जयपुर एयरपोर्ट के डिपार्चर गेट पर 2 डी बार कोड रीडर लगा

एयरपोर्ट पर यात्री प्रस्थान के लिए JIAL की नवीन पहल
फर्जी टिकट व रद्द हो चुकी फ्लाइट के यात्री नहीं कर सकेंगे एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश, पीक ऑवर्स में एयरपोर्ट डिपार्चर गेट पर कम होंगी कतारें

जयपुर। जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रशासन ने एयरपोर्ट के डिपार्चर गेट पर 2 डी बार कोड रीडर लगाए हैं। एयरपोर्ट प्रशासन की इस पहल से यात्रियों को सुविधाजनक तरीके से एयरपोर्ट बिल्डिंग में प्रवेश मिल सकेगा। सीआईएसएफ के सुरक्षा जवान अब टिकट या बोर्डिंग पास को मैनुअली पढ़ने के बजाय बार कोड से स्कैन कर सकेंगे।
एयर टिकट या बोर्डिंग पास को यात्री हार्ड कॉपी या फिर मोबाइल में दिखाकर एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश कर सकेंगे। इससे एयरपोर्ट के डिपार्चर गेट पर पीक ऑवर्स और छुट्टियों के दौरान लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिल सकेगी। इससे प्रत्येक यात्री के टिकट जांचने में लगने वाले 20 से 25 सैकंड के समय की बचत भी होगी। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गेट संख्या 1 पर एक तरफ 2 डी बार कोड रीडर लगाया जा चुका है। जल्द ही 3 अन्य बचे हुए काउंटर्स पर भी इसे लगाया जाएगा। खास बात यह है कि बार कोड रीडर लगाए जाने से फर्जी टिकट धारक एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इससे एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था में मदद मिलेगी। साथ ही जिन यात्रियों की फ्लाइट रद्द हो चुकी होगी, उन्हें भी एयरपोर्ट बिल्डिंग के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
एयरपोर्ट पहुंचने से पहले वेब चैक इन कर चुके यात्रियों को इस दौरान तुरंत प्रवेश मिल सकेगा। यात्रियों के बोर्डिंग पास हार्ड कॉपी या डिजिटल फॉर्म में स्कैन किए जा सकेंगे। हालांकि यात्रियों को आधार कार्ड या अन्य आईडी पूर्ववत डिपार्चर गेट पर दिखानी होगी। एयरपोर्ट प्रशासन यात्रियों के सुविधाजनक आवागमन के लिए लगातार अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है। इससे पहले टर्मिनल बिल्डिंग के अंदर 3 ई-बोर्डिंग गेट भी लगाए जा चुके हैं। इससे सिक्योरिटी होल्ड एरिया में सुरक्षा जांच के दौरान लगने वाले समय में कमी आई है।

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