नई दिल्ली। मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियों और सरकार के बीच कानूनी विवाद के एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है। दूरसंचार विभाग (डाट) ने बगैर उचित लाइसेंस के रोमिंग के जरिये 3जी सेवा देने वाले दो और मोबाइल ऑपरेटरों- वोडाफोन व आइडिया पर तगड़ा जुर्माना लगा दिया है। वोडाफोन को 550 करोड़ रुपये व आइडिया को 300 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। इसके अलावा डॉट ने एयरटेल समेत सभी ऑपरेटरों को बगैर लाइसेंस वाले सर्किलों में रोमिंग के जरिये 3जी सेवा तत्काल बंद करने का आदेश दिया है।
इसके पहले 15 मार्च, 2013 को डॉट ने देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल पर भी 350 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। एयरटेल अब इस मामले को सुप्रीम कोर्ट की चौखट में ले गई है। इस कंपनी पर आरोप लगाया गया है कि उसके पास सात सर्किलों में वैध लाइसेंस नहीं होने के बावजूद 3जी के तहत रोमिंग सेवा दे रही है। एयरटेल ने डॉट के इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, मगर अदालत ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद एयरटेल ने शुक्रवार को हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। शीर्ष अदालत में इस मुद्दे पर सोमवार को सुनवाई संभव है।
हाई कोर्ट की तरफ से एयरटेल को राहत नहीं मिलने के बाद ही डॉट ने अन्य दो टेलीकॉम कंपनियों पर भी यह जुर्माना लगाया है। वोडाफोन व आइडिया की तरफ से इस पर कोई टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि ये सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही अगले कदम के बारे में विचार करेंगी।
क्या है मामला?
जानकारों का कहना है कि यह मामला फिलहाल भले ही सिर्फ 3जी रोमिंग से जुड़ा हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियों पर इसका असर गहरा होगा। दरअसल, एयरटेल, वोडाफोन व आइडिया ने आपस में एक समझौता करके एक-दूसरे के सर्किलों में 3जी रोमिंग सेवा दे रहे थे। डॉट का कहना है कि इन कंपनियों के पास पूरे देश के लिए 3जी लाइसेंस नहीं है, लेकिन आपसी समझौता करके ये सेवा दे रही हैं। इस आधार पर उसने 50 करोड़ रुपये प्रति सर्किल के हिसाब से जुर्माना लगाया है।
ग्राहक भी होंगे प्रभावित:
बहरहाल, डॉट के इस फैसले से एक करोड़ से ज्यादा ग्राहकों पर असर पड़ने की संभावना है। एयरटेल, वोडाफोन व आइडिया के 3जी ग्राहकों की संख्या 1.2 करोड़ से ज्यादा है।
अभी यह तय नहीं है कि इन कंपनियों के ग्राहक अगर बगैर लाइसेंस वाले दूरसंचार सर्किल में जाएंगे तो उन्हें 3जी सेवा मिल सकेगी या नहीं। साथ ही, डॉट को यह भी स्पष्ट करना होगा कि क्या इन कंपनियों को पूरे देश में 3जी सेवा देने के लिए क्या अब अलग से कोई फीस देनी होगी