मुंबई। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय और तीन निदेशकों से उनकी संपत्तियों व निवेश को लेकर बुधवार को पूछताछ की। निवेशकों को 24,000 करोड़ रुपये लौटाने से जुड़े मामले में समूह के ये अधिकारी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड [सेबी] के समक्ष पेश हुए। सेबी इन्हें समन जारी किया था। सहारा के मुखिया ने कहा कि नियामक उनकी निजी संपत्तियों को लेकर चिंतित है, जबकि उसने समूह की ओर से दिए गए 5,120 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया है।
सेबी की यह पूछताछ करीब एक घंटे चली। नियामक समूह के इन अधिकारियों की निजी संपत्तियों की बिक्री करके निवेशकों की रकम लौटाना चाहता है। सेबी ने सुब्रत राय के अलावा अशोक राय चौधरी, रवि शंकर दुबे और वंदना भार्गव को बुलाया था। ये सभी सेबी के पूर्णकालिक सदस्य प्रशांत शरण के समक्ष पेश हुए। पूछताछ के बाद सुब्रत राय ने पत्रकारों से कहा कि सेबी ने मेरी निजी संपत्तियों की जानकारी मांगी। जब वे इन संपत्तियों के बारे में जानेंगे तो चकरा जाएंगे।
उन्होंने दावा किया कि सोने और कीमती पत्थरों सहित उनकी कुल संपत्तियां केवल तीन करोड़ रुपये की है। नकदी और बैंक में जमा रकम 34 लाख और फिक्सड डिपॉजिट की रकम केवल 1.59 करोड़ रुपये है। बादौली की चीनी मिल खरीदने के लिए उन्होंने 11 करोड़ रुपये का लोन लिया है। इसके अलावा उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है।
सेबी ने उनसे पूछा कि क्या उनके पास घोषित संपत्तियों से अलग कोई संपत्ति है? इसके जवाब में सहारा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने अपनी सभी संपत्तियां घोषित की हैं। सेबी के रवैये पर निराशा जताते हुए सुब्रत राय ने कहा कि सेबी अधिकारियों ने एक कप चाय के लिए भी नहीं पूछा। समूह का दावा है कि उसने 20,000 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटा दिए हैं। पूछताछ के दौरान राय और तीनों निदेशकों को उनकी सभी संपत्तियों के मूल दस्तावेज देने को कहा गया। समूह की दो कंपनियों सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के निवेश दस्तावेज भी मांगे गए हैं।
निवेशकों को धमकी के आरोप की जांच
मुंबई। मुंबई पुलिस ने सहारा समूह की ओर से निवेशकों को धमकाने के आरोप की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। यह जांच सेबी की ओर से महाराष्ट्र सरकार को भेजी गई शिकायत के आधार पर शुरू हुई है।
मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस मामले में पुलिस समूह के प्रमुख अधिकारियों के बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है। सेबी को भी इस संबंध में निवेशकों की शिकायतें मुंबई पुलिस को उपलब्ध कराने को कहा गया है।