नारी अबला नहीं, सबला- प्रो. वासुदेव देवनानी

राजकीय कन्या महाविद्यालय का वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित
प्रो. वासुदेव देवनानी राजकीय कन्या महाविद्यालय के सभागार मंे वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान छात्रा को पुरस्कृत करते हुए।
प्रो. वासुदेव देवनानी राजकीय कन्या महाविद्यालय के सभागार मंे वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान छात्रा को पुरस्कृत करते हुए।

अजमेर, 24 जनवरी। शिक्षा राज्यमंत्राी प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि समाज के प्रत्येक क्षेत्रा में महिलाओं की अहम भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि महिला अबला नहीं, सबला है।

शिक्षा राज्यमंत्राी प्रो. देवनानी आज राजकीय कन्या महाविद्यालय के सभागार में आयोजित वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह 2014-15 को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर आसीन होकर समाज व राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका अदा कर रही है। इसी प्रकार कन्या महाविद्यालय की छात्राएं भी शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद व अन्य क्षेत्रों में प्रगति के नये सौपान स्थापित करेगी।
प्रो. देवनानी ने कहा कि प्रदेश की मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुंधरा राजे बालिका शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण के प्रति संवेदनशील है, उन्होंने प्रदेश की महत्वाकांक्षी भामाशाह योजना में महिलाओं को मुखिया का दर्जा देकर उनके नाम से बैंक खाते खोलने का प्रावधान किया है। वहीं प्रधानमंत्राी श्री नरेन्द्र मोदी ने बेटियों के अधिकारों की रक्षा की बात कहीं है, जिससे राष्ट्र का सर्वांगीण विकास हो सके। यह इस बात का द्योतक है कि केन्द्र व प्रदेश सरकार बालिका शिक्षा एवं महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक विकास के प्रति संवेदनशील है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूली शिक्षा के तहत प्रत्येक ब्लाॅक में आदर्श स्कूल खोले जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रा के विद्यार्थी भी लाभान्वित होंगे। आवश्यकता इस बात की भी है कि अभिभावक बालिकाओं की शिक्षा को अनवरत जारी रखे, जिससे वे शिक्षा के माध्यम से समाज में बेहतर मुकाम हासिल कर सके। प्रो. देवनानी ने कहा कि बसंत पंचमी उत्साह, उल्लास, उमंग व प्रगति का पर्व है जिससे समस्त बालिकाएं प्रेरणा लेकर जीवन में प्रगति के पथ पर सदैव अग्रसर होगी। बसंत पंचमी के अवसर पर ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। इसी प्रकार धन की देवी लक्ष्मी एवं शक्ति की देवी दुर्गा की पूजा विभिन्न अवसरों पर की जाती है, जो समाज में नारी के महत्व को दर्शाता है।
महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश सोडानी ने कहा कि बालिका शिक्षा के माध्यम से ही समाज व राष्ट्र प्रगति संभव है। उन्होंने बालिकाओं द्वारा आत्मरक्षा हेतु मार्शल आर्ट के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि समाज में बालिका आत्मरक्षा प्रशिक्षण व शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर विकास के नये आयाम स्थापित करेगी।
इससे पूर्व शिक्षा राज्य मंत्राी ने सभी छात्राओं, अध्यापिकाओं  व उपस्थितजनों को कन्या भू्रण हत्या पर रोक लगाने संबंधी शपथ दिलवाई एवं शैक्षणिक, सहशैक्षणिक, सांस्कृतिक व खेलकूद गतिविधियों में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।  समारोह में अतिथियों का स्वागत प्राचार्य राजकीय कन्या महाविद्यालय डाॅ. रेनू शर्मा एवं उपप्राचार्या डाॅ. सौदामिनी नागर ने किया। संगीत विभाग की डाॅ. नीलू व्यास व दल ने स्वागत गीत व वंदेमातरम गीत की प्रस्तुति दी। छात्रासंघ अधिष्ठाता डाॅ. शकुन्तला देवी ने छात्रासंघ प्रतिवेदन वर्ष 2014-15 प्रस्तुत किया। श्वेता आर्य व दल ने आत्मरक्षा हेतु मार्शल आर्ट तकनीक का प्रदर्शन कर सभी को रोमांचित कर दिया।
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