श्रीमती इंदु बारहठ को अभिनंदन समारोह में सम्मान पत्र दिया गया

अजमेर 22 अगस्त। चरण साहित्य शोध संस्थान द्वारा यूनाइटेड किंगडम निवासी भारतीय मूल की श्रीमती इंदु बारहठ का उनके एक दिवसीय अजमेर दौरे पर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में चारण विद्यापीठ के विद्यार्थियों द्वारा इंदु बारहठ से यूके एवं भारत की सांस्कृतिक विविधता एवं शैक्षणिक विषयों इत्यादि प्रश्न पूछे व उन्होने उसका इंगलैण्ड व भारत की विविधिताओं पर की सम्पूर्ण जानकारी विद्यार्थियों को जानकारी दी। इस अवसर पर करणी चारण छात्रावास के छात्रों और चारण विद्यापीठ के स्टाफ द्वारा श्रीमती इंदु बारहठ का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
द्वितीय सत्र में अजमेर की महापौर ब्रजलता हाड़ा, उपमहापौर नीरज जैन, पदमश्री चंद्रप्रकाश देवल, भंवर सिंह चारण, ओंकार सिंह लखावत ने श्रीमती इंदु बारहठ का अभिनंदन पत्र भेंट कर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रोफेसर राधेश्याम अग्रवाल, कंवल प्रकाश, संपत सांखला, भैरू गुर्जर गणेशदान, नरेंद्र भारद्धाज, मोहन तुलस्यानी, दीलिप पारीक, लंबोदर समिति के सदस्यों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर माल्यार्पण कर स्वागत किया।
इस अवसर पर एक संवाद कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित नागरिकों ने श्रीमती इंदु बारहठ से बारे विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे जिन में डॉ. रामकृपाल लखावत, भगवती बारेठ, महावीर लखावत, रामेश्वर लखावत, वीरेन्द्र सिंह, प्रद्युम्म्न देथा भी उपस्थित रहे
एक दिवसीय दौरें में श्रीमती इंदु भारती ने पृथ्वीराज चौहान स्मारक व दाहरसेन स्मारक का भी अवलोकन किया जहां उन्हें समिति सदस्य द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
श्रीमती इंदु बारहठ को अभिनंदन समारोह में सम्मान पत्र दिया गया
आपने हिन्दी, संस्कृत तथा कम्प्यूटर विज्ञान में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त कर, संस्कृत भाषा में ‘महाकवि कालिदास के काव्यों में दर्शन’ पर शोध कार्य कर रहीं हैं। आपने एक्यूप्रेशर में एम.डी. किया है और यू.के. में सेवाऐं प्रदान कर रही हैं। आपने यूनाइटेड किंगडम में अंग्रेज़ी, गणित तथा शिक्षण सहायक में सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है।
आपने संस्कृत भारती के सानिध्य में संस्कृत शिविर लगाये। आप ‘युनाइटेड किंगडम’ में ‘गुरुकुल यू.के.’ नामक संस्था का संचालन करती हैं, जिसमें विद्यार्थियों को भारतीय ‘डायस्पोरा’ के अंतर्गत भारतीय भाषा एवं संस्कृति सिखाई जाती है। गुरुकुल यू.के. भारत तथा प्रवासियों में भाषा को लेकर भारतीय डायस्पोरा के अंतर्गत एक सेतु का कार्य कर रही है।
भारतीय विद्या भवन, लंदन में आप हिन्दी विभाग का कार्य संभालती हैं। आपने सोआस विष्वविद्यालय लंदन एवं क्रेक्टस लैंग्वेज सेंटर में भी शिक्षण कार्य किया है। आप प्रसिद्ध कैम्ब्रिज विष्वविद्यालय, लंदन में संस्कृत भाषाओं में मूल्यांकन परीक्षक विशेषज्ञ पद पर आसीन है।
पुरस्कार तथा सम्मान:
भारतीय उच्चायोग लंदन से शिक्षण कार्य के लिये गिलक्रिस्ट सम्मान, अविरल साहित्य लेखन सम्मान, ज्ञानोदय साहित्य संस्था कर्नाटक द्वारा काव्य सृजन सम्मान, इंटरनेशनल वूमेन अचीवर्स सम्मान, अमृता प्रीतम कवियित्री सम्मान, अन्तर्राष्ट्रीय बसंतोत्सव काव्य सम्मान, विष्व हिन्दी सचिवालय मॉरीशस द्वारा काव्य लेखन के लिये सम्मान, वैष्विक हिन्दी संस्थान यूएसए द्वारा कविता हेतु सम्मान, अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी परिषद द्वारा गणतंत्र भारत सेवी सम्मान, भारतीय उच्चायोग लंदन द्वारा कविता पाठ हेतु सम्मान, विष्व हिन्दी सचिवालय मॉरीशस द्वारा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं। आप राजस्थान एसोसिऐषन यू.के. में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
आपको मुम्बई में हिन्दी अकादमी द्वारा मातृभूषण सम्मान, विष्व कीर्ति नारी गौरव सम्मान प्रदान किया गया है। आप सभी देशों के बीच भारतीय भाषा हिन्दी व संस्कृत को पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।
आज हम आपको हमारे बीच पाकर गौरव की अनुभूति करते हैं। आपका अभिनन्दन कर हम आपके सुखी व समृद्ध जीवन की शुभकामनाऐं करते हैं।
चारण साहित्य शोध संस्थान, अजमेर आपको सम्मानित करते हुए गर्व महसूस करता है।
सरोज लखावत,
मो. 7597946418

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