मित्तल हाॅस्पिटल में हुए जटिल लेप्रोस्कोपिक यूरोलोजी आॅपरेशन

रोगियों को मिला भामाशाह बीमा योजना में निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ
यूरोलाॅजिस्ट डाॅ कुलदीप शर्मा ने किए जटिल लेप्रोस्कोपिक आॅपरेशन

डाॅ कुलदीप शर्मा
अजमेर, 14 जनवरी( )। कमर में दर्द से ग्रसित एक युवती और एक युवक की पीड़ा का मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पर दूरबीन पद्धति से जटिल आॅपरेशन कर निदान किया गया। कल्याणीपुरा अजमेर निवासी 25 वर्षीय युवक के लेप्रोस्कोपिक पायलोप्लास्टि आॅपरेशन किया गया वहीं फूलागंज अजमेर निवासी 35 वर्षीय युवती का खराब गुर्दा दूरबीन पद्धति से निकाला गया। दोनों ही मरीजों का उपचार भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मित्तल हाॅस्पिटल में निःशुल्क किया गया।

केस-1
युवक का किया लेप्रोस्कोपिक पायलोप्लास्टि आॅपरेशन-
मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के यूरोलाॅजिस्ट डाॅ कुलदीप शर्मा ने बताया कि युवक के गुर्दे एवं मूत्रनली के बीच में जन्मजात सिकुड़न थी जिसे चिकित्सकीय भाषा में पेल्वियूरेटरिक जंक्शन आॅब्स्ट्रक्शन कहते हैं। इसकी वजह से युवक को कमर में बड़ा दर्द रहा करता था। युवक के लेप्रोस्कोपिक पायलोप्लास्टि कर दो दिन बाद ही घर के लिए छुट्टी दे दी गई।

केस-2
महिला का खराब गुर्दा निकाला, 3 साल से थी गुर्दे में पथरी
डाॅ कुलदीप ने बताया कि महिला को तीन साल से गुर्दे में पथरी की शिकायत थी। उन्हें कमर दर्द रहता था। दर्द होने पर महिला उपचार लेकर तात्कालिक राहत पा लेती थी किन्तु अपेक्षित उपचार नहीं ले पाने से गुर्दा खराब हो गया। इंफेक्शन फैलने से बुखार भी रहने लगा। आखिर उनका एक गुर्दा निकाला गया। उन्होंने बताया कि सामान्य रूप से गुर्दा निकालने के लिए बड़ा चीरा लगाना होता है किन्तु मरीज के दूरबीन पद्धति से ही उपचार कर पीड़ा का निदान कर दिया गया।
डाॅ कुलदीप ने बताया कि पहले इस तरह के जटिल आॅपरेशन के लिए मरीज को महानगरों में ही जाना पड़ता था किन्तु अब अजमेर के मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पर भी ऐसे जटिल आॅपरेशन होने लगे हैं।
नियमित कराएं जांच-
डाॅ कलदीप शर्मा ने कहा कि पथरी का दर्द नजर अंदाज ना करें। कई बार बिना दर्द के गुर्दे में पथरी का पता तब चलता है जब कि गुर्दा खराब हो चुका होता है। उन्होंने कहा कि कमर में दर्द रहने, पेशाब में खून आने, मूत्र संबंधित किसी तरह की शिकायत रहने जैसे पेशाब करते हुए जलन होने, पेशाब की धार सामान्य नहीं होने आदि लक्षणों को नजर अंदाज करने से बीमारी बढ़ जाती है। बीमारी को बढ़ने से पहले ही चिकित्सक से परामर्श कर आवश्यक जांचें कराएं और निदान पाएं।
भामाशाह में 2.5 हजार से अधिक रोगी लाभांवित-
निदेशक मनोज मित्तल ने बताया कि मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, अजमेर संभाग का एकमात्र एनएबीएच मान्यता प्राप्त हाॅस्पिटल है। सुपरस्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं में सर्जरी के लिए अधिकृत मित्तल हाॅस्पिटल ने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अब तक 2500 से अधिक रोगियों को निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ मुहैया कराया है। हाॅस्पिटल में हृदय रोग, ब्रेन व स्पाइन रोग, गुर्दा रोग, कैंसर रोग, पथरी, प्रौस्टेट व मूत्र रोग, आदि सेवाएं एक ही छत के नीचे 24 घंटे उपलब्ध हैं।

सन्तोष गुप्ता/प्रबंधक जनसम्पर्क/9116049809

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