मर्यादा व अनुशासन की मिसाल बना संत निरंकारी समागम

केकडी ब्रांच मुखी अशोक रंगवानी ने बताया कि 3 दिन तक लाखों श्रद्धालु भक्तों के उमङने के बावजूद शानदार व्यवस्था बनी रही।सेवादारों ने लगातार अपनी ड्यूटी को पूरी तल्लीनता के साथ निभाया संत निरंकारी समागम में जिस तरह आस्था का सैलाब उमड़ा है उससे हर किसी की नजर व्यवस्थाओं पर टिकी रही। अक्सर भीड़ के बीच में हंगामा, झगड़ा,धक्का-मुक्की का नजारा आम होता है लेकिन यहां समागम पर ऐसा कुछ भी नहीं था यहां मर्यादा भी थी और अनुशासन भी।
सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज के वचन ने हर किसी को एक डोर में बांधे रखा था।माता सुदीक्षा महाराज ने कहा कि सत्संग कोई रस्म नहीं बल्कि यह एक संत जनों का अद्वितीय मिलन है ज्ञान से सज्जनों के आध्यात्मिक अनुभव से हमें प्रेरणा मिलती है श्रद्धालुओं को उसे सुनकर आत्मसात करना चाहिए।
संत निरंकारी मिशन की आध्यात्मिक प्रमुख सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज ने संत के जीवन की व्याख्या करते हुए कहा कि संत हमेशा कृतज्ञता का भाव धारण करते हैं,इससे इंसानों में दूरियां समाप्त होकर प्यार बढ़ता है।
केकड़ी मंडल प्रवक्ता राम चंद टहलानी ने बताया कि समागम में अमृतसर में हुए ग्रेनेड हमले में ब्रह्मलीन हुए प्रचारक संत सुखदेव की पत्नी प्रवीण कुमारी ने कहा कि जिंदगी आनी और जानी है यह हमारा परम सौभाग्य है कि सतगुरु ने इस प्रकार की जिंदगी दी है हम चाहते हैं कि हमारे सारे संसार के अंदर सुख शांति संस्कारों भरा जीवन व्यतीत करते हुए सद्गुरु का यश गाते चले जाएं जो संत समागम से शिक्षा मिलती है उसे जीवन में अपनाते जाए हर व्यक्ति को इस एक दूसरे की मदद करनी चाहिए यही समागम का मुख्य उद्देश्य है।
भव्य निरंकारी प्रदर्शनी बनी रही आकर्षण का केंद्र।
केकड़ी ब्रांच के सेवादल इंचार्ज लक्ष्मण धनजानी ने बताया कि 71वें वार्षिक संत समागम स्थल पर लगाई गई भव्य निरंकारी प्रदर्शनी लाखों भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनी रही इस प्रदर्शनी में निरंकारी मिशन के दर्शन,इतिहास, समाज सेवा,मानवता के प्रति की गई विभिन्न गतिविधियों को सुंदर कटआउट,दुर्लभ तथा नवीन फोटोग्राफ के जरिये विभिन्न कला के मॉडल्स के द्वारा दर्शाया गया था।पूरे भारतवर्ष सेएवं विश्व के 70 देशों से आए हुए भक्तों का यह संत समागम हरियाणा का सबसे बड़ा कार्यक्रम रहा।संत निरंकारी मिशन का संदेश प्यार,नम्रता,सहनशीलता, मिलवर्तन,भाईचारा,अपनापन है इस समागम में केकड़ी क्षेत्र से भी लगभग 200 श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया इस समागम में दूर देशों से आए हुए 61डॉक्टर समागम का हिस्सा बने एवं रीढ़ से संबंधित मरीजों का निशुल्क उपचार किया।

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