अजमेर। कथा मर्मज्ञ रामदेवरा के संत स्वामी श्री मूल योगीराज ने कहा कि बाबा रामदेव ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए निरंतर प्रयास किये। अमरकोट के राजा दलपत सोढा की पुत्री नैतल के साथ विवाह कर उन्होंने कन्याओं से रूप-रंग और अन्य विकृतियों वाली कन्याओं के उद्धार का सन्देश दिया। नैतल दृष्टिहीन, अष्टवक्री और कुरूप थी फिर भी बाबा रामदेव ने विवाह किया। रंग-रूप को देख कर जो रिश्ता करते हैं वे नादान हैं, विवाह के लिए कन्या के गुण को देखना चाहिए।
आजाद पार्क में चल रही रूणिचा वाले बाबा रामदेव की कथा के षष्ठम दिवस शुक्रवार को कथा के दौरान संत स्वामी श्री मूल योगीराज ने कहा कि हवा से सुगंध मात्र में फैलती है जबकि सुकृत्यों द्वारा उपार्जित की गयी कीर्ति सभी दिशाओं में फैलती है। रिश्ता, लेन-देन और लड़ाई बराबर वालों मे ही होता है।
संत स्वामी श्री मूल योगीराज ने कहा कि यदि आपके यहाँ कोई उम्मीद लेकर आये और खाली हाथ जाये, इससे अधिक निंदनीय कार्य और कोई हो ही नहीं सकता। कभी किसी की उम्मीदों पर कुठाराघात नहीं करना चाहिए। बाबा रामदेव ने अंधविश्वासों का निवारण, समाज सुधार और दुखियोना की सेवा और रक्षा करने की शिक्षा समाज को दी।
संत स्वामी श्री मूल योगीराज ने कहा कि कथा का तात्पर्य ही विचारों का आदान-प्रदान होता है। कथा में सभी को अपनी सभी जिज्ञासाओं का समाधान मिलना चाहिए, तब ही वह कथा सार्थक कही जा सकती है। सनातन धर्म मे अनेक शक्तियां हैं, उन शक्तियों को पहचानने और उन्हें समय और विधि-विधान के अनुसार उपयोग करने पर वे निश्चित ही सुफल प्रदान करती हैं।
शुक्रवार की कथा मे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं राजस्थान सरकार की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती अनीता भदेल ने कहा कि बाबा रामदेव ने जनमानस के कल्याण के लिए अनेक विशिष्ठ कार्य किये। बाबा रामदेव के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर सभी को नारी सम्मान, अछूतो के उद्धार और अन्य समाज सुधार के लिए कार्य करना चाहिए। नारीशाला बोर्ड की चीजमें श्रीमती भारती श्रीवास्तव ने रामदेवरा दरबार मे अपनी सेवाएं देने वाले अनिल विश्नोई का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
कथा के मध्य मे साध्वी शशि गौतम जी ने अपनी सुमधुर आवाज़ मे पायो जी मैंने राम रतन धन पायो, चालो विनायक आपां जोशी जी के चालां, म्हारी हल्दी रो रंग सुरंग सहित अनेक भजन प्रस्तुत किये। पूर्ण लय-ताल और वाद्य यंत्रों की ध्वनि के साथ प्रस्तुत भजनों पर कथा मंडप में विराजित श्रोतागण भाव-विभोर होकर नाच उठे।
कथा आयोजक संस्था बाबा श्री रामदेव कथा समिति के प्रमुख कार्यकर्ता सत्यनारायण भंसाली ने बताया कि शुक्रवार की कथा में बाबा रामदेवजी द्वारा दो रूप बना पुंगलगढ़ जाकर रतना राईका के बंधन खोलना, सुगनाबाई को रुणिचा लाना, बारात अमरकोट प्रस्थान, कपडे की बिल्ली जीवित कर रूणिचा आना और सुगनाबाई के पुत्र को जीवित करना आदि के प्रसंगो का वर्णन किया गया। शनिवार की कथा में साम्प्रदायिक सद्भाव सभा, छुआछूत का खंडन करना, रामसरोवर पर्चा बावड़ी की स्थापना, डालीबाई का रुणेचा नगर त्यागना, कुष्ठ रोगियों को रुणेचा मेसा बसा कर कुष्ठाश्रम की स्थापना आदि प्रसंगों का वर्णन किया जायेगा।
पार्षद एवं बाबा के परम भक्त पार्षद कुंदन वैष्णव के अनुसार शुक्रवार की कथा मे राजस्थान सरकार की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती अनीता भदेल, पार्षद धर्मेंद्र चौहान पंचम और राजस्थान संस्कृत परिषद् की सदस्य श्रीमती अभिलाषा यादव, उमेश गर्ग, जीतेन्द्र धारू, महेन्द्र मारू, अमरचंद भाटी आदि विशेष रूप से पूजा और आरती मे उपस्थित थे।
कथा में हुआ चमत्कार
21 वर्षीय जन्मजात युवक की लौटी बोलने और श्रवण शक्ति
अजमेर। आजाद पार्क में चल रही रूणिचा वाले बाबा रामदेव की कथा में शुक्रवार को कथा के दौरान संत स्वामी श्री मूल योगीराज ने एक जन्मजात मूक-बधिर युवक की ध्वनि शक्ति लौटा कर चमत्कार कर दिया। मसूदा से आये 21 वर्षीय देवेंद्र सिंह सोलंकी के बारे मे जब मूल योगीराज को पता चला कि वे जन्म से ही मूक-बधिर हैं तो उन्होंने देवेंद्र को मंच पर बुलाया और उनके कान में शंख ध्वनि की। पहले एक मीटर दूर से शंख ध्वनि सुनाई दी और फिर दो, पांच और दस मीटर दूर से शंख ध्वनि सुनाई। यह ध्वनि सुनने के बाद देवेंद्र की श्रवण शक्ति लौट आई। मंच पर युवक ने जब बाबा शब्द का उच्चारण किया तो हज़ारों लोगों की साक्षी में हुए इस चमत्कार से पंडाल बाबा रामदेव की जय-जयकार से गुंजायमान हो गया।
(महेन्द्र मारू)
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