नसीराबाद कस्बे की पेयजल व्यवस्था लड़खड़ाई

आउटडेटेड पंपिंग मशीनो को भी बदलने की दरकार
स्टोरेज टैंक मरमत कार्य भी बना बाधक

नसीराबाद 22 मार्च (अजीत सेठी) केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन स्थानीय निकाय छावनी परिषद के द्वारा कस्बे में पेयजल आपूर्ति की जाती है।
कुछ समय से पेयजल आपूर्ति निर्धारित समय पर नहीं होने से कस्बेवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार छावनी परिषद के द्वारा जर्जर हुए स्टोरेज टैंक का मरम्मत कार्य करवाया जा रहा है।
उक्त कार्य को करने के लिए तत्कालीन सीईओ उमेश पारीक के समय एक फर्म को लाखों रुपए का मरम्मत कार्य का ठेका दिया गया था । किंतु कार्य शुरू नहीं हुआ था।
छावनी परिषद के सीईओ डॉक्टर नीतिश गुप्ता ने कार्यभार ग्रहण करने की पश्चात कस्बे की मुख्य समस्याओं को लेकर निर्णय लेते हुए स्टोरेज टैंक के मरम्मत कार्य को प्राथमिकता देते हुए शुरू करवाया तथा कस्बे की पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए भी कुछ दिन पूर्व ही पोस्टल कॉलोनी से गांधी चौक स्थित पाइपलाइन डालने के कार्य को भी शुरू करवा दिया गया।
जानकारी के अनुसार छावनी परिषद को पेयजल सप्लाई जलदाय विभाग के टैंक नंबर 13 से मिलती है किंतु छावनी परिषद के टैंक पर तैनात पंपिंग ड्राइवरो की अनदेखी के कारण सप्लाई समय पर नहीं मिल पाने के कारण कस्बे में पेयजल आपूर्ति समय पर नहीं होने से लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वही जानकारी के अनुसार टैंक के मरम्मत कार्य के लिए पंपिंग मशीने उक्त टैंक से हटाई गई थी जिसके कारण वर्तमान में एक पंपिंग मशीन ही संचालित हैं।
ठेकेदार के द्वारा टैंक की आरसी सी की छत तो डाल दी गई है।किंतु खोला गया सिस्टम उक्त टैंक में वापस नहीं लगाया गया जिसके कारण भी पेयजल आपूर्ति में समस्या उत्पन्न हो रही है।

कस्बे में पेयजल आपूर्ति छावनी परिषद के द्वारा सुबह 5 बजे ही कर दी जाती थी किंतु कुछ दिनों से पेयजल आपूर्ति का समय पर नही होने से कस्बेवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है पेयजल आपूर्ति के समय में बदलाव होने की सूचना भी कस्बे वासियों को नहीं मिल पाती है। जिसके कारण कस्बे वासी पानी आने का इंतजार करते रहते हैं।
निर्धारित आपूर्ति समय में बदलाव की दी जाये सूचना — कस्बे वासियों का कहना है कि यदि पेयजल आपूर्ति सुबह 5 बजे निर्धारित समय पर नहीं होनी हो तो छावनी परिषद के द्वारा सोशल मीडिया या मीडिया के द्वारा सूचना देने की व्यवस्था की जाए जिससे कि कस्बे वासियों को पेयजल आपूर्ति के समय की सूचना मिल पाए।

पंपिंग मशीनों के बदलने की दरकार —-
छावनी परिषद के द्वारा सन 1995 में कस्बे की पेयजल सप्लाई के लिए पंपिंग स्टेशन बनाया गया था ।
उसी समय करीब साढ़े लाख गैलन के पानी के स्टोरेज टैंक भी बनाए गए थे सन 1995 में कस्बे की जनसंख्या करीब 25000 थी वर्तमान में कस्बे की जनसंख्या 50000 के बाद होने के पश्चात भी छावनी परिषद के द्वारा स्टोरेज टैंको की क्षमता नहीं बढ़ाएगी जिसके कारण जलदाय विभाग के द्वारा पानी की सप्लाई नहीं मिल पाने पर कस्बे की पेयजल संकट से जूझना पड़ता है।
वही जानकारी के अनुसार सन 1995 में पंपिंग मशीने लगाई गई जो कि काफी पुरानी हो जाने पंपिंग मशीन आउटडेटेड हो चुकी है जिसके कारण जलदाय विभाग के टैंक से पानी सप्लाई लेने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यदि पंपिंग मशीने भी बदल दी जाएगी तो काफी हद तक पेयजल समस्या से लोगों को राहत मिल सकती है।
छावनी परिषद के वर्तमान सीईओ डॉक्टर नीतिश गुप्ता के द्वारा कस्बे की समस्याओं को लेकर गंभीरता दिखाने से लोगों को सीईओ गुप्ता से उम्मीद बंधी है कि उक्त पेयजल समस्या का भी शीघ्र समाधान कराकर लोगों को राहत दिला पाएंगे।

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