मुशर्रफ की मुश्किलें बढ़ीं, सभी चार सीटों से नामांकन खारिज

mushrafइस्लामाबाद। पाकिस्तान के दोबारा राष्ट्रपति बनने का सपना संजोने वाले पूर्व राष्ट्रपति और सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ का नामांकन सभी चार सीटों से खारिज कर दिया गया है। उन्होंने त्रिचाल, कराची, इस्लामाबाद और कासूर से अपना पर्चा दाखिल किया था। इसके साथ ही उनकी मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ राजद्रोह चलाए जाने को लेकर एक याचिका पर भी सुनवाई होनी है।

मुशर्रफ पांच वर्षो के निर्वासित जीवन बिताने के बाद आम चुनाव में हिस्सा लेने के लिए पिछले माह ही स्वदेश वापस लौटे थे। माना यह भी जा रहा है कि नामांकन खारिज होने के बाद वह देश छोड़कर भी जा सकते हैं। मुशर्रफ का सबसे पहले पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के कासूर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन खारिज कर दिया गया, इसके बाद शाम होते होते उनके सभी चार जगहों से नामांकन खारिज होने की बुरी खबर भी सामने आ गई। कासूर संसदीय क्षेत्र के रिटर्निग अधिकारी मुहम्मद सलीम ने राष्ट्रीय पहचान कार्ड से हस्ताक्षर मेल नहीं खाने के कारण उनका नामांकन खारिज कर दिया। देश में 11 मई को आम चुनाव होने हैं।

दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग करने वाली याचिका पर सोमवार से सुनवाई करने का फैसला किया है। मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ इस पर सुनवाई करेगी। रावलपिंडी हाई कोर्ट बार एसोसिशन के पूर्व अध्यक्ष तौफिक आसिफ ने यह याचिका दायर की है।

डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार वकील जावेद कसूरी ने संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 का हवाला देते हुए मुशर्रफ की उम्मीदवारी को लेकर आपत्ति उठाई थी। आपत्तियों को स्वीकार करते हुए रिटर्निग अधिकारी ने नामांकन खारिज कर दिया। इस बीच चार मामलों में कथित रूप से शामिल होने को लेकर पीएमएल-एन ने भी चुनाव आयोग से मुशर्रफ को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। इनमें बलूच नेता अकबर बुगती की हत्या, लाल मस्जिद की घटना, बेनजीर भुट्टो हत्याकांड और खुफिया एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद लापता हो गए लोगों का मामला शामिल है।

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