अजमेर। जयपुर में बुधवार को प्रदेश भर के वकीलों ने बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के आह्वान पर विधानसभा का घेराव किया। इस दौरान आंदोलनरत वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के बाद बार अध्यक्ष और प्रदेश संघर्ष समिति के प्रवक्ता राजेश टंडन ने कहा कि इस घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए और जयपुर के पुलिस कमिश्नर बीएल सोनी को तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए। टंडन के मुताबिक घटना की पूर्ण न्यायिक जांच नही होने तक तहसील से लेकर हाईकोर्ट तक में अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। टंडन के नेतृत्व में अजमेर से वकीलों का एक समूह जिसमें राजस्व मंडल के वकील भी शामिल थे, बुधवार सुबह न्यायालय परिसर से बसों और निजी वाहनों के द्वारा जयपुर पहुंचे। जयपुर में स्टेच्यू सर्किल पर प्रदेश भर से आये वकीलों ने एक साथ विधानसभा की ओर कूच किया। गौरतलब है कि वकील अपनी 11 सूत्रिय मागों को लेकर विधानसभा का घेराव करने पहुंचे। वकीलों की प्रमुख मांग न्यूनतम दर पर आवासीय भूमि, 5 साल से कम अनुभव वाले वकील को मासिक भत्ता, राजस्थान अधिवक्ता कल्याण कोष में 10 करोड रू का अनुदान, अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम बनाने की मांग, राजस्व बोर्ड में अधिवक्ताआंे का प्रतिनिधित्व और ज़िला उपभोक्ता मंच में अध्यक्ष पद पर 50 फीसदी नियुक्ति के अलावा ज़िला और तहसील स्तर पर अधिवक्ता संघो में सरकार की ओर से पुस्तकालय, जयपुर और जोधपुर में अधिवक्ता भवन के लिए अनुदान, अजमेर में अधिवक्ता भवन के भूमि और अनुदान, ट्रिब्यूनल में अधिवक्ताओं की सदस्य की रूप में नियुक्ति, पेशंन योजना लागू किये जाने सहित अन्य मांगो को लेकर वकील आंदोलनरत है।
बार कौंसिल के आह्वान पर विधानसभा का घेराव
अजमेर। जयपुर में बुधवार को प्रदेश भर के वकीलों ने बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के आह्वान पर विधानसभा का घेराव किया। इस दौरान आंदोलनरत वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के बाद बार अध्यक्ष और प्रदेश संघर्ष समिति के प्रवक्ता राजेश टंडन ने कहा कि इस घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए और जयपुर के पुलिस कमिश्नर बीएल सोनी को तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए। टंडन के मुताबिक घटना की पूर्ण न्यायिक जांच नही होने तक तहसील से लेकर हाईकोर्ट तक में अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। टंडन के नेतृत्व में अजमेर से वकीलों का एक समूह जिसमें राजस्व मंडल के वकील भी शामिल थे, बुधवार सुबह न्यायालय परिसर से बसों और निजी वाहनों के द्वारा जयपुर पहुंचे। जयपुर में स्टेच्यू सर्किल पर प्रदेश भर से आये वकीलों ने एक साथ विधानसभा की ओर कूच किया। गौरतलब है कि वकील अपनी 11 सूत्रिय मागों को लेकर विधानसभा का घेराव करने पहुंचे। वकीलों की प्रमुख मांग न्यूनतम दर पर आवासीय भूमि, 5 साल से कम अनुभव वाले वकील को मासिक भत्ता, राजस्थान अधिवक्ता कल्याण कोष में 10 करोड रू का अनुदान, अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम बनाने की मांग, राजस्व बोर्ड में अधिवक्ताआंे का प्रतिनिधित्व और ज़िला उपभोक्ता मंच में अध्यक्ष पद पर 50 फीसदी नियुक्ति के अलावा ज़िला और तहसील स्तर पर अधिवक्ता संघो में सरकार की ओर से पुस्तकालय, जयपुर और जोधपुर में अधिवक्ता भवन के लिए अनुदान, अजमेर में अधिवक्ता भवन के भूमि और अनुदान, ट्रिब्यूनल में अधिवक्ताओं की सदस्य की रूप में नियुक्ति, पेशंन योजना लागू किये जाने सहित अन्य मांगो को लेकर वकील आंदोलनरत है।