
अजमेर / रंगकर्मी एवं साहित्यकार उमेश कुमार चौरसिया द्वारा रचित राजस्थानी भाषा के नये पूर्णांकी नाटक ‘सूर्यपुत्र कर्ण‘ को जवाहर कला केन्द्र ने नाट्य प्रकाशन योजना के तहत राज्य स्तर पर चयन किया है। 90 मिनिट की अवधि का यह नाटक जवाहर कला केन्द्र शीघ्र ही प्रकाशित करके देशभर में प्रसारित करेगा और यथासंभव मंचन भी करेगा। यह नाटक भारत के जनमानस में रचे-बसे धर्मग्रंथ महाभारत कथा का एक महत्वपूर्ण पात्र कर्ण पर है। विश्व श्रेष्ठ भगवान सूर्य का मानस पुत्र होते हुए भी कर्ण जीवनभर सूतपुत्र कहलाकर अपमानित होता रहा, जन्म से अपने शरीर से जुड़े अभेद्य कवच को भी दान में देकर दानवीर कहलाया और उसने धनुर्धर अर्जुन को भी ललकार कर अपने युद्धकौशल का परिचय दिया था। संवेदनशील रचनाकार उमेश कुमार चौरसिया ने कर्ण के भीतर के द्वन्द्व और बाहर के संघर्ष को प्रभावी संवादों और रोचक दृश्यों में बांधकर इस राजस्थानी नाटक सूर्यपुत्र कर्ण के रूप में प्रस्तुत किया है।
उमेश कुमार चौरसिया
संपर्क-9829482601