वेटिकन सिटी। वेटिकन ने इस बात पर जोर दिया है कि नए पोप के चुनाव के लिए मंगलवार से शुरू हो रही महासभा में कार्डिनल अपनी अंतरात्मा की आवाज पर मतदान करेंगे। लेकिन हर कोई जानता है कि जहां सत्ता होगी, वहां निहित स्वार्थ भी होंगे और कपटपूर्ण तिकड़म इस खेल का हिस्सा रहेगा। इसलिए इस महासभा से पहले सौदे बाजी का दौर शुरू हो चुका है।
सूत्रों के मुताबिक, श्रीलंका के कार्निडल माल्कम रंजीत अगले पोप के बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। दुनिया भर के रोमन कैथोलिक कार्डिनल नए पोप के चुनाव के लिए मंगलवार से वेटिकन के सिस्टाइन चैपल में शुरू हो रही महासभा में जुटेंगे। इस दौरान सभी कार्डिनल गोपनीयता की शपथ लेंगे। इसके साथ ही, दुनिया भर के 1.2 अरब कैथोलिक के लिए नए पोप के चुनाव की सदियों पुरानी परंपरा शुरू होगी।
नियमानुसार सम्मेलन के दौरान कार्डिनलों का बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं रहता है। कार्डिनलों के लिए चुनौती होगी कि वे ऐसे 266वें पोप का चुनाव करें, जो चर्च से जुड़े मुद्दों का हल निकाल सके। कार्डिनलों ने पोप के रूप में ऐसे सशक्त व्यक्तित्व पर जोर दिया है, जो चर्च की केंद्र सरकार रोमन क्यूरिया में बदलाव ला सके। साथ ही, पादरियों पर यौन शोषण के लगे आरोपों व उसे दबाए जाने जैसे मुद्दों से निपट सके।
पारदर्शिता की मांग को पिछले साल काफी बल मिला जब बेनेडिक्ट के सहायक रहे पाओलो गैब्रिल ने सैकड़ों गोपनीय दस्तावेज लीक कर दिए थे, जिसे वेटिलीक्स के नाम से जाना गया था।