अजमेर 16 मई। जेएलएन अस्पताल अजमेर में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते एक ही रात में 6 नवजात शिशुओ एवं कमला नेहरू अस्पताल में भर्ती रोगी की जिन्दा जलने से हुई लगातार मौतों के विरोध में शहर कांग्रेस ने विरोध प्रर्दषन कर दोनों हादयों की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही के लिये कलेक्टर को ज्ञापन दिया। कांग्रेस का आरोप है कि ऐसी गम्भीर लापरवाहियों के बावजूद सरकार के मंत्री अगर इस तरह डाक्टरों का बचाव करेंगे तो यह निरंकुष होंगे और व्यवस्थाऐ बेकाबू होकर और बिगड़ेंगी।
दोनों हादसों में जेएलएन अस्पताल प्रषासन के गैर जिम्मेदाराना रवैये से नाराज शहर जिला कांगेस के नेता और कार्यकर्ता सोमवार सुबह सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ डाक बंगल पर इकठ्ठा हो गये आका्रेषित कांग्रेजन संगठन के अध्यक्ष विजय जैन के नेतृत्व में ग्यारह बजे छः बच्चों की मौत के विरोध स्वरूप चिकित्सा मंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुऐ जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट के लिये रवाना हुऐ। कांग्रेसी कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुऐ कलेक्ट्रेट पहुंचे ओर प्रर्दषन करते रहे कुछ उत्साही कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर चढ़ कर नारेबाजी की। यहां परिसर कलेकट्रेट में घुसने को लेकर उपाधीक्षक उत्तर राजेष मीणा ने काग्रेसियों से धक्का-मुक्की की जिससे कांग्रेसी आक्रोषित हो गऐ और अंदर घुसने पर आमादा कार्यकर्ताओं और पुलिस के में जबरदस्त जौर आजमाइष के बीच पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
कांग्रेस कार्यकर्ता धक्का-मुक्की करते हुऐ कलेक्ट्रेट परिसर मे घुस गये और सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करते हुऐ कलेक्टर के चैम्बर की और बढ़े यहां भी कांग्रेसी नेताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई जिला कलेक्टर गोरव गोयल बैठक में व्यस्त होने के कारण कक्ष में मौजूद नही थे इसलिये कांग्रेसी कार्यकर्ता बाहर नारेबाजी करते रहे। जिला कलेक्टर जब चैम्बर मे आऐ तो कमला नेहरू अस्पताल में जिन्दा जलने से मरे नाथुलाल कोली की माता किषनी देवी व अन्य परिजनों का साथ लेकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन, सचिव महेन्द्र रलावता, नसीम अखतर इंसाफ, ललित भाटी, डा. गोपाल बोहेती, डा. राजकुमार जयपाल, कमल बाकोलिया, राजेष टंडन का प्रतिनिधी मण्डल कलेक्टर को ज्ञापन देने गया।
कांग्रेस की ओर से जिला कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन मे बताया की जेएलएन अस्पताल में डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते एक ही रात में 6 नवजात शिशुओ की मौत की घटना के बाद से अस्पताल प्रबंधन इस मामले में लिपापोती करने की कोशिश कर रहा है मौत के कारणों का पता नहीं लग सके इसीलिये सभी मृतक नवजात बच्चों के परिजनों को शव देकर रवाना कर दिया गया है। पिछले जनवरी से अब तक षिषु विभाग मे 185 नवजात बच्चों की मौतें अस्पताल में बरती जा रही लापरवाही का जीता जागता सबूत है।
ज्ञापन मे बताया कि घटना वाली रात षिषू विभाग में सीनियर डाक्टर को नहीं बुलाया गया लापरवाही की इससे बड़ी मिसाल और नहीं मिल सकती। रविवार जब 6 मौतें हुईं तब तीन रेजीडेंट ही थे एक भी सीनियर डाक्टर नहीं था तथा एक भी फर्स्ट ग्रेड नर्सिंग कर्मी नहीं था यह गम्भीर मामला है जिसकी जांच अपेक्षित है। शिशु रोग विभाग में शिशुओं की ज्यादातर मौतें रात में ही हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि ईकाई की पूरी व्यवस्था जूनियर रेजीडेंट्स के हाथों में होती है। रात में इस अस्पताल में कोई सीनियर डॉक्टर नहीं रहता बीमार शिशुओं को देखने की जिम्मेदारी रेजीडेंट के भरोसे होती है।
