नाथद्वारा । (चंदन मिश्रा) नाथद्वारा नगर की यमुना स्वरूप बनास नदी पर स्थित 100 साल से भी अधिक पुराना पुल जिसे नगर की धरोहर और विरासत कहा जाता है, आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। मुक्तिधाम स्थित ये पुल जो कि शहर के आस पास के कई गांवों में जाने के मुख्य रास्ता है। इस पुल से रोजाना कई भारी वाहनों, स्कूल बसों, टैक्टर का गुजरना होता है।जिस से कई बार घंटों जाम भी लगा रहता है। वर्तमान में पुल के हालात बद से बत्तर हैं। 100 साल से भी अधिक पुराने इस पुल में जगह-जगह दरारें पड़ गई है, क्षतिग्रस्त है। जो कि किसी बड़े हादसे को निमंत्रण देता हुआ साफ तौर पर नजर आ रहा है। समय समय पर नगर के कई समाजसेवी संगठनों एवं जागरूक नागरिकों, स्थानीय वासिदों ने पुल की जर्जर अवस्था को देखते हुए समय-समय पर प्रशासन को अवगत कराया। इस संदर्भ में अधिकारियों द्वारा सिर्फ खाना पूर्ति कर आश्वासन दिया गया। वहीं दूसरी तरफ कई राजनीतिक दलों ने अपने चुनावी वादों में यमुना विकास योजना, पुल नवनिर्माण योजना को शामिल तो किया लेकिन सुध नहीं ली। स्थानीय निवासियो का कहना है पुल मे जगह-जगह दरारें पड़ जाने के कारण यह पुल क्षतिग्रस्त पड़ा है जिसकी जानकारी समय-समय पर संबंधित अधिकारियों को दी गई है। लोगों का कहना है कि समय रहते अगर इस पुल की सुध बुध नहीं ली तो आने वाले समय में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।