
अजमेर। राजकीय महिला अभियांत्रिकी महाविद्यालय में आर्ट ऑफ लीविंग द्वारा पाँच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है जिसे YES नाम दिया गया (Youth Empowerment Skills) जिससे छात्राओं को भविष्य के भारत निर्माण के लिए तैयार किया जा सके क्योकि यही छात्राएंे भविष्य के भारत की निर्माता है। और यह कहना अतिशौक्ति नहीं होगी कि नीव मजबूत होगी तो ईमारत अच्छी खड़ी होगी। 16 से 21 सितम्बर तक सभी संकाय की काफी छात्राओं ने योग व ध्यान के माध्यम से अपनी अन्तरातमा को जाग्रत करने की विभिन्न कलाओं को सीखा। इन पाँच दिनों में लगभग 300 छात्राओं द्वारा अपनी विभिन्न समस्याओं जैसे डर, आत्माविश्वास की कमी और अहम आदि को योग एवं ध्यान द्वार दूर करने के प्रयास किये गए। कार्यशाला के अन्तिम दिन एक सांस्कृतिक संध्या के माध्यम से छात्राओं में एकता एवं देशभक्ति की भावना जाग्रत करने का प्रयास किया गया इस सांस्कृतिक संध्या में ‘Rythm Divine’ नामक रोक बैण्ड के विश्व विख्यात कलाकारों द्वारा विभिन्न प्रस्तुतियाँ दी गई। वास्तव में देखा जाए तो भारतीय संस्कृति बड़ी ही कलात्मक संस्कृति है। संगीत एवं कला के माध्यम से कुछ भी करना सम्भव है जैसे प्राचीन काल में तानसेन द्वारा राग गा कर दीप तक जला दिए जाते थे वैसे ही! यदि एकता और देशभक्ति से सम्बंधित गीत यदि छात्राओं के समक्ष प्रस्तुत किये जाए तो उनमें एकता एवं देशभक्ति को जाग्रत करना असम्भव नहीं होगा।