श्रद्घालुओं का आना व मेले से पशुओं का जाना शुरू
आध्यात्मिक पद यात्रा ने पुष्कर को पूरी तरह से आध्यात्मिक बनाया
अजमेर। प्रसिद्घ पुष्कर मेले के दौरान कार्तिक पंच तीर्थ स्नान आज एकादशी से प्रारम्भ हो गया जो आगामी 6 नवम्बर पूर्णिमा तक चलेगा इस अवधि में हजारों की तादाद में श्रद्घालु पुष्कर सरोवर में स्नान कर पंच तीर्थ का स्नान पुण्य कमायेंगे। आज एकादशी से पुष्कर में यात्रियों का तेजी से यहां आना शुरू हुआ वही रवन्ना कटने के साथ ही मेले से पशुओं की रवानगी प्रारम्भ हो गई।
कार्तिक एकादशी पर प्रतिवर्ष की भांति आध्यात्मिक पद यात्रा प्रारम्भ हुई । इस यात्रा में पुष्कर के चप्पे चप्पे को आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान कर दिया। सम्पूर्ण बाजार गलियां और मेला मैदान आध्यात्मिक झांकियों से सजे हुए थे और पुष्कर के नागरिकों, श्रद्घालुओं तथा विभिन्न संगठनों व संस्थाओं द्वारा दिल खोलकर इस पद यात्रा का स्वागत और अभिनन्दन किया गया । साधु-संतों, महात्माओं की उपस्थिति में गुरूद्घारे से प्रारम्भ हुई यह आध्यात्मिक पद यात्रा मेला मैदान में सम्पन्न हुई । भगवान के विभिन्न रूपों की झांकियां प्रस्तुत की गई । पुलिस अधीक्षक श्री महेन्द्र सिंह चौधरी ने इस पद यात्रा का शुभारम्भ किया । इस मौके पर मेला मजिस्ट्रेट श्री संजय माथुर सहित विभिन्न प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
कार्तिक एकादशी का स्नान आज प्रात: 4 बजे से पूर्व ही सरोवर में प्रारम्भ हो गया। श्रद्घालु जिनमें अधिकांश महिलाएं थी सरोवर के विभिन्न घाटों पर स्नान करने पहुंची स्नान का सिलसिला दिन भर चलता रहा और सैकड़ों की तादाद में श्रद्घालु पुष्कर पहुंच रहे थे आज से पुष्कर मेले सहित पुष्कर शहर में रौनक काफी बढ़ गई और मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ जमा होने लगी।
पुष्कर मेला मैदान में आज विभिन्न पशु प्रतियोगिताएं आयोजित हुई वही सांयकाल पशु व विकास प्रदर्शनी का शुभारम्भ होगा। रात्रि को वीणा के कलाकारों द्वारा राजस्थानी सांस्कृतिक कार्यक्रम व इसके पश्चात कवि सम्मेलन का कार्यक्रम है।
पुष्कर सरोवर के प्रमुख घाटों पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किये गये जो प्रात: 5 बजे से ही मौजूद थे। इसके अतिरिक्त अन्य सुरक्षा कर्मी स्काउट गाईड व एन.सी.सी. के सदस्यों ने यात्रियों को सहयोग दिया। स्काउट के मेला इंचार्ज विनोद धारू तथा डॉ. नरेश चेतन भम्बानी के नेतृत्व में लगभग 2500 स्काउट गाईड मेले में अपने सेवाएं दे रहे है। जिन्होंने आज प्रात: आध्यात्मिक यात्रा सहित घाटों पर सेवा दी। लगभग 100 रोवर स्काउट भी कार्य कर रहे है।