सुनील कुमार महलाउस दिन जब तोताराम जी घर आए तो हम सुबह सुबह चाय सुड़क रहे थे। तोताराम जी ने बातों ही बातों में हमसे कहा-‘लेखक भैय्या ! सुना आपने ! अपने ‘टाटा जी’ (टाटा समूह) ने बड़ा कमाल कर दिया। हमने कहा-‘ हां भैय्या तोताराम जी उड़ती उड़ती बातें तो सुनी है अपने ‘टाटा जी’ के बारे में लेकिन आजकल उनकी इतनी चर्चा क्यों हैं ?’ तोताराम जी हमसे बोलें-‘ आप लेखक हैं, आपको इतना भी नहीं पता।’ हमने कहा-‘ वो क्या है कि हम लेखक हैं ना, इसलिए लिखते ही रहते हैं, हमें तो लिखने-लिखाने से ही कहाँ फुर्सत मिलती है। ये अखबार-सखबार, मीडिया-सीडिया, सोशल नेटवर्किंग साइट्स में तो हमारी युवा पीढ़ी अधिक व्यस्त रहती है।’ तो इस पर तोताराम जी अपना व्याख्यान हम पर झाड़ने लगे और हमें बताया कि-‘ अपने ‘टाटा जी’ हैं ना, उन्होंने जमीन की बजाय आसमान में लट्ठ गाड़ दिए हैं। अपने ‘टाटा जी’ ने एक साथ 470 अत्याधुनिक विमानों के ऑर्डर के साथ इतिहास रच दिया है। मानना पड़ेगा ‘टाटा जी’ को। हमारा तो मन कर रहा है कि हम उनको ‘टाटा’ नहीं ‘सैल्यूट’ ही ठोक दें। तोताराम जी ने बताया कि -‘लेखक भैय्या ! मजे की बात यह है कि एयर इंडिया यानी कि टाटा वालों के पास इतना बड़ा ऑर्डर देने के बाद भी 370 जेट और खरीदने का विकल्प बचा हुआ ही है। तोताराम जी ने आगे बताते हुए कहा कि ‘लेखक भैय्या ! अपने ‘टाटा जी’ जरूर ही इन 470 अत्याधुनिक विमानों की खरीद ‘भूगड़ों'( भड़भूजे द्वारा भुने हुए चने) के माकिफ की होगी। चलते-फिरते,बातचीत करते ही उन्होंने एक दो नहीं बल्कि पूरे 470 विमानों का ऑर्डर दे डाला। इस प्रकार तो कोई ‘भूंगड़े’ ही खरीद सकता है। तोताराम जी ने हमें बताया कि-‘ ‘टाटा जी’ के इस फैसले से विमान सेवाओं की दुनिया में भूचाल सा आ गया है। सुना है कि अब भारत के ऊपर से इस साल 19 करोड़ या इससे भी अधिक देशी-विदेशी यात्री किसी चील की भांति हवाई यात्रा करेंगे। भारत की एविएशन सैक्टर की यह रफ्तार देखकर पाकिस्तान जरूर सोच में पड़ गया होगा कि हमारे यहाँ खाने को आटा तक नहीं है और भारत के पास ‘टाटा’ है। भारत के पास ‘टाटा’ भी है, ‘लाटा( अनाज निकालने का स्थान)’ भी है, ‘आटा’ भी है और ‘डाटा’ भी है और हमारे जैसों का(पाकिस्तान, चीन,अमेरिका, अफगानिस्तान, तालिबान) सिर फोड़ने के लिए ‘भाटा’ भी है। पाकिस्तान यह सोच रहा होगा कि हमारे पास तो ‘परमाणु बम’ और ‘मिसाइलें’ तक चोरी की है, कल को अगर इनको खुले में (आसमां में) छोड़ना भी पड़ गया तो पाकिस्तान को अच्छी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि ‘टाटा जी’ की मेहरबानी से अब ‘सारा आकाश’ भी उनका होने जा रहा है। बेचारे पाकिस्तान को कहीं से भी चैन नहीं है। उधर, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी उसे और अधिक कर्ज देने से साफ-साफ मना कर दिया। अमेरिका व चीन ने भी उनके भिखमंगे कटोरे में सिक्के डालने बंद कर दिए। तोताराम जी ने बताया कि -‘लेखक भैय्या ! अपने ‘टाटा जी’ ने पाकिस्तान ही नहीं ‘अमेरिका दादा’ तक को घोर चिंता में डाल दिया है। वो क्या है कि अपने ‘टाटा जी’ ने अमेरिकी एयरलाइंस के वर्ष 2011 के 460 विमानों के ऑर्डर की भी बाट लगाकर विश्व रिकॉर्ड को अपने नाम पर चेंप दिया है। अब रूस-यूक्रेन जंग के बीच अमरीका को ‘भारत के रिएक्शन’ पर भी शायद निराशा व आपत्ति उत्पन्न नहीं होगी, क्योंकि कि अमेरिका यह सोच रहा होगा कि जिस देश का एक आदमी (मतलब टाटा ग्रुप) इतने विमानों की खेप का एकसाथ ऑर्डर प्लेस कर सकता है, वह सारा देश मिलकर तो कभी भी कुछ भी कर सकता है। अब अमेरिका वाले भारत के संबंध में ‘मुकेश जी’ के गाए इस गीत का मुखड़ा भी अवश्य गुनगुनायेंगे-‘जो तुमको हो पसंद वही बात कहेंगे…जो तुमको हो पसंद वही बात कहेंगे…तुम दिन को अगर रात कहो तो रात कहेंगे…!’