महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर का स्वराज सभागार आज उस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाली “युवा उद्यमिता यात्रा” का भव्य शुभारंभ हुआ। स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वदेशी स्वावलंबी भारत अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने केवल एक औपचारिक शुरुआत नहीं की, बल्कि युवाओं के भीतर आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और नवाचार की नई चेतना जागृत करने का कार्य किया।
कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संगठक श्री सतीश कुमार जी ने अपने विचारों से कार्यक्रम को दिशा दी, वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय संगठक श्री निम्बा राम जी ने प्रेरक मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री राधेश्याम चोयल ने “युवा उद्यमिता यात्रा” की संकल्पना को विस्तार से रखते हुए इसे एक संगठित सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का अभियान बताया। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी की तलाश में नहीं, बल्कि अपने सपनों को साकार करने की क्षमता रखता है—आवश्यकता है सही मार्गदर्शन और सशक्त मंच की। उन्होंने बताया कि यह यात्रा युवाओं को केवल प्रेरित नहीं करेगी, बल्कि उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण, वित्तीय मार्गदर्शन, कौशल विकास और बाजार से जोड़ने का संपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। यह पहल एक ऐसे इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में कदम है, जहां युवा अपने विचारों को वास्तविक उद्यम में बदल सकें।
अपने प्रभावशाली उद्बोधन में श्री सतीश कुमार जी ने युवाओं को सोच के स्तर पर परिवर्तन का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में सभी के लिए नौकरी उपलब्ध होना संभव नहीं है, इसलिए युवाओं को अपने भीतर की क्षमता को पहचानकर स्वरोजगार और उद्यमिता को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि—
“रोजगार का अर्थ केवल नौकरी नहीं, बल्कि अपनी क्षमता से आर्थिक सृजन करना है।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत को “शून्य बेरोजगारी” की दिशा में आगे बढ़ना है और इसके लिए उद्यमिता ही सबसे प्रभावी माध्यम है। अपने उद्बोधन में उन्होंने वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से यह सिद्ध किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी दृढ़ संकल्प और मेहनत से बड़े स्तर पर सफलता प्राप्त की जा सकती है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक श्री निम्बा राम जी ने अपने उद्बोधन में भारतीय समाज की परंपरागत आत्मनिर्भर व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में कभी बेरोजगारी जैसी स्थिति नहीं थी, क्योंकि हर व्यक्ति किसी न किसी उत्पादक कार्य से जुड़ा रहता था। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे अपने आसपास उपलब्ध संसाधनों—चाहे वह कृषि हो, जड़ी-बूटियां हों या स्थानीय कौशल—को पहचानें और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़कर नए उद्यम विकसित करें। उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सतत मार्गदर्शन और काउंसलिंग तंत्र का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने अपने विचारों में इस बात पर विशेष बल दिया कि उद्यमिता की शुरुआत मानसिकता से होती है। उन्होंने कहा कि यदि युवा यह ठान लें कि वे कुछ कर सकते हैं, तो संसाधनों की कमी कभी बाधा नहीं बनती। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नौकरी पाने की मानसिकता से बाहर निकलकर रोजगार देने वाले बनने का संकल्प लें। उन्होंने उद्यमिता को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक उन्नति नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व का भी प्रतीक है।
कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के लिए तैयार करना है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने हेतु विभिन्न योजनाएं प्रारंभ की हैं, जिनमें “Learn, Earn and Perform” जैसी पहल शामिल है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे स्वयं को जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर के रूप में विकसित करें।
यह यात्रा राजस्थान के विभिन्न जिलों में आयोजित की जाएगी, जहां हजारों युवाओं को जोड़कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जाएगा। चयनित युवाओं को बूट कैंप, मेंटरशिप और निरंतर हैंडहोल्डिंग के माध्यम से उनके उद्यम को स्थापित करने में सहायता दी जाएगी। उन्होने कहा कि “युवा उद्यमिता यात्रा” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक-आर्थिक आंदोलन का प्रारंभ है। अजमेर से उठी यह पहल आने वाले समय में देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेगी।
इस अवसर पर श्रीमान लोकेंद्र जी नरूका, स्वावलंबी भारत अभियान के क्षेत्रीय समन्वयक, डॉ. संत कुमार, चित्तौड़ प्रांत संयोजक, स्वदेशी जागरण मंच, डॉ. कुलदीप सिंह, प्रांत युवा आयाम प्रमुख, बलराज, जिला स्वदेशी स्वावलंबन अभियान समन्वयक, श्री राकेश, चित्तौड़ प्रांत के पूर्णकालिक कार्यकर्ता, डॉ. ज्योति वर्मा, सह प्रांत संयोजक, स्वदेशी जागरण मंच, चित्तौड़ प्रांत, तथा महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के प्रो शिव प्रसाद, प्रोफेसर अरविंद पारिक, प्रोफेसर सुभाष चंद्र, प्रोफेसर ऋतु माथुर और प्रोफेसर सुब्रतो दत्ता, वित्त नियंत्रक सुश्री नेहा शर्मा, कुलदीप सिंह शेखावत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक श्री शिवराज जी एवं अजमेर महानगर संघचालक श्री खाजूलाल चौहान भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कुल सचिव कैलाश चंद्र शर्मा ने आभार ज्ञापन किया |