केकड़ी 9 सितंबर(पवन राठी)
दस लक्षणपर्व(उत्तमब्रह्मचर्य) घंटाघर स्थित श्री आदिनाथ मंदिर में दीपा दीदी एवं रेशु दीदी ,अंकित शास्त्री जी के निर्देशन में आदिनाथ मंदिर में विराजित सभी जिन प्रतिमाओं का सामूहिक शांति धारा अलौकिक कार्यक्रम के साथ संपन्न हुआ। प्रातः प्रथम जिनाभिषेक,शांतिधारा महावीर प्रसाद सुनील कुमार अनिल कुमार ,संजय मित्तल परिवार द्वारा किया गया, तत्पश्चात नित्य पूजन के साथ श्री त्रैलोक्य महामंडल विधान के श्रीफल सहित अर्घ मधुर संगीत के साथ चढ़ाए गए, इस अवसर पर रेशु दीदी ने प्रवचन के दौरान कहा कि ब्रह्म शब्द निर्मल ज्ञान स्वरूप आत्मा है आत्मा में लीन हो जाना आत्मा में ही रमण करना या प्रवृत्ति करना ब्रह्मचर्य है जिनका मन अपने शरीर से भी निर्मल हो गया उसी के वास्तविक ब्रह्मचर्य होता है । शाम को आरती भक्ति संगीत शास्त्र सभा प्रश्नोत्तरी एवं 48 दीपक द्वारा भक्तामर जी का संगीतमय पाठ हुआ इसके पुण्यार्जक पदम कुमार पवन कुमार मित्तल रहे ।
नेमिनाथ मंदिर
मीडिया प्रभारी रमेश बंसल व पारस जैन ने बताया कि बोहरा कॉलोनी स्थित श्री नेमीनाथ मंदिर में प्रातः जिन अभिषेक ,शांतिधारा, नित्य पूजन के साथ पंडित कमल शास्त्री सांगानेर के निर्देशन में मूलनायक भगवान नेमिनाथ की वृहद शांति धारा हुई जिसके पुण्य अर्जक चांदमल पारसमल महावीर प्रसाद लाभचंद बघेरा एवं कांता देवी अशोक कुमार ज्ञानचंद सिंहल बघेरा परिवार थे । महिला मंडल द्वारा भगवान नेमिनाथ के चांदी का विशाल छत्र भेंट किया गया जिसको प्रेमचंद घनश्याम चेतन हेमराज धुँधरी परिवार को चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।भगवान वासुपूज्य भगवान का निर्वाण महोत्सव मनाया गया, निर्वाण मोदक चढ़ाने का सौभाग्य अमर चंद, अशोक कुमार ,अनिल कुमार खुवाडा परिवार में प्राप्त किया । शास्त्री जी के निर्देशन में श्री दशलक्षण महामंडल विधान एवं तीसचोबीसी महामंडल विधान किए गए । सांस्कृतिक कार्यक्रम की संयोजिका चंद्रकला जैन ने बताया कि शाम को
विशुद्ध वर्धनी महिला मंडल द्वारा सुंदर नाटिका”पूजा का फल” की प्रस्तुति दी गई ।अजमेर रोड शांतिनाथ मंदिर में से प्रारंभ कलस यात्रा नेमिनाथ मंदिर आदिनाथ मंदिर चंद्र प्रभु नाथ मंदिर मंदिर एवं शांतिनाथ मंदिर में धार्मिक क्रियाओं के साथ संपन्न हुए ।
रमेश बंसल
पारस जैन
मीडिया प्रभारी