एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न
महिलाओं एवं बच्चों को पोष्टिक आहार का समय पर मिलना देश की उन्नति में साधक
अजमेर, 06 सितम्बर। राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जर्नादन राय नागर, राजस्थान विद्यापीठ परिसर में उपनिदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग डॉं.अनुपमा टेलर, की अध्यक्षता में हुआ। इसमें संस्थान के बीएड, एसटीसी, समाज कल्याण के छात्रावास, आंगनबाड़ी प्रशिक्षण केन्द्र, विधालयों में अध्ययरत् छात्र-छात्राऎं एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे। डॉ. टेलर ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम का उद्वेश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को समय पर सन्तुलित एवं पोष्टिक आहर तत्व मिले। इससे स्वस्थ माता स्वस्थ नवजात को जन्म देेगी जो कि आगे चलकर देश के विकास में सहयोग प्रदान करेंगा। देश उन्नति की ओर अग्रसर होगा जिसका लाभ हम सभी को मिलेगा ।
उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित बालिकाओं को हाईजैनिक विषय पर सम्बोधित करते हुये कहा कि कि समाज के बदलते परिवेश में अब समाज, परिवार की सोच में निश्चित रूप से बदलाव हुआ है। बालिकाओं को अपने मासिक धर्म के दौरान पूर्ण सावधानी एवं संवेदनशील रहना चाहिए। विशेषकर स्वच्छता की ओर ध्यान देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत सरकार, राज्य सरकार ने अब महिलाओं एवं बच्चों के लिये कई प्रकार की योजनाओं का संचालन कर रही है जो कि सीधे रूप से उन्हें स्वस्थ बनाये रखने में कारगर सिद्व हो रही है।
उन्होंने कहा कि समेकित बाल विकास सेवाऎं विभाग के माध्यम से राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना सहित अन्य योजनाऎं संचालित कर रखी है। अब सरकार ने आंगनबाडी केेन्दों पर पोषहार एवं अनौपचारिक शिक्षा के अतिरिक्त गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के गर्भावस्था के समय के दौरान मिलने वाले पोष्टिक आहार को क्रय करने से जुड़ने वाली योजनाओं के संबध्ां में जोडा है। अब केन्द्र का कार्य बहुत ही व्यापक हो चुका है । उन्होंने कहा कि केन्द्रों को हिन्दुस्तान जिंक, वेंदान्ता समूह ने भी अपने वित्त पोषण से सहयोग कर सशक्त करने का एक प्रयास किया जिसका लाभ केन्द्र पर आने वाले लाभान्वितों को मिला है ।
उन्होंने कहा कि पोषण कार्यक्रम का मुख्य उद्वेश्य बच्चे कुपोषित एवं अतिकुपोषित न हो इसके लिये मां का स्वस्थ होना। उसमें किसी भी प्रकार की खुन की कमी न हो इसके लिये उसे पोष्टिक आहर एवं आईएफए टेबलेट समय पर मिले इसके लिये हम सभी को इसमें सहभागी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मां स्वस्थ होगी तो बच्चा भी स्वस्थ होगा जो कि आगे चलकर देश के विकास में भागीदार होगा जिससे समाज,परिवार को गर्व महसूस होगा ।
इससे पूर्व डॉं.उल्मा ने उपस्थित संभागियों को स्वच्छता एवं शारारिक एवं मानसिक स्वच्छता के विषय में बच्चों को फिल्मांकन के माध्यम से समझाया ।
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुऎ श्रीमती श्रीवास्वत ने कहा कि आज के स्वस्थ बच्चे ही कल देश के निर्माण मे ंसहायक होगे ।
कार्यशाला में राष्ट्रीय पोषण अभियान की जिला समन्वयक सुश्री नताशा ने पोष्टिक तत्वों एवं इसकी कमी से शरीर को होने वाले नुकसान एवं पोष्टिकता से इसके लाभ के विषय में बताया। साथ ही जिला प्रबन्धक, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना श्री मनीष जैन ने उपस्थित संभागीणों को बताया कि गर्भावस्था में पोष्टिक आहार के लिये संस्थागत प्रसव से जुड़ने वाली महिलाओं को विभिन्न चरणो ंमें कुल 5 हजार रूपये विभाग द्वारा दिये जाते है। इसके लिये आंगनबाडी केन्द्र पर आवेदन पत्र वितरित कर कार्यकत्र्ता के माध्यम से रजिस्टर्ड करवाये जाते है ।
कार्यशाला को डॉं.के.एस.वर्मा,प्रबन्धक,आंगनबाड़ी प्रशिक्षण केन्द्र, हटूण्डी, अजमेर ने सम्बोधित करते हुऎ कहा कि निश्चित रूप से इस प्रकार की कार्यशालाए महिलाओं एवं बालिकाओं के लिये कारगर सिद्व होगी। साथ ही संस्था का सदैव प्रयास रहेगा कि इस प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रम को विभाग के सहयोग एवं सदंर्भ व्यक्तियों के माध्यम से आयोजित किया जाए।
कार्यशाला का संचालन प्राचार्य,आंगनबाडी कार्यकत्र्ता प्रशिक्षण केन्द्र ,हटूण्डी श्रीमती मोहिनी भटनागर एवं श्रीमती सैन, अनुदेशिका ने किया । इससे पूर्व कार्यशाला का विधिवत शुभारम्भ डॉं.अनुपमा ने सरस्वती वन्दना एवं दीप प्रवज्जल कर किया । अंत में डॉं.वर्मा ने सभी उपस्थित संभागियों का आभार व्यक्त किया ।

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