-जिले को बीसलपुर से मिलेगा 2.6 टीएमसी अतिरिक्त पानी, 1041 करोड़ की योजना पर काम शुरू
-विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की पहल लाएगी रंग
-देवनानी ने जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता (तकनीकी) को दिए निर्देश
-28 करोड़ की लागत से बनेगा अजमेर के लिए इनटेक वैल
👉पेयजल की कमी से जूझ रहे अजमेर जिले के लिए बड़ी और सुखद खबर है। जिले में पेयजल किल्लत जल्द खत्म होने वाली है। इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जो पहल शुरू की है, उसके जल्द ही सुखद परिणाम सामने आने वाले हैं। देवनानी के निर्देश के बाद अजमेर जिले को पेयजल सप्लाई के लिए 1041 करोड़ रूपए की योजना ने गति पकड़ ली है। इस योजना के तहत काम होने से अजमेर जिले को वर्तमान में मिल रहे 5 टीएमसी पानी के अतिरिक्त 2.6 टीएमसी यानी कुल 7.6 टीएमसी पानी मिलने लगेगा। प्रेम आनंदकरअजमेर जिले को सप्लाई के लिए 28 करोड़ रूपए की लागत से इनटेक वैल का काम भी शीघ्र शुरू होगा। देवनानी ने जलदाय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अजमेर जिले के लिए बनी 1041 करोड़ की पेयजल योजना का काम शीघ्र शुरू करने और रूके हुए टेण्डर जल्द जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता तकनीकी संदीप शर्मा से इस संबंध में विस्तृत चर्चा कर दिशा-निर्देश दिए हैं। देवनानी ने बताया कि बीसलपुर योजना से अजमेर जिले को पेयजल सप्लाई के लिए 1041 करोड़ रूपए की विस्तृत योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत लम्बे समय से अटके टेण्डर और कार्यादेश शीघ्र जारी किए जाएंगे। उन्होंने जलदाय विभाग को अपनी कार्यशैली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। देवनानी ने बताया कि बीसलपुर योजना तृतीय चरण के तहत यह काम शुरू करवाए जाएंगे। अजमेर जिले को पेयजल सप्लाई के लिए 28 करोड़ रूपए की लागत से इनटेक वैल बनाया जाएगा। इस वैल के बनने से जिले को पेयजल सप्लाई और अधिक तेज होगी। अजमेर जिले को वर्तमान में 5 टीएमसी पानी प्रतिदिन मिल रहा है। यह पानी बढ़कर 7.6 टीएमसी प्रतिदिन हो जाएगा। योजना में 75 प्रतिशत राज्य सरकार एवं 25 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार दे रही है। देवनानी ने बताया कि योजना के तहत एक नई पाइप लाइन डाली जाएगी, जिसकी क्षमता वर्तमान पाइप लाइनों से काफी अधिक होगी। बीसलपुर से केकड़ी, केकड़ी से नसीराबाद तथा नसीराबाद से अजमेर के लिए विभिन्न चरणों में पेयजल योजना के सशक्तिकरण पर काम किया जाएगा। इसके तहत जितने भी टेण्डर हैं, उन्हें शीघ्र जारी किया जाएगा। वर्तमान पम्पिंग स्टेशनों पर ट्रिपिंग रोकने के लिए 5 करोड़ रूपए की योजना बनाई गई है। इस राशि से पम्पिंग स्टेशनों पर बीटीएस सिस्टम लागू किया जाएगा। इसी तरह कुएं, बावड़ियों एवं छोटे तालाबों को भी वैकल्पिक पेयजल सप्लाई के लिए तैयार किया जाएगा। देवननी ने बताया कि पेयजल सशक्तिकरण का कार्य चार चरणों में होगा। यह योजना वर्ष 2053 तक की पेयजल आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। पहले चरण के तहत बीसलपुर बांध पर 28 करोड़ रूपए की लागत से एक और इनटेक वैल बनाया जाएगा। दूसरे चरण में बीसलपुर से केकड़ी तक करीब 41 किलोमीटर लम्बी 1800 एमएम की पाइप लाइन बिछेगी। केकड़ी में 160 एमएलटी का फिल्टर प्लांट भी बनेगा। इस कार्य पर 291 करोड़ रूपए की लागत आएगी। तीसरे चरण के तहत केकड़ी से नसीराबाद तक 1500 एमएम 59 किलोमीटर लम्बी लाइन बिछेगी। इस पर 423 करोड़ रूपए खर्चा आएगा। इसी तरह 299 करोड़ रूपए की लागत से चौथे चरण के तहत विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे। देवनानी ने बताया कि इसी तरह जलदाय विभाग को अजमेर तक नई स्टील पाइप लाइन एवं अन्य प्रस्तावों पर शीघ्र काम शुरू करने के निर्देश दिए गए है। ✍️प्रेम आनन्दकर, अजमेर।
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