अजमेर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष ने किया दो दशक पुराने प्रकरण का निस्तारण
निर्विवाद भूखण्डों पर शीघ्र जारी होगी लीज डीड, कब्जा पत्र एवं हस्तान्तरण अनुमति

अजमेर। संभागीय आयुक्त एवं अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र भटनागर ने ट्रांसपोर्ट नगर के करीब दो दशक पुराने प्रकरण का निस्तारण करते हुए भूखण्ड धारकों को लीज डीड, कब्जा पत्र एवं हस्तान्तरण अनुमति जारी करने के निर्देश दिए हैं। ट्रांसपोर्ट नगर ब्यावर रोड पर ही विकसित किया जाएगा। ट्रांसपोर्ट नगर शुरू होने से अजमेर शहर में भारी वाहनों के प्रवेश तथा यातायात की बड़ी समस्या का भी समाधान होगा।
संभागीय आयुक्त एवं अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. भटनागर की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में ट्रांसपोर्ट नगर प्रकरण का निस्तारण किया गया। डॉ. भटनागर ने ट्रांसपोर्ट नगर का वर्तमान में प्रस्तावित/क्रियान्वित क्षेत्र ब्यावर रोड पर ही विकसित किए जाने के निर्देश दिए हैं। इस योजना में विभिन्न ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को आवंटित भूखण्डों के ऐसे मामले, जिनमें कोई विवाद या शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, की नियमानुसार लीज डीड, कब्जा पत्र एवं हस्तान्तरण अनुमति प्राधिकरण द्वारा जारी की जाएगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि ट्रांसपोर्ट नगर योजना में आवंटित भूखण्डों में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) द्वारा की गई जांच में विभिन्न ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को वर्तमान में ट्रांसपोर्ट व्यवसायी नहीं होने एवं दोहरे भूखण्ड आवंटन की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। उक्त पालना में विवादित प्रकरणों की जांच के लिए प्राधिकरण ने एक कमेटी का गठन किया है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि नये ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के लिए आवश्यकतानुसार सर्वे कर व्यवसायियों की संख्या निर्धारित कर राजस्व ग्राम परबतपुरा क्षेत्र या आसपास के क्षेत्र में एक नये व्यवसायिक ट्रांसपोर्ट नगर की योजना बनाने हेतु संभावनाओं की तलाश की जाए।
डॉ. भटनागर ने बताया कि अजमेर विकास प्राधिकरण के इस निर्णय से ब्यावर रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। इससे अजमेर की यातायात व्यवस्था में भी सुधार आएगा।
जिले की गौशालाओं में पशु चिकित्सा शिविरों का आयोजन कल
अजमेर, 22 दिसम्बर। पशुपालन विभाग द्वारा कल 23 दिसम्बर को अजमेर जिले की सभी पंजीकृत 44 गौशालाओं में एक दिवसीय पशु चिकित्सा एवं बांझपन निवारण शिविर आयोजित किया जाएगा। विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. गुलाब चन्द जिंदल ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों की पालना में इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। शिविरों में गौशालाओं में रोगी पशुओं का उपचार, बांझपन से ग्रसित गौवंश का उपचार, पाइका रोग से बचाव के लिए मिनरल मिक्सचर का वितरण किया जाएगा। शिविर में पशु चिकित्सा विशेषज्ञ अपनी सेवा देंगे। गौशाला के प्रजनन योग्य सांड के रक्त के नमूने लेकर प्रजनन जनक रोगों की जांच की जाएगी।
डॉ. जिन्दल ने बताया कि शिविरों में सर्दी के प्रकोप से बचाने के लिए विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी तथा औषधियों का नि:शुल्क वितरण होगा। प्रति पशु दो रूपये पंजीकरण शुल्क के साथ सभी सुविधाएं उपलब्ध की जाएगी। जिले के लगभग 8 हजार 500 पशु इन शिविरों में लाभान्वित होंगे। जिन स्थानों पर पूर्व में पंजीकृत गौशालाएं संचालित थी, वर्तमान में बंद है तो इनके शिविर गांव में आयोजित होंगे।