निःशुल्क मोटापा (ओबेसिटी) जांच एवं परामर्श शिविर में अनेक लोगों ने लाभ उठाया
जी आई एंड बेरियाट्रिक सर्जन डाॅ एस पी जिंदल ने दिया परामर्श
अजमेर, 15 जनवरी ( )। मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर अजमेर में रविवार, 15 जनवरी 2023 को सुबह 10.30 से 12.30 बजे तक आयोजित निःशुल्क मोटापा (ओबेसिटी) जांच एवं परामर्श शिविर में अनेक लोगों ने लाभ उठाया। शिविर में मित्तल हाॅस्पिटल के गैस्ट्रो-लेप्रोस्कोपिक एंड बेरियाट्रिक सर्जन डाॅ एस पी जिंदल ने पंजीकृत लोगों से कहा कि मोटापा दिखने में तो बुरा लगता ही है स्वस्थ जीवन के लिए भी अच्छा नहीं होता। मोटापा अकेले नहीं आता अपने साथ अन्य कई बीमारियों को भी लाता हैं। इस पर गंभीर चिंतन की जरूरत है; वर्तमान में चिकित्सा विज्ञान ने इसके निदान के लिए मेडिसिन और सर्जरी दोनों की मार्ग उपलब्ध करा दिए हैं। बेरियाट्रिक सर्जरी मोटापे से निजात के लिए आज की सबसे कारगर तकनीक है।
डाॅ एस पी जिंदल ने कहा कि कोरोना के बाद लोगों में कई तरह की समस्याएं देखने को मिल रही है खासकर युवा वर्ग विभिन्न बीमारियांे जैसे – सांस में दिक्कत, घुटनों में दर्द, ब्लड प्रेषर रहना, दिल की बीमारी से ग्रसित हो रहा है। षिविर में ंआए ऐसे युवाओं को बेरियाट्रिक सर्जरी की टीम ने उपयुक्त सलाह दी। उन्होंने कहा कि बेरियाट्रिक सर्जरी बढ़ते मोटापे से बचाव का एक सुरक्षित और बेहतर उपचार है। मोटापा नजदीकी बेरियाट्रिक सर्जन की सलाह पर नियंत्रित किया जा सकता है क्योंकि इसमें फाॅलो-अप की भी जरूरत होती है।
शिविर में फिजियोथैरेपिस्ट डाॅ बी एल गुर्जर ने कहा कि विगत वर्षों में लोगों की लग्जरी लाइफ स्टाइल एवं बदलती जाॅब प्रोफाइल से खान-पान में आए अंतर ने युवाओं का मोटापा बड़ा दिया है। इसके कारण वे शारीरिक दक्षता एवं दैनिक दिनचर्या में भी स्वयं को फिट नहीं पा रहे हैं। ऐसे बहुत से युवा उनके पास पहुंच रहे हैं जिन्हें कमर दर्द, घुटनों का दर्द, कलाई दर्द, गर्दन का दर्द आदि की समस्याएं है। ये समस्याएं उनके वर्क कल्चर के पाॅष्चर में आए बदलाव के कारण खड़ी हो रही है। ऐसे रोगी फिजियोथैरेपिस्ट से समय रहते सम्पर्क करें जिससे उनके शरीर में घर बसाते रोगों को रोका जा सके।
डायटीशियन सुश्री नौषीना खान ने सलाह दी कि आहार और व्यायाम के सही संतुलन से ही मोटापे से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोशिश रहे कि भोजन में तरल पदार्थ जैसे – छाछ, सूप, जूस नींबू पानी, ग्रीन टी, जौ का पानी इत्यादि का सेवन बढ़ाया जाना चाहिए इससे शरीर में जमा टाॅक्सिन कम हो जाते है।उसी से ही मोटापा बढ़ने से बचाव हो जाता है। फिर प्रोटीन, विटामिन, हरी सब्जी और सलाद व फ्रूट को अपने नियमित भोजन में शामिल करें। खाने से 30 मिनट पूर्व व पष्चात पानी का सेवन जरूर करें। खाना खाने के बाद कम से कम 1500 से 2000 कदम नियमित रूप से चलें। ऐसा करने पर यदि कभी-कभी मीठा, तला, भुना आदि खाने का मन भी करें तो उसे स्वाद बदलने की दृष्टि से लें।
निदेशक डाॅ. दिलीप मित्तल ने बताया कि शिविर में पंजीकृत लोगों को बाॅडी मास इंडेक्स जांच, रक्तचाप की जांच, बाॅडी फेट एनालिसिस निःशुल्क किया गया। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त चिकित्सक द्वारा निर्देशित जांचों पर 25 प्रतिशत तक तथा आॅपरेशन व प्रोसीजर्स पर 10 प्रतिशत तक की छूट अगले 7 दिवस तक दी गई है।