भामाशाह योजना के कार्यों को गम्भीरता से निस्तारित करें अधिकारी

राजस्व अधिकारियों तथा बीसूका की बैठक सम्पन्न
गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए अधिकारियों को ग्राम पंचायत आवंटित
अवैध पेयजल कनेक्शन करने वालों के खिलाफ एफ.आई.आर. के निर्देश

aarushi a malik thumbअजमेर, 21 सितम्बर। जिला कलक्टर डाॅ. आरूषी मलिक ने कहा कि भामाशाह योजना आम आदमी को राहत देने के लिए राज्य सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजना है। अधिकारी भामाशाह योजना से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर गम्भीरता से निस्तारित करें। जिला कलक्टर ने जिले को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए अधिकारियों को दो-दो ग्राम पंचायत आवंटित कर उन्हें शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। इसी तरह गांवों के अन्तिम छोर तक बीसलपुर का पानी पहुंचाने के लिए अधिकारियों को अवैध कनेक्शन करने वालों के खिलाफ सख्ती करते हुए नामजद एफ.आई.आर. कराने के निर्देश भी दिए गए।
जिला कलक्टर डाॅ. आरूषी मलिक ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में राजस्व अधिकारियों, बीसूका एवं प्रति सोमवार होने वाली साप्ताहिक समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार भामाशाह योजना के माध्यम से आम आदमी को राहत दे रही है। मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुंधरा राजे की सोच है कि आम आदमी को सरकार की विभिन्न योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले। उन्हें इन लाभों को प्राप्त करने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ें।
उन्होंने कहा कि भामाशाह योजना के तहत पेंशन, राशन एवं अन्य नगद व गैर नगद लाभ आम आदमी को एक ही कार्ड पर उपलब्ध हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की पेंशन एवं राशन सहित अन्य योजनाओं की व्यक्तिगत एवं पारिवारिक सीडिंग समय पर एवं गम्भीरता से करे ताकि आमजन को शीघ्र लाभ प्रदान किया जा सके। यह योजना राज्य में महिलाओं की उन्नति एवं उनकी समाज में भागीदारी के लिए भी एक महत्वपूर्ण योजना है। हम सब मिलकर प्रयास करें तो निश्चित ही शानदार परिणाम सामने आएंगे।
जिला कलक्टर ने जिले में चल रहे खुले में शौच से मुक्ति अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि अब तक जिले में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। यह गति और तेज की जानी चाहिए ताकि आगामी 2 अक्टूबर तक ज्यादा से ज्यादा ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को दो-दो ग्राम पंचायतों का आवंटन करते हुए कहा कि इन ग्राम पंचायतों में शीघ्र शत-प्रतिशत घरों में शौचालय का निर्माण करा लिया जाए ताकि लोगों को इस अभिशाप से मुक्ति मिल सके। अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रभावशाली लोगों से समन्वय स्थापित कर आमजन को शौचालय निर्माण के प्रति प्रेरित करना चाहिए ताकि बेहतर परिणाम हासिल हो सके।
डाॅ. मलिक ने बीसलपुर योजना से जुड़े गांवों के अन्तिम छोर तक पेयजल उपलब्ध नहीं होने गम्भीरता से लेते हुए नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा कि हाईवे पर चलने वाले ढाबों, राइजिंग लाईन एवं प्रभावशाली लोगों के क्षेत्रों में अवैध कनेक्शन काटे जाने में किसी तरह का समझौता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कोई अधिकारी लापरवाही से कार्य करता पाया तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। जलदाय विभाग के अधिकारी अवैध कनेक्शन के खिलाफ गम्भीरता से कार्यवाही करे एवं दोषियों के खिलाफ नामजद एफ.आई.आर. दर्ज करवाएं।
उन्होंने जिले में कई जगह पाईप लाइन लीकेज, हैंडपम्प की खराबी, टंकियों में पानी नहीं आने सहित अन्य शिकायतों को निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जलदाय विभाग से संबंधित समस्याओं का ग्राम पंचायतवार इन्द्राज कर निराकरण किया जाए।
जिला कलक्टर डाॅ. मलिक ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पर चर्चा के दौरान निर्देश दिए कि डेंगू एवं अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किया जाए। आवश्यकता वाले सभी स्थानों पर दवा का छिड़काव तय किया जाए। सभी उपखण्ड अधिकारी अपने क्षेत्रों में आने वाले सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण करें, सफाई सुनिश्चित करें तथा अस्पतालों के विकास के लिए भामाशाहों का भी सहयोग प्राप्त करें। जिला कलक्टर ने संभाग के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय में गन्दगी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि चिकित्सालय प्रशासन यहां आने वाले रोगियों को राहत देने के लिए तुरन्त कार्यवाही करें। सफाई की पुख्ता व्यवस्था की जाए।
डाॅ. मलिक ने जिले में अवैध खनन पर भी नाराजगी जताते हुए खान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। दोषियों के खिलाफ नामजद एफ.आई.आर. दर्ज की जाए। कई जगह बजरी की राॅयल्टी कई गुना वसूले जाने की शिकायते प्राप्त हो रही है। ऐसी शिकायतों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने सभी उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्रा में सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण सख्ती से हटाए जाए।
जिला कलक्टर ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पालनहार एवं अन्य योजनाओं में पात्रा व्यक्तियों को शीघ्र लाभ प्रदान किए जाएं। उन्होंने पूरे जिले में सरकारी कार्यालयों के लिए भूमि आवंटन कार्य की भी समीक्षा की। डाॅ. मलिक ने सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट एवं अन्य अदालतों में लम्बित प्रकरणों पर शीघ्र जवाब देने एवं ऐसे प्रकरणों को सरकारी वैबसाइट लाइट पर दर्ज करने के निर्दश दिए।
डाॅ. मलिक ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में विभिन्न सरकारी भवनों के निर्माण, मरम्मत, सड़कों का निर्माण, पेचवर्क एवं विभाग से संबंधित अन्य कार्य प्राथमिकता के आधार पर तत्काल किए जाए। इसी तरह विद्युत विभाग को भी ढीली लाइनों को कसने, ट्रांसफार्मर बदलने एवं विद्युत कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने बैठक में आपदा प्रबंधन एवं सहायता कार्यक्रम, गौशाला अनुदान, राजस्व न्यायलयों में दर्ज प्रकरणों की समीक्षा, लम्बित राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा, भूमि के अवैध हस्तांतरण के मामलों की समीक्षा, पीडीआर व एल आर एक्ट के तहत वसूली, रोडा एक्ट के तहत वसूली, वन विभाग की नोटिफाइड भूमि की अमलदरामद, जमाबंदी, नामांतरकरण, सीमाज्ञान, विभागीय जांच सहित अन्य बिन्दुओं की समीक्षा की गई। बीसूका के तहत कराए जाने वाले कार्यों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम श्री किशोर कुमार, द्वितीय श्री जगदीश चन्द्र हेडा, शहर श्री हरफूल सिंह यादव, जिला परिषद के सीईओ श्री राजेश चैहान, प्रशिक्षु आईएएस चिन्मय गोपाल, सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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