चुनाव परिणाम को लेकर प्रत्याशियों के दिल की धड़कनें बढ़ी

विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान का परिणाम 11 दिसम्बर की दोपहर तक आ जायेगा। चुनाव परिणाम जानने की उत्सुकता को लेकर दोनों दलों के प्रत्याशियों के दिल की धड़कनें तेज हो गई है। हालांकि दोनों प्रत्याशी कांग्रेस के डॉ रघु शर्मा व भाजपा के राजेन्द्र विनायका अपनी-अपनी जीत के प्रति आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं, मगर मन मे डर है कि कहीं मतदाताओं की खामोशी कुछ उल्टा सीधा न कर दे। वैसे तो मत ईवीएम मशीनों में कैद हो चुके हैं। उधर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं व समर्थकों में भी चुनाव परिणाम जानने की उत्सुकता बढ़ती जा रही है। दोनों प्रत्याशियों के समर्थक जोड़-बाकी, गुणा-भाग करने में लगे हैं। अलग अलग गांवो, कस्बों व शहरी मतों को लेकर अंदाजा लगाया है कि उन्हें कितने वोट मिले। जातिगत समीकरण के हिसाब से भी आंकलन किया जा रहा है। कांग्रेस के राजनैतिक पंडितों का कहना है कि केकड़ी क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ शर्मा की जीत सुनिश्चित है उनका कहना है कि इस बार न तो मोदी लहर का असर था और न ही पहले की तरह इस बार चुनाव में कांग्रेस का कोई बागी प्रत्याशी चुनाव मैदान में था जबकि पिछली बार तो कांग्रेस के पूर्व विधायक बाबूलाल सिंगारिया चुनाव मैदान में थे उन्होंने कांग्रेस के मतों में सेंध मारकर कांग्रेस को भारी नुकसान पहुंचाया था, उस विधानसभा चुनाव में सिंगारिया को करीब 17 हजार मत मिले थे। वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के शत्रुघ्न गौतम ने कांग्रेस के डॉ रघु शर्मा को त्रिकोणीय संघर्ष में करीब 8 हजार मतों से हराया था। राजनैतिक पंडितों का कहना है अगर सब कुछ ठीक हुआ और उनकी गणित सही साबित हुई तो कांग्रेस के डॉ शर्मा की जीत 15 हजार से अधिक मतों से होगी। इधर भाजपा के जानकार भी भाजपा प्रत्याशी राजेन्द्र विनायका की जीत पक्की बता रहे हैं। उनका आंकलन है कि करीब 4-5 हजारों के अंतर से विनायका की जीत हो रही है। हालांकि उन्होंने यह बात स्वीकार की है कि उम्मीद के अनुसार भाजपा के पक्ष में अधिक मतदान होना था लेकिन ऐनवक्त विनायका के समर्थित माने जा रहे महाजन समाज के ही अधिकांश मत नहीं डल पाये वहीं भीतरघात भी हुई है। भाजपा को केकड़ी शहर के मतदाताओं से बहुत ज्यादा उम्मीद थी। भाजपाई शहर से करीब 5 हजार मतों की लीड मानकर चल रहे थे लेकिन भाजपा के प्रति मतदाताओं में अधिक उत्साह न होना इस बात के संकेत देता है कि शहर से भाजपा को उम्मीद के अनुरूप मत नहीं मिल पाये हैं। जानकारों का तो यहां तक कहना है कि मतदान के दौरान शहरी मतदाताओं में कांग्रेस के पक्ष में अधिक उत्साह देखने को मिला। इससे लगता है कि केकड़ी शहर से करीब डेढ़-दो हजार मतों का ही अंतर रहेगा। अब यह डेढ़-दो हजार मत कांग्रेस को मिलेंगे या भाजपा को कहा नहीं जा सकता। वहीं अधिकांश गांवों में हुआ मतदान कांग्रेस की बढ़त के संकेत दे रहा है। खैर जी जो भी हो 11 को मतगणना के बाद परिणाम आ ही जायेंगे। हां तब तक प्रत्याशियों, पार्टी कार्यकर्ताओं व प्रत्याशियों के समर्थकों को दिल थामकर बैठना होगा।

तिलक माथुर
केकड़ी_राजस्थान
*9251022331*

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