युवा राजेन्द्र डाक्टर ऑफ फिलोसॉफी उपाधि से सम्मानित

07ब्यावर, (हेमन्त साहू)। सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय  के हिन्दी विभागाध्यक्ष डा. नरेन्द्रसिंह आनन्द के निर्देशन मे राजेन्द्र कुमार ने अपना शोध कार्य पुर्ण करने पर डाक्टर ऑफ फिलोसोफी की उपाधि से सम्मानित किया गया। राजेन्द्र ने अपना शोध कार्य *हिन्दी उपन्यास और उत्तरयथार्यवाद* की उपाधि प्राप्त की।  राजेन्द्र ने अपने शोध कार्य के बारे मे बताया कि 1980 के बाद उपन्यास साहित्य मे अप्रत्यक्ष परिवर्तन हुआ है। जिससे उत्तर आधुनिकता मे परिवर्तित हुई यथार्यवाद, अतियथार्थवाद से उत्तरयथायर्थवाद मे बदला। इस सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनैतिक बदलाव मे व्यक्ति जीवनयापन तो कर रहा हैप् परन्तु उसे स्वीकार नही कर रहा। उत्तरयथार्थवादी इसी बदलाव की परिणति लिव इन रिलेशनशिप, समलैंगिकता, भटकाव, पलायन, हत्या, आत्महत्या, रिश्तो का टुटना, बदलना आदि माध्यम से होती है। शोध मे राजेन्द्र ने वर्तमान मे महानगरीय बदलती भाषा व अभद्र व अश£ील लिखावट हिन्दी उपन्यास मे देखी जा रही है।

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