अजमेर / राजस्थानी साहित्यकार विजयदान देथा ‘बिज्जी‘ के निधन पर अजमेर के साहित्य जगत में शोक व्याप्त हो गया है। कला साहित्य के प्रति समर्पित संस्था नाट्यवृंद के विविध विधाओं के लेखकों ने बिज्जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आकस्मिक निधन को राजस्थानी सात्यि जगत केे लिए अपूरणीय क्षति बताया है। उमेष कुमार चौरसिया ने कहा कि बिज्जी को राजस्थानी भाषा व साहित्य का भीष्म पितामह कहा जाये तो ये अतिष्योक्ति नहीं होेगी, उनके गौरवषाली साहित्यिक ग्रंथ नयी पीढ़ी का सदैव मार्गदर्षन करते रहेंगे। डॉ. अनन्त भटनागर, बख्शीष सिंह, रासबिहारी गौड़, डॉ.रमेष अग्रवाल, गोविन्द भारद्वाज, शकुन्तला तंवर, पूनम पांडे, राजेष भटनागर, विनोद सोमानी ‘हंस‘, मनोहर वर्मा, डॉ. नवलकिषोर भाभड़ा इत्यादि ने भी श्रद्धांजलि देते हुए बिज्जी को राजस्थानी मायड़ भाषा का सच्चा सेवक बताया।