फोर्टिस हेल्थकेयर में लगेगा भारत का पहला अपराइट प्रोटोन थेरेपी सिस्टम, प्रिसीजन कैंसर केयर को उन्नत बनाने में मिलेगी मदद

फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम में लगाया जाएगा लियो कैंसर केयर की Marie®अपराइट पॉज़ीशनिंग टेक्नोलॉजी से सुसज्जित MEVION S250-FIT प्रोटोन थेरेपी सिस्टम   

नई दिल्ली, 07 सितंबर, 2026: आईएचएच हेल्थकेयर ग्रुप के अंतर्गत फोर्टिस हेल्थकेयर ने गुड़गांव स्थित अपने क्वाटर्नरी-केयर हॉस्पीटल तथा ओंकोलॉजी एवं प्रिसीजन कैंसर केयर के क्षेत्र में अग्रणी फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम में MEVION S250-FIT™  प्रोटोन थेरेपी सिस्टम लगाने की अपनी योजना की आज घोषणा की है।

रेसर्च लैबोरेट्रीज़ (RaySearch Laboratories) के ट्रीटमेंट प्लानिंग सॉफ्टवेयर RayStation® से सुसज्जित, लियो कैंसर केयर के Marie® अपराइट पेशेंट पॉज़िशनिंग एंड इमेजिंग सॉल्यूशन के के इंस्टॉल होने के बाद, फोर्टिस देश का ऐसा पहला हेल्थकेयर प्रदाता बन जाएगा जो अपराइट प्रोटोन थेरेपी उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। यह देश में पहला लियो कैंसर केयर सिस्टम होगा।

इंस्टॉलेशन के लिए जरूरी विनियामक मंजूरी मिलने और साइट को आवश्यकतानुसार तैयार किए जाने के बाद, एफएमआरआई में भारत की प्रिसीजन-ओंकोलॉजी क्षमताओं में वृद्धि होगी और वयस्कों एवं बच्चों में कैंसर के कुछ चुनींदा मामलों के लिए बेहद लक्षित रेडिएशन उपचार सुविधाओं में विस्तार होगा।

पारंपरिक रेडिएशन थेरेपी की तुलना में, जिसके लिए एक्स-रे का इस्तेमाल होता है जो शरीर से गुजरते हुए लगातार रेडिएशन करता है, प्रोटोन थेरेपी सीधे ट्यूमर पर लक्षित निश्चित रेडिएशन डोज़ पहुंचाती है और इससे फालतू रेडिएशन न्यूनतम होता है। इस तरह, डॉक्टरों को

अधिक सटीक तरीके से कैंसर पर वार करने का मौका मिलता है जबकि आसपास के स्वस्थ ऊतकों (टिश्यू) और महत्वपूर्ण अंगों (ऑर्गन्स) पर रेडिएशन एक्सपोज़र कम रहता है।

यह सटीक उपचार विधि कुछ चुनींदा पिडियाट्रिक कैंसर और मस्तिष्क, मेरूदंड, हृदय एवं फेफड़ों जैसे बेहद नाजुक तथा महत्वपूर्ण अंगों के आसपास स्थित ट्यूमर को लक्षित करने में काफी उपयोगी साबित होती है।

इस नए सिस्टम में अल्ट्रा-कॉम्पैक्ट प्रोटोन एक्सलरेटर तथा स्थिर-बीम डिलीवरी आर्किटेक्टचर के साथ 360-डिग्री अपराइट पेशेंट पॉज़िशनिंग प्लेटफार्म तथा एकीकृत सीटी इमेजिंग का इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह से, यह टेबल पर लेटे हुए मरीज के चारों ओर बड़े आकार की ट्रीटमेंट गैन्ट्री को घुमाने की बजाय मरीज को स्थिर प्रोटोन बीम के सामने बैठे रहकर उपचार प्राप्त करने में मदद करती है।

बैठने की अवस्था में उपचार लेना किसी भी मरीज के लिए अधिक सहज और आरामदायक अनुभव होता है क्योंकि कई बार दर्द की वजह लेटने पर परेशानी होती है, सांस लेने में भी कठिनाई हो सकती है और मोबिलिटी भी सीमित होती, और ये परिस्थितियां कुल-मिलाकर मरीज की चिंता बढ़ा सकती है। इसके ओपन डिजाइन के चलते मरीज को बंद हो जाने वाला अहसास नहीं होता तथा वे पॉज़िशनिंग एवं उपचार के दौरान क्लीनिकल टीम के साथ बेहतर तालमेल बना सकते हैं।

यह प्लेटफार्म उपचार के दौरान अपराइट सीटी इमेजिंग को भी संभव बनाता है, जिससे क्लीनिशियन उसी अवस्था में मरीजों की इमेजिंग, पॉज़िशनिंग कर पाते हैं। इससे बेहतर एलाइनमेंट, एनाटॉमिकल निरंतरता तथा एडवांस इमेज-गाइडेड ट्रीटमेंट वर्कफ्लो को सपोर्ट मिलता है।

इन एडवांस वर्कफ्लो को प्रोटोन ट्रीटमेंट प्लानिंग के लिए अग्रणी सॉफ्टवेयर रेस्टेशन (RayStation) का सपोर्ट हासिल है, जिसमें एक ही सिस्टम में एडवांस टैक्नोलॉजी का मेल कराया गया है। पार्टिकल थेरेपी के क्षेत्र में नवाचार तथा इस क्षेत्र में जारी शोध एवं विकास (आर एंड डी) पर निवेश के चलते, रेसर्च (RaySearch) दुनियाभर मे प्रोटोन थेरेपी केंद्रों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए रेस्टेशन को उन्नत बनाने के लिए समर्पित है।