12 मई को अजमेर के ही कमला नेहरू टीबी अस्पताल के स्टोर रूम में आग से एक मरीज की जलने से हुई मौत अस्पताल प्रषासन की लापरवाही का नतीजा है। मामले को रफा दफा किया जा रहा है कमला नेहरू टीबी अस्पताल मे चरमारई व्यवस्थाओं एवं डाक्टरों और नर्सीग स्टाफ की भंयकर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। लापरवाही का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अस्पताल में भर्ती अलवर गेट निवासी रोगी नाथूलाल कोली जिंदा जल गया और नर्सींग स्टाफ या डियुटी पर मौजूद रात्रिकालीन डाक्टरों को पता तक नहीं चला।
कांगेस ने आरोप लगाया की जांच समिति मामले को दबाकर सही कारणों का खुलासा नहीं करके वास्तविकता छिपाना है जांच कमेटी ने मृतक मरीज नाथूसिंह को डिप्रेशन का शिकार बताया है जबकि एक दिन पहले घटना वाले दिन नर्सिंग स्टाफ मेल ग्रेड फर्स्ट ने जब मरीज को मनोरोगी बताया था तब जांच कमेटी के सदस्य डॉ. नीरज गुप्ता ने नर्सिंग स्टाफ की इस बात का खंडन किया था और मरीज को निमोनिया का ही मरीज बताया था को और शुक्रवार को उन्हीं की जांच रिपोर्ट में मरीज को डिप्रेशन का पेशेंट बताना जांच की निष्पक्षता पर सैंकड़ों सवाल उठाता है।
ज्ञापन मे कलेक्टर से मांग की गई की कमला नेहरू अस्पताल और जे.एल.एन. के षिषु विभाग मे घटित की घटनाओं की न्यायिक/उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच करवा कर मामले के दोषियों के विरूद्ध अविलंम्ब कार्यवाही, अस्पताल के हर विभाग मे 24 घंटे सीनियर डाक्टर की तैनानी, अस्पताल मे नर्सींग स्टाफ और डाक्टरो की कमी की पूर्ती के लिये सरकार को शीघ्र प्रस्ताव तथा इसके अतिरिक्त रेजिडेन्ट डाक्टरों और अधिनस्त स्टाफ का मरीजों के प्रति सदव्यवहार के लिये निगरानी कमेटी का गठन किया जाऐ। कांग्रेस ने कमला नेहरू टीबी अस्पताल के स्टोर रूम में आग से मरीज की जलने से हुई मौत पर सरकार की और से मृतक के आश्रीतों को पचास हजार रूपयों की सहायता राषी प्रषासन की ओर से दी गई है जो मृतक के परिवार की आर्थिक हालात को देखते हुऐ कम प्रतीत होती है इसलिये मृतक आश्रीतों को पांच लाख रूपये मुआवजा दिया जाऐ।
विरोध प्रदर्षन मे प्रताप यादव, कुलदीप कपूर, प्रमिला कौषिक, फकरे मोईन, बीरमसिंह रावत,सौरभ बजाड़, अमोलक सिंह छाबड़ा, सुकेष कांकरिया, आरीफ हुसैन, अषोक बिंदल, गुलाम मुस्तफा, ललित भटनागर, अषोक शर्मा, विष्णु माथुर, राजेन्द्र नरचल, सुमेरसिंह, रागिनी चतुर्वेदी, शैलेन्द्र अग्रवाल, छीतरमल टेपण, लोकेष शर्मा, द्विवेन्द्र जादौन, इमरान सिद्दीकी, अब्दुल रषीद, मनोज कंजर, शमषुद्दीन, सुमित मित्तल, मनीष सेठी, मंजू सोनी, सुरेष लद्दड़, महेष पाराषर, गीता गुर्जर, लक्ष्मी नायक, रवि शर्मा, षिव बंसल, राजेन्द्र वर्मा, राजनारायण आसोपा, यासिर चिष्ती, शैलेष गुप्ता, गंगा गुर्जर, दिनेष वासन, मुनव्वर कायमखानी, बाबर खान, चंदनसिंह, र्निमल बैरवाल, कैलाष कौमल, सुनिल मोतियानी, भरत धोलखेड़िया, मुख्तार अहमद नवाब, उर्मिला नायक, हेमंत नायक, मुनीमचंद तम्बोली, अनुज टंडन, राकेष टेपण, वैभव जैन, षिवराज भडाना, सबा खान, अभिलाषा विष्नोई, अरूणा कच्छावा, नौरत गुर्जर, सर्वेष पारिक, दयाषंकर कष्यप, श्याम प्रजापति, दयानन्द चतुर्वेदी, दिनेष के शर्मा, सागर मीणा, सुनिल लारा, अतुल माहेष्वरी, रजनी कहार, दीनदयाल शर्मा, हेमंत ठोमरे, बालमुकूंद टांक, राकेष चौहान, सुषील शर्मा, एस.एम. अकबर, हुमांयु खान, बिपिन बैसिल, मोहम्मद शाकिर, अंकुर त्यागी, ललित डिडवानियां, मनीष चौरसिया, सुनिल धानका, मुजफ्फर भारती सहित सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे।