रात के 11 बजे हैं। एक ग्राहक पूछ रहा है कि क्या नीला कुर्ता बड़े साइज में मिलेगा, क्या दिवाली से पहले पहुंच जाएगा और क्या कोई छूट भी है। अब सोचिए, ऐसे सैकड़ों मैसेज एक साथ आ जाएं तो? भारत के छोटे कारोबारों के लिए यह त्योहारों का सीजन है। ग्राहक भरपूर हैं, पर इतनी सारी पूछताछ और ऑर्डर को समय पर संभालना बड़ी चुनौती बन जाता है।
यहां जानिए कि त्योहारों में ग्राहक के पहली बार प्रोडक्ट देखने से लेकर दोबारा खरीदारी करने तक, हर कदम पर छोटे और मध्यम कारोबार व्हाट्सएप का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।
- ग्राहकों की दिलचस्पी को बातचीत में बदलें
ग्राहक किसी कारोबार से संपर्क करने से पहले अक्सर सोशल मीडिया पर ही उसके प्रोडक्ट्स देख लेते हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन दिए जा सकते हैं, जिन पर क्लिक करते ही ग्राहक से व्हाट्सएप पर सीधी बातचीत शुरू हो जाए। मसलन, अपने फेस्टिव कलेक्शन का प्रचार कर रहा ज्वेलरी कारोबारी डिजाइन, कीमत और स्टॉक को लेकर ग्राहकों के सवालों का उसी समय जवाब दे सकता है। इससे ग्राहक वेबसाइट पर भटककर हाथ से नहीं निकलते।
- रात में जागे बिना भी ग्राहकों को जवाब दें
यह पहला त्योहारी सीजन है, जब छोटे कारोबारों को हर मैसेज का जवाब खुद नहीं देना पड़ेगा। त्योहारों में ग्राहक किसी भी समय पूछताछ करते हैं और साथ-साथ विकल्पों की तुलना भी करते रहते हैं। जिन विज्ञापनों पर क्लिक करते ही व्हाट्सएप चैट खुलती है, उन पर एक साथ ढेरों मैसेज आ सकते हैं। ऐसे में अगली सुबह तक जवाब देने में अक्सर बहुत देर हो चुकी होती है। अब पात्र छोटे और मध्यम कारोबार मेटा बिजनेस एजेंट की मदद से चौबीसों घंटे ग्राहकों से बातचीत जारी रख सकते हैं। इसे कारोबार के अपने प्रोडक्ट्स, कीमतों और डिलीवरी की जानकारी के हिसाब से तैयार किया जा सकता है और यह भारतीय भाषाओं में सहजता से जवाब देता है। जैसे ही किसी बातचीत में मालिक के निजी जुड़ाव की जरूरत होती है, यह उसे तुरंत मालिक को सौंप देता है।
- खरीदारी से पहले ग्राहकों को प्रोडक्ट्स देखने दें
त्योहारों पर ग्राहक खरीदारी से पहले रंग, साइज और कीमतों की तुलना करना चाहते हैं। व्हाट्सएप कैटलॉग में ग्राहक चैट के पुराने मैसेज खंगाले बिना एक ही जगह सारे प्रोडक्ट्स देख सकते हैं। गिफ्टिंग कारोबारी किफायती से लेकर खास मौकों के लिए महंगे, हर बजट के गिफ्ट हैम्पर्स दिखा सकता है और कपड़ों का विक्रेता अपना पूरा फेस्टिव कलेक्शन एक साथ सजाकर दिखा सकता है। प्रोडक्ट्स देखना जितना आसान होगा, ग्राहक “आपके पास क्या-क्या है?” से “मुझे यह ऑर्डर करना है” तक उतनी ही जल्दी पहुंचेगा।
- खरीदारी के फैसले से भुगतान तक का रास्ता छोटा करें
जो ग्राहक खरीदने का मन बना चुका है, उसे संभालना सबसे आसान होता है। मुश्किल तब शुरू होती है, जब उसे भुगतान के लिए किसी दूसरी जगह भेजा जाता है। व्हाट्सएप बिजनेस पर भुगतान की सुविधा से ग्राहक चैट में ही पैसे दे सकते हैं। एक टैप में क्यूआर कोड शेयर करके होम बेकरी चलाने वाला कारोबारी त्योहारों के गिफ्ट हैम्पर का ऑर्डर कन्फर्म कर उसी चैट में भुगतान भी ले सकता है। मेटा बिजनेस एजेंट अब बातचीत के भीतर ही यूपीआई पेमेंट भी ले सकता है।
- पुराने ग्राहकों को दोबारा खरीदारी के लिए प्रेरित करें
त्योहारों पर आपके सबसे अच्छे ग्राहक वही हैं, जो आपको पहले से जानते हैं। बिजनेस ब्रॉडकास्ट मैसेज के जरिए उन्हें उनकी जरूरत के हिसाब से तैयार, सचमुच काम की जानकारी भेजी जा सकती है। सैलून ग्राहकों को भीड़ बढ़ने से पहले बुकिंग करा लेने की याद दिला सकता है, बेकरी ऑर्डर बंद होने की तारीख बता सकती है और कपड़ों का कारोबारी नए कलेक्शन या फेस्टिव सेल की जानकारी दे सकता है। सही समय पर भेजा गया काम का मैसेज आम प्रचार से कहीं ज्यादा असर करता है।
- साथ-साथ सीखें और सुधार करते चलें
ग्राहकों के साथ होने वाली हर बातचीत उनकी पसंद और जरूरतों को समझने का मौका देती है। अगर ग्राहक बार-बार डिलीवरी के बारे में पूछते हैं, तो शिपिंग की जानकारी स्पष्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसी तरह, किसी खास प्रोडक्ट या कीमत की बार-बार मांग से अगले सीजन के कलेक्शन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। भारत में ऑनलाइन रहने वाले 91% वयस्क हर हफ्ते किसी न किसी कारोबार को मैसेज करते हैं। ऐसे में त्योहारों के दौरान आने वाले मैसेज बिक्री का जरिया होने के साथ-साथ ग्राहकों की पसंद समझने का माध्यम भी हैं। मेटा बिजनेस एजेंट ग्राहकों से मिले इन संकेतों को सीधे आप तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।
बड़ी तस्वीर
ग्राहक बढ़ने के साथ कारोबार संभालना भी जटिल होता जाता है। छोटे और मध्यम कारोबारों के पास मौका है कि वे व्हाट्सएप का इस्तेमाल प्रचार से आगे बढ़ाकर उसे ग्राहक की पूरी खरीदारी का ठिकाना बनाएं, जहां प्रोडक्ट की जानकारी मिलने से लेकर भुगतान और अगले ऑर्डर तक सब कुछ एक ही जगह हो।