विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रयासों से अजमेर उत्तर की जलापूर्ति व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

अमृत 2.0 के तहत 56.95 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृतजल दबाव और आपूर्ति में होगा व्यापक सुधार

अजमेर, 6 अगस्त। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी के सतत प्रयासों से अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ी सौगात मिली है। भारत सरकार की अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 56 करोड़ 95 लाख 88 हजार रुपये की लागत से विभिन्न जलापूर्ति संबंधी कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के पूर्ण होने से अजमेर उत्तर के अनेक क्षेत्रों में जल उपलब्धताजल दबाव तथा वितरण व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा।

अमृत 2.0 योजना के तहत शहरी जलापूर्ति व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए भारत सरकार ने 26 अक्टूबर 2021 को योजना का शुभारम्भ किया था। इसी क्रम में अजमेर शहरी जल प्रदाय योजना के लिए 186.17 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति फरवरी 2023 को जारी की गई थी। योजना की संशोधित तकनीकी स्वीकृति तकनीकी समिति की 783वीं बैठक 29 जुलाई 2026 में 131.07 करोड़ रुपये की लागत से अनुमोदित की गई। इसमें अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कार्य शामिल किए गए हैं।

अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 322.10 लाख रुपये की लागत से वरुण सागर में एमएलडी क्षमता का नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके निर्माण से प्रतिदिन अतिरिक्त एमएलडी शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। इससे अजमेर उत्तर के अंतिम छोर तक जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पानी की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

क्षेत्र में जल भंडारण क्षमता बढ़ाने और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पांच नए स्वच्छ जलाशयों का निर्माण किया जाएगा। इनमें छतरी योजना में 700 केएल क्षमता का जलाशय 95 लाख रुपयेपंचशील ए ब्लॉक में 500 केएल क्षमता का जलाशय 80 लाख रुपयेज्ञान विहार में 500 केएल क्षमता का जलाशय 80 लाख रुपयेकरणी विहार में 300 केएल क्षमता का जलाशय 50 लाख रुपयेबन्दिया क्षेत्र में 500 केएल क्षमता का जलाशय 80 लाख रुपये से निर्माण करवाया जाएगा। इन जलाशयों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों में पर्याप्त जल दबाव के साथ निर्धारित समय पर पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

इसके अतिरिक्त 57 लाख रुपये की लागत से वरुण सागर में 500 केएल क्षमता का स्वच्छ जलाशय बनाया जाएगा। इससे जल भंडारण क्षमता बढ़ने के साथ विधानसभा क्षेत्र के अंतिम छोर तक जल उत्पादन एवं वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

जल वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 46.35 करोड़ रुपये की लागत से राइजिंग मेन एवं वितरण पाइपलाइन का कार्य कराया जाएगा। इस कार्य के पूर्ण होने पर नगर निगम अजमेर क्षेत्र के कम जल दबाव वाले इलाकों में पर्याप्त प्रेशर उपलब्ध होगा तथा जल वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी और सुचारु बन सकेगी।

इसी प्रकार 296.19 लाख रुपये की लागत से सेंट फ्रांसिस चिकित्सालय के सामने रेलवे क्रॉसिंग क्षेत्र में पुरानी एवं लीकेज वाली मुख्य वितरण पाइपलाइन को बदला जाएगा। इससे जल रिसाव में कमी आएगीजल हानि रुकेगी एवं आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा।

अजमेर शहर की पेयजल व्यवस्था का मुख्य स्त्रोत बीसलपुर बांध है। बांध से पंपिंग के माध्यम से प्राप्त जल को अजमेर से लगभग 10 किलोमीटर पूर्व नसीराबाद रोड स्थित एसआर-परिसर में निर्मित 25 एमएल एवं 75 एमएल क्षमता के जलाशयों में संग्रहित किया जाता है। इसके बाद 800, 700 तथा 1000 मिमी व्यास की मुख्य वितरण पाइपलाइनों के माध्यम से ग्रेविटी प्रणाली द्वारा अजमेर उत्तर एवं अजमेर दक्षिण क्षेत्रों में जलापूर्ति की जाती है। वर्तमान में अजमेर शहर की जलापूर्ति 281 जलापूर्ति जोनों के माध्यम से संचालित की जाती हैजिनमें 153 जोन अजमेर उत्तर तथा 128 जोन अजमेर दक्षिण के अंतर्गत आते हैं।

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