍पेन को लॉन्‍च कर अपनी कोशिशों को आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा यूजर्स आगे आने और हर दिन महिलाओं के साथ होने वाले ऑनलाइन दुराचार को रोकने में मदद के लिये प्रोत्‍साहित हों।”
इस कैम्‍पेन से जुड़ने के बारे में अभिनेता, निर्देशक, दक्षिण एशिया के लिये यूएन वूमन गुडविल एम्‍बेसेडर और मर्द (मेन अगेंस्‍ट रेप एंड डिस्क्रिमिनेशन) के संस्‍थापक फरहान अख्‍तर ने कहा, “मर्द में हम इंटरनेट पर लैंगिक समानता और इंटरनेट का सभी के लिये सुलभ बनाने पर यकीन रखते हैं, ताकि सारे यूजर्स की गरिमा बनी रहे। ऑनलाइन दुराचार के विरोध में आवाज उठाना और गलत कंटेन्‍ट की रिपोर्टिंग करना महत्‍वपूर्ण है, जिससे विभिन्‍न प्रकारों के शोषण से निपटने में मदद मिलेगी। हमें ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों के लिये ज्‍यादा सुरक्षित ऑनलाइन अनुभव निर्मित करने हेतु मेटा और एनसीडब्‍ल्‍यू के साथ भागीदारी करने पर गर्व है।”
मेटा ने हमेशा ऐसा इंटरनेट बनाने की कोशिश की है, जो महिलाओं के लिये ज्‍यादा सुरक्षित और समावेशी हो। मेटा ने पिछले साल StopNCII.org लॉन्‍च किया था, जो दुनियाभर की महिलाओं को बिना सहमति की अंतरंग तस्‍वीरों (एनसीआईआई) के फैलने से निपटने और रोकने के लिये सशक्‍त करता है। मेटा ने अंग्रेजी और 12 भारतीय भाषाओं में ‘सेफ्टी हब फॉर वूमन’ भी लॉन्‍च किया था, जो इस प्‍लेटफॉर्म पर महिलाओं के लिये जरूरी सुरक्षा के सभी रिसोर्सेस को होस्‍ट करता है। इसमें महिला नेत्रियों, पत्रकारों और दुराचार की पीडि़ताओं के लिये विशेष रिसोर्सेस होते हैं। इसके अलावा, इसमें सुरक्षा के लिये वीडियो-ऑन-डिमांड ट्रेनिंग्‍स भी होती है और विजिटर्स कई भाषाओं में होस्‍ट की जाने वालीं लाइव सेफ्टी ट्रेनिंग के लिये रजिस्‍टर हो सक‍ते हैं।

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