इस सिस्टम के कॉम्पैक्ट आर्किटेक्चर के चलते एफएमआरआई की मौजूदा इमारत में ही इंस्टॉलेशन करना संभव होगा, जबकि पारंपरिक गैन्ट्री-आधारित प्रोटोन थेरेपी सिस्टम को लगाने के लिए कहीं अधिक स्थान और इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होती है। प्रोटोन थेरेपी से पारंपरिक तौर पर जुड़ी निर्माण संबंधी जरूरतों को कम करते हुए, यह टैक्नोलॉजी पहले से कार्यरत कैंसर सेंटर में उन्नत उपचार क्षमताओं का रास्ता आसान बनाती है।

एफएमआरआई में पहले से फोर्टिस कैंसर इंस्टीट्यूट कार्यरत है जो एक विस्तृत ओंकोलॉजी सेंटर है जहां मेडिकल, सर्जिकल तथा रेडिएशन ओंकोलॉजी, प्रिसीजन डायग्नॉस्टिक्स, तथा मल्टीडिसीप्लीनरी क्लीनिकल विशेषज्ञता को उपलब्ध कराया गया है। प्रस्तावित इंस्टॉलेशन के बाद एडवांस और पर्सनलाइज़्ड कैंसर-केयर क्षमताओं को मजबूती मिलेगी।

डॉ आशुतोष रघुवंशी, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, फोर्टिस हेल्थकेयर ने कहा, “भारत में बढ़ते कैंसर के मामलों के मद्देनज़र अब डायग्नॉसिस के पुराने तौर-तरीकों में बदलाव करना जरूरी है, साथ ही, उपचार में अधिक सटीकता और एडवांस ओंकोलॉजी केयर तक अधिक व्यापक रूप से एक्सेस सुविधा भी सुनिश्चित करनी होगी। स्वास्थ्यसेवा प्रदाताओं के तौर पर, ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना हमारा दायित्व है जहां वैश्विक स्तर पर अग्रणी टैक्नोलॉजी का मेल मजबूत क्लीनिकल विशेषज्ञता से कराया गया हो और अधिकाधिक मरीजों तक इन्हें उपलब्ध कराया जाए।
एफएमआरआई में प्रस्तावित MEVION S250-FIT™ प्रोटोन थेरेपी सिस्टम हमारी इसी सोच को दर्शाता है। भारत के पहले अपराइट प्रोटोन थेरेपी सिस्टम को पेश करने के अलावा यह देश की प्रिसीजन-ओंकोलॉजी क्षमताओं को मजबूत बनाने की दिशा में बढ़ाया गया कदम है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी बाधाओं को दूर करने के साथ-साथ अधिक मरीज-केंद्रित तथा भविष्य के लिए तैयार कैंसर-केयर इकोसिस्टम तैयार करने में मददगार साबित होगा।”
स्टीफन टो, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, लियो कैंसर केयर ने कहा, “फोर्टिस हेल्थकेयर का यह कदम लियो कैंसर केयर के महत्वपूर्ण अवसर है। भारत हमारे लिए एक नया क्षेत्र है, और हमें गर्व है कि देश में हमारा पहला सिस्टम फोर्टिस और आईएचएच हेल्थकेयर के सहयोग से उपलब्ध कराया जाएगा।

यह प्रोजेक्ट बखूबी दिखलाता है कि अपराइट रेडियोथेरेपी क्यों महत्वपूर्ण है। बड़े आकार की रोटेटिंग गैन्ट्री के स्थान पर MEVION S250-FIT के इस्तेमाल से मौजूदा इमारत में ही प्रोटोन थेरेपी को भी उपलब्ध कराया जा सकता है जहां अन्य किसी प्रकार का प्रोटोन सिस्टम लगाना संभव नहीं होता। हम मिलकर, इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी इस अड़चन को दूर कर मरीजों के लिए प्रोटोन थेरेपी को अधिक सुलभ बना सकते हैं।”

पारंपरिक प्रोटोन थेरेपी सुविधा के लिए आमतौर पर्याप्त स्थान, निर्माण और आवश्यकतानुसार इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी होता है। एफएमआरआई में प्रस्तावित इंस्टॉलेशन के बाद देश में एडवांस प्रोटोन उपचार की सुविधा में विस्तार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए अपराइट रेडियोथेरेपी को अपनाने की दिशा में भी मजबूत आधार तैयार होगा।

फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम में यह इंस्टॉलेशन आवश्यक विनियामक मंजूरी मिलने और साइट पर तैयारियां पूरी होने के बाद किया जाएगा।

*लियो कैंसर केयर के बारे में*

लियो कैंसर केयर में, उपचार की प्रक्रिया के केंद्र में मरीज को रखने वाले दृष्टिकोण पर जोर देते हुए रेडियोथेरेपी की पारंपरिक विधि को चुनौती दी जाती है। इसके Marie® सॉल्यूशन में 360-डिग्री अपराइट पेशेंट पॉज़िशनिंग का मेल एकीकृत सीटी इमेजिंग से कराया जाता है और इसे स्थिर पार्टिकल बीम के साथ पेयर किया जाता है। यह टेक्नोलॉजी बड़े आकार वाली रोटेटिंग गैंट्री को हटाकर एडवांस रेडियोथेरेपी के लिए अपेक्षाकृत कम स्पेस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है, और साथ ही अधिक प्राकृतिक एवं मरीज-केंद्रित उपचार अनुभव को बढ़ावा देती है।

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