रावतसेना बांदनवाडा महासम्मेलन से राजनीतिक हलके में मची खलबली

– रावतसेना संस्थापक महेन्द्रसिंह रावत बोले
”अब बेटी और वोट केवल रावत समाज को ही देंगे !”
– खरवा से एकसाथ सैंकडों वाहनों की महारेली मसूदा, बिजयनगर, भिनाय होकर पहुंची बांदनवाडा
– जय भारत-जय रावत, रावतसेना जिन्दाबाद के जयकारों से गुंजा आसमां
– सम्मेलन में राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, उतराखंड, कर्नाटक से आएं हजारों रावतसेना कार्यकर्ता
– शहीद नीम्बसिंह रावत की विरांगना रोडीदेवी रावत को दिया पहला वीर शहीद राजूसिंह रावत वीरता अवार्ड 2017
– महारेली में 6 घंटे, 250 किलोमीटर, 482 वाहन, चार किलोमीटर लम्बा वाहनों का काफिला

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रावतसेना संस्थापक महेन्द्रसिंह रावत ने बेटी और वोट केवल रावत समाज को ही देने तथा देशभर में बसे रावतों को क्षेत्रीय एवं गौत्रीय महासभाओं में नही बांट कर एक जाजम पर लाने के लिए एकजुटता से समाजहित में सेवाकार्य करने का आह्वान किया। मौका था 17 सितम्बर, रविवार को मसूदा विधानसभा क्षेत्र के बांदनवाडा कस्बे में स्थित रावत उप महासभा भवन में आयोजित राष्ट्रीय रावतसेना कार्यकर्ता महासम्मेलन। महासम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे संस्थापक महेन्द्रसिंह रावत ने समाज के दु:ख, दर्द में एम्बुलेंस से भी पहले मदद करने के लिए तैयार मिलने की बात कही। उन्होने रावतसेना की स्थापना के उद्देश्य और कार्यों के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हुए युवाओं को रावतसेना से जुडने की अपील की। राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष गोपालसिंह रावत ने सामाजिक कुरितियों का विरोध करते हुए इन्हे जड़मूल से ऊखाड फेंकने की बात कही। उन्होने रावत समाज की अनदेखी करने वालों को अब करारा जवाब देने की बात कही। संयोजक कुंदनसिंह रावत मुहामी ने समाज की एकता के बिना समाज का हक नही मिलने की बात कहते हुए समाजिक एकता के लिए एक मंच पर आने का आह्वन किया। उन्होने रावतसेना को रावत समाज का सबसे मजबूत संगठन बताते हुए सभी का आभार जताया। महासम्मेलन को प्रदेश महामंत्री वदेप्रकाशसिंह मसूदा, टिकमसिंह कडीवाल ब्यावर, सुधीरसिंह भीम, प्रदेश उपाध्यक्ष किशोरसिंह, एडवोकेट शक्तिसिंह बडलिया, प्रेमसिंह जवाजा, विधिसंयोजक एडवोकेट जितेन्द्रसिंह पंवार, कोषाध्यक्ष प्रकाशसिंह ब्यावर, आंदोलन प्रमुख देवीसिंह पंवार जवाजा, प्रवक्ता हरिसिंह रावत, अजमेर जिलाध्यक्ष राजकमलसिंह रावत, राजसमंद जिलाध्यक्ष फतेहसिंह, मसूदा विधानसभा अध्यक्ष युवराजसिंह खरवा, नसीराबाद विधानसभा अध्यक्ष धर्मेन्द्रसिंह लामाना, पुष्कर विधानसभा अध्यक्ष चमनसिंह माधोपुरा, अजमेर उत्तर विधानसभा अध्यक्ष जितेन्द्रसिंह राणा, सुखदेवसिंह भुणाभाय, अभिनेता करणसिंह अजमेर, मध्यप्रदेश प्रभारी हरचंदसिंह राजौरिया, अखिल भारतीय मांगटजी महाराज मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष एडवोकेट विरेन्द्रसिंह पंवार, मसूदा प्रधान नारायणसिंह रावत, पूर्व प्रधान हंगामसिंह रावत, सीआर राजेन्द्रसिंह मांडल, भालिया विकास संघ अध्यक्ष बंसतसिंह माट्साब, किरीट भाई गुजरात, मदनसिंह रावत हीरापुरा, जवाजा पंचायत समिति सदस्य बसंतसिंह अरनाली, एडवोकेट घनश्यामसिंह भीम, धर्मसिंह रावत, चैनसिंह कालिंजर, दिलीपसिंह टॉडगढ, धीरेन्द्रसिंह मालातों की बेर, प्रकाशसिंह भीम, दयालसिंह अतीतमंड, पवनसिंह कोटडा, मोहनसिंह फौजी बडाखेडा, चंदर शेखर बंजारी, दीलीपसिंह व रघुवीरसिंह भोजपुरा, लक्ष्मणसिंह कोटडा, बालूसिंह दुर्गावास, भैरूसिंह जालिया प्रथम, प्रतापसिंह गोहाना, सिकेन्द्रसिंह नून्द्री मालदेव, गोर्धनसिंह सरगांव, रतनसिंह सुरडिया, जीतेन्द्रसिंह काबरा, त्रिलोकसिंह व डॉ. बबलू बडाखेडा, रूपसिंह रावत गोर्धनपुरा, मदनसिंह बनेडिया आदि ने संबोधित किया। महासम्मेलन में राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, उतराखंड, कर्नाटक आदि प्रदेशों से हजारों रावतसेना कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। रावतसेना को लेकर युवाओं में गजब का उत्साह देखने को मिला तो महासम्मेलन में हजारों कार्यकर्ताओं का सैलाब उमडने से सम्मेलन का पांडाल छोटा पड गया। महासम्मेलन में मंच संचालन मसूदा विधानसभा उपाध्यक्ष सुरेशसिंह रावत, मसूदा विधानसभा अध्यक्ष युवराजसिंह रावत, मध्यप्रदेश प्रभारी एवं जिला उपाध्यक्ष हरचंदसिंह राजौरिया ने किया।

