
कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि भाजपा के इन दोनों सांसदों ने अजमेर की आवाज संसद मे पुरजोर तरीके से नहीं उठाकर जिले को विकास दौड़ से बाहर कर दिया है गुजरे तीन आम बजटों मे जिस तरह अजमेर की घोर उपेक्षा की गई है यह इस बात को प्रमाणिक रूप से साबित करती है की इसके लिये अजमेर का प्रतिनिधित्व करने मे दोनो सांसद विफल रहे है। जबकि पूर्व सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलट के कार्यकाल में अजमेर जिला विकास की यात्रा मे सरपट दौड़ रहा था।
जैन ने दावा किया कि सचिन पायलट ने अपने पांच वर्षीय कार्यकाल मे अजमेर सेन्ट्रल युनिर्वसिटी, 20 से ज्यादा ट्रेनें, सी.ए. इन्सिटट्यूट फाॅर एक्सलेन्स, डाक प्रषिक्षण केन्द्र, विष्व स्तरीय रेलवे स्टेषन की घोषणा के साथ अजमेर रेलवे स्टेषन पर एस्केलेटर, पंचायतों का कम्पयुटर से आधुनिकरण, राजीव गांधी आई.टी. सेंटर की स्थापना, शहर को 50 लोफ्लोर बसें, चन्द्रवरदाई नगर खेल परिसर में एस्ट्रोट्रफ हाॅकी मैदान, अजमेर पेयजल की विभिन्न योजनाओं के लिये 200 करोड़ और पाईप लाईन के लिये 70 करोड़ की स्वीकृति, कई विद्युत सब स्टेषनों के निर्माण, ग्राम पालरा मे 50 करोड़ की लागत से इलेकट्रोनिक विकास केन्द्र, सहित अजमेर के 250 स्कूलों को 25 करोड़ की लागत से कम्युटर देने जैसे विकास के काम किये इसके बिलकुल विपरित अजमेर के सांसदों सावरलाल जाट औा भूपेन्द्र यादव के पायलट के मुकाबले गिनाने के लिये कुछ नहीं है।
उन्होने कहा कि सांसद रहते सचिन पायलट ने पुष्कर मेड़ता और अजमेर कोटा रेलवे लाईन की महत्वपूर्ण योजना मंजूरी करवाई जिससे न सिर्फ अजमेर इन दो रेल मार्गो के जरिये देष के कई हिस्सों से सीधा जुड़ जाता बलकि व्यापारिक रूप से भी अधिक गतिषील होता वर्तमान सांसदों की नाकारात्मक कार्यप्रलाणी के कारण पूर्व मे केन्द्रीय बजट मे स्वीकृत हो चुकी योजनाओं की क्रियान्वति नहीं हो रही है जिससे अजमेर विकास की मुख्यधारा से लगभग बाहर हो चुका है।
उन्होने कहा कि अजमेर में हवाई अड्डा सिर्फ सचिन पायलट की ही देन है जो 120 करोड़ की लागत से 676 एकड़ में निर्माणाधीन है। पायलट ने अजमेर को अपनी राजनीतिक कर्मभूमि के रूप मे अपनाने की शुरुआत के साथ ही जनता से वादा किया था कि वे यहां हवाई अड्डा बनाने का सपना पूरा करेंगे। और उन्होने अपना वादा पूरा किया और अजमेर की जनता को जुलाई मे यह सौगात मिलने वाली है।
जैन ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री रहते हुऐ सचिन पायलट ने भारत सरकार के आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय की ओर से राजीव आवासीय योजना के तहत अजमेर शहर के स्लम फ्री सिटी प्लान का अनुमोदन किया गया जिसके अन्तर्गत आगामी दस वर्षों में लगभग तीन हजार करोड़ रूपये की राशि खर्च करने की योजना थी जिसके तहत अजमेर शहर गंदी बस्तियों से मुक्त करने का बड़ा काम होना था। स्लम फ्री सिटी प्लान में अजमेर शहर की 83 कच्ची बस्तियों में आवास व आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए तीन हजार करोड़ रूपए की योजना तैयार की गई।