अजमेर 1 नवम्बर। पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी की मूर्ति स्थापना के लिए कांग्रेस ने निर्णायक संघर्ष का मानस बना लिया है शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने एडीए प्रशासन को साफ तौर पर बता दिया है कि या तो मूर्ति दो या इन्कार करो क्योंकि कांग्रेस 19 नवंबर से पूर्व स्मारक पर मूर्ति स्थापित कर देगी। कांग्रेस किसी भी टकराव के हालात से निबटने को तैयार है।
शहर कांग्रेस प्रवक्ता मुजफ्फर भारती के अनुसार भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के जन्म शताब्दी वर्ष के कारण शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन पिछले एक साल से स्टेशन रोड स्थित इंदिरा गांधी स्मारक पर श्रीमती गांधी की प्रतिमा के स्थापना हेतु प्रयासरत है। इसी सिलसिले में पिछले दिनों एडीए अध्यक्ष शिव शंकर हेड़ा से मिले कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने नवरात्रों तक मूर्ति नहीं देने की स्थिति में कांग्रेस की ओर से मूर्ति बनवाकर स्थापना की चेतावनी दी थी। इस चेतावनी के बाद जिला कलेक्टर गौरव गोयल ने कांग्रेस और एडीए प्रशासन के बीच मध्यस्थता करते हुए कांग्रेस को शीघ्र मूर्ति दिलवाए जाने के प्रयास शुरू किए। इस संवेदनशील राजनीतिक मुद्दे को हल करने के लिए जिला कलेक्टर गौरव गोयल ने एडीए सचिव हेमंत स्वरूप माथुर को जिम्मेदारी दी। कांग्रेस प्रवक्ता का आरोप है कि मूर्ति स्थापना के संदर्भ में हेमंत माथुर से कई बार कांग्रेस पदाधिकारियों ने मिलने का प्रयास किया परंतु उन्होंने कलेक्टर गौरव गोयल के आदेश को नजरअंदाज करते हुए इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई जिससे जाहिर है कि इस मामले में एडीए प्रशासन का कितना नकारात्मक रवैया है और इससे जाहिर भी होता है कि एडीए कांग्रेस से टकराव चाहती है।
शहर कांगेस प्रवक्ता भारती के मुताबिक कांग्रेस द्वारा 19 नवंबर को श्रीमती गांधी की जयंती को जन्म शताब्दी वर्ष के रूप में मनाना तय है इसलिए शहर कांग्रेस मूर्ति स्थापना के लिए निर्णायक संघर्ष करने का मानस बना चुकी है। दो दिन पूर्व कांग्रेस पदाधिकारियों और बुधवार को इस मुद्दे पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन की एडीए अध्यक्ष से विस्तार पूर्वक चर्चा हुई लेकिन मूर्ति सपने के संदर्भ में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं हो सका। विजय जैन ने एडीए अध्यक्ष को साफ तौर पर कह दिया कि या तो एडीए प्रशासन कांग्रेस को इंदिरा गांधी जी की प्रतिमा दे या उन कारणों सहित मना करें जिनके तहत कांग्रेस द्वारा पैसा जमा करा देने के बावजूद भी मूर्ति देने में आनाकानी की जा रही है। साथ ही उन्होंने हेड़ा को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इंदिरा जी की मूर्ति कांग्रेस को शीघ्र सौंपी जाए या कांग्रेस द्वारा जमा राशि लौटा दी जाए। ताकि वह अपने स्तर पर मूर्ति का निर्माण करा कर 19 नवंबर से पूर्व उसे स्थापित कर दें। कांग्रेस ने अधिकृत रूप से कहा है कि एडीए प्रशासन ने इंदिरा जी की मूर्ति सौंपने के संदर्भ में शीघ्र कोई निर्णय नहीं किया तो उनकी जन्मतिथि से पूर्व कांग्रेस अपने स्तर पर मूर्ति स्थापित कर देगी इसके लिए प्रशासन से यदि कोई टकराव के हालत बनते हैं तो शहर कांग्रेस उसके लिए तैयार है।
दरअसल इंदिरा गांधी स्मारक स्थल का भूस्वामी नगर निगम है और प्रतिमा स्थापना के संर्दभ में नगर निगम अजमेर दिसम्बर 2012 की साधरण सभा में पारित प्रस्ताव की अनुपालना में मुख्य कार्यकार अधिकारी ने मूर्ती स्थापना हेतु अनापत्ति जारी की। इसी प्रकार नगर सुधार न्यास के अधिषाषी अभियंता व नगर नियोजक अजमेर, प्रादेषिक परिवहन अधिकारी अजमेर तथा जिला पुलिस अधीक्षक अजमेर की अनापत्ति आपके कार्यालय को प्राप्त हो चुकी है। मोईनिया स्कूल के समीप पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमति इन्दिरा गांधी जी के स्मारक पर उनकी प्रतिमा स्थापित किये जाने के संर्दभ मे संभागीय आयुक्त अजमेर द्वारा दिनांक 20 दिसम्बर 2012 को स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद इंदिरा गांधी स्मारक पर भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की मूर्ति स्थापित करने संबंधी प्रकरण विगत कई वर्षों से प्रशासनिक स्तर पर लंबित है जिसके परिणाम स्वरुप शहरवासियों एवं कांग्रेसजनों की भावनाएं आहत हो रही हैं मूर्ति स्थापना नहीं हो पाने का प्रमुख कारण प्रशासनिक नैराश्य का परिणाम है जिसे अब बर्दाष्त नहीं किया जाऐंगा।