महारेली में 6 घंटे, 250 किलोमीटर, 482 वाहन, चार किलोमीटर लम्बा वाहनों का काफिला

रावतसेना राष्ट्रीय कार्यकर्ता महासम्मेलन बांदनवाडा के लिए सुबह 11 बजे से रावतसेना कार्यकर्ता ब्यावर, जवाजा, भालिया, टॉडगढ, भीम, सेन्दडा, रायपुर, पाली, अजमेर, पुष्कर, नसीराबाद, मसूदा, भीलवाडा, उदयपुर, जयपुर, जोधपुर से राष्ट्रीय राजमार्ग-8 स्थित खरवा चौराहा पर पहुंचे, जहां से एकसाथ बांदनवाडा महासम्मेलन में भाग लेने के लिए 482 वाहानों का काफिला रवाना हुआ जो विभिन्न गांवों से होकर मसूदा पहुंचा। मसूदा में मुख्य बाजार से होकर निकली वाहनों महारेली पर जगह-जगह विभिन्न समाजोंं के लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मसूदा से रेली बिजयनगर पहुंची, जहां बिजयनगर के मुख्य मार्गो से होकर भिनाय पहुंचे। इस दौैरान करीब चार किलोमीटर लम्बे वाहनों के काफिले का जगह-जगह स्वागतद्वार पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। भिनाय से बांदनवाडा महासम्मेलन में पहुंचते-पहुंचते महारेली को करीब 6 घंटे रास्ते में ही बीत गए और आखिर शाम चार बजे महा सम्मेलन शुरू हुआ।

शहीद नीम्बसिंह रावत की विरांगना रोडीदेवी रावत को दिया वीर शहीद राजूसिंह रावत वीरता अवार्ड 2017

रावतसेना महासम्मेलन में गत 18 सितम्बर 2017 को जम्मु-कश्मीर के उडी सेक्टर में भारतीय थल सेना की छठी रेजिमेंट में तैनात राजसमंद जिले की भीम तहसील के राजवा गांव निवासी हवालदार नीम्बसिंह रावत के देश की रक्षार्थ शहीद होने पर उनकी पत्नी विरांगना रोडीदेवी रावत को रावतसेना ने वीर शहीद राजूसिंह रावत वीरता अवार्ड 2017 से सम्मानित किया गया। जिसमें विरांगना रावत को माला व सॉल ओढाकर स्मृतिचिन्ह और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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