ग़ज़लकार विज्ञान व्रत, गीतकार गरिमा सक्सेना और कवि ज्वाला सांध्य पुष्प को मिलेगा डॉ शांति कुमारी सम्मान

चयन समिति ने की घोषणा, 10 जुलाई को शहर में किया जायेगा सम्मानित
मुजफ्फरपुऱ. वर्ष 2026 का डॉ शांति कुमारी सेवा सम्मान देश के तीन साहित्यकारों को दिया जायेगा. लोकभाषा में बज्जिका साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिये ज्वाला सांध्य पुष्प ,वैशाली , गजल के क्षेत्र में सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार विज्ञान व्रत, नई दिल्ली और गीत के लिये कर्नाटक से गरिमा सक्सेना का चयन किया गया. वेबिनार के तहत वृहस्पतिवार को हुई बैठक में चयन समिति ने विचार-विमर्श के बाद इन नामों की घोषणा की. बैठक की अध्यक्षता अनिरुद्ध सिन्हा ने की. राहुुल शिवाय ने विषय प्रवेश कराते हुए कार्यक्रम की प्रासंगिकता और सार्थकता पर अपनी बात रखी. दिनेश प्रभात ने गीत सम्मान हेतु कर्नाटक के गरिमा सक्सेना , आलोचक डाॅ जियाउर रहमान जाफरी तथा गोपाल फलक ने  लोक भाषा बज्जिका के लिये ज्वाला सांध्य पुष्प और हरेराम समीप ने गजल के क्षेत्र में विज्ञान व्रत नाम प्रस्तावित किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया. गज़लकार  अमर पंकज ने कहा कि गीत, ग़ज़ल व लोकभाषा के क्षेत्र में दिया जाने वाला यह सम्मान पूरे देश में चर्चित है. डाॅ पंकज कर्ण ने कहा कि सही और सार्थक चयन इस सम्मान की विशेषता है. अनिरुद्ध सिन्हा ने कहा कि मां के नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान देश की तमाम माताओं का सम्मान है. राहुल शिवाय ने कहा कि हिंदी ग़ज़ल के क्षेत्र में विज्ञान व्रत का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं वहीं गीत के क्षेत्र में गरिमा  का योगदान भी अविस्मरणीय है. चयन समिति में दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ अमरनाथ पंकज, भोपाल के दिनेश प्रभात, साहित्यकार व आलोचक अनिरुद्ध सिन्हा, जगन्नाथ मिश्र महाविद्यालय के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ पंकज कर्ण, चित्रकार गोपाल फलक, विनय कुमार, राहुल शिवाय, अविनाश भारती व विजय कुमार शामिल थे
डॉ शांति कुमारी सेवा संस्थान की सचिव डॉ भावना ने बताया कि संस्था की ओर से डॉ शांति कुमारी सेवा सम्मान साहित्य की विभिन्न विधाओं में दिया जाने वाला सम्मान है, जो पिछले चार वर्षो से देश के चुंनिंदा रचनाकारों को दिया जा रहा है. पूर्व में यह सम्मान गजल के लिये अनिरुद्ध सिन्हा,  बीएचयू के हिंदी विभागाध्यक्ष वशिष्ठ अनूप, ओमप्रकाश यती, विजय कुमार स्वर्णकार, गीत सम्मान भोपाल के दिनेश प्रभात, दिल्ली के राहुल शिवाय, यूपी के अवनीश त्रिपाठी,हीरालाल मिश्र मधुकर, लोक भाषा सम्मान महाकवि अवधेश्वर अरुण, शारदा चरण और रामानंद सिंह,रामनरेश शर्मा को दिया जा चुका है. इस वर्ष यह कार्यक्रम 10 जुलाई को शिक्षाविद् और साहित्यकार डॉ शांति कुमारी की जयंती पर आयोजित होगा. सभी चयनित साहित्यकारों को 5100 रूपये, यात्रा-भत्ता, शॉल और प्रतीक चिह्न दिया जायेगा.
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