4 अप्रैल 2019, गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी,अजमेर लोकसभा के प्रधान चुनाव कार्यलय पर प्रेस वार्ता कर अजमेर लोकसभा चुनाव संयोजक व पुष्कर विधायक सुरेश सिंह रावत ने भाजपा प्रत्याशी भागीरथ चौधरी के नामांकन को लेकर विस्तृत जानकारी दी व कांग्रेस के मेनिफेस्टो पर देश को बांटने का आरोप लगाया
सुरेश सिंह रावत ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी शनिवार, 6 अप्रैल 2019 को प्रातः 10रू00 बजे अजमेर स्थित विजय लक्ष्मी पार्क, कलेक्ट्रेट के पीछे ,जेएलएन मार्ग मे होने वाली नामांकन सभा जिसको पूर्व मुख्यमंत्री एव राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मति वसुंधराराजे जी तथा राष्ट्रीय महासचिव एव राज्यसभा सांसद श्री भूपेंद्र यादव जी संबोधित करेंगे।
नामांकन सभा में लोकसभा क्षेत्र अजमेर के माननीय विधायक,पूर्व विधायक, विधायक प्रत्याशी ,जिला प्रमुख,जिलापरिषद सदस्य, प्रधान, उपप्रधान पंचायत समिति सदस्य, मेयर ,डिप्टी मेयर, सभापति ,उपसभापति, पार्षद ,मोर्चा एवं प्रकोष्ठ प्रकल्प के प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, प्रदेश पदाधिकारी ,जिला पदाधिकारी, मंडल पदाधिकारी, मंडल कार्य कार्यकारिणी, बूथ अध्यक्ष आदि कार्यकर्ताओ की उपस्थिति सादर प्राथनिय है।
दक्षिण विधानसभा की विधायिका श्रीमती अनिता भदेल ने कहा कि कांग्रेस का मेनिफेस्टो देश को बांटने वाला मेनिफेस्टो है और देश की जनता यह समझ चुकी हैं कि कांग्रेस सरकार देश के विरोधियों की सरकार है और उनकी मंशा का जवाब जनता उन्हें बहुत अच्छे से देगी
देहात जिला अध्यक्ष बीपी सारस्वत ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर भाजपा को परेशान करना चाहती है लेकिन जनता जनार्दन भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं
शहर जिला अध्यक्ष शिव शंकर हेड़ा ने कहा कि
मेनिफेस्टो के 35वें पन्ने में कहा गया है रूल-रेगुलेशन और कानून का रिव्यू होगा.
राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर इस मेनिफेस्टो में कहा गया है- यह स्पष्ट है कि जितना हमनें आतंक के खिलाफ झेला है किसी देश ने नहीं झेला होगा. आतंक के खिलाफ लड़ाई 26ध्11 के बाद शुरू नहीं हुई थी. हम आतंकवादी की समस्या को काफी हद तक काबू कर चूके हैं. हमनें जम्मू-कश्मीर का एख बड़ा हिस्सा खोया. उसके बाद जिस प्रावधान को पंडित नेहरू ने इंदिरा जी ने, मनमोहन सिंह ने छूने का प्रयास नहीं किया. वह कहते हैं कि देशद्रोह करना अब अपराध नहीं होगा. जो पार्टी ऐसी घोषणा करती है वह एक भी वोट की हकदार नहीं है.
. जम्मू कश्मीर में सशस्त्र बल अधिनियम और अशांत क्षेत्र अधिनियम की समीक्षा की जायेगी
. सुरक्षा की जरूरतों और मानवाधिकारों के संरक्षण में संतुलन के लिए कानूनी प्रावधानों में उपयुक्त बदलाव किए जाएंगे. सशस्त्र बलों की तैनाती की समीक्षा करने, घुसपैठ रोकने के लिए सीमा पर अधिक सैनिकों को तैनात करने, कश्मीर घाटी में सेना और सीआरपीएफ की मौजूदगी को कम करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस बल को और अधिक जिम्मेदारी सौंपने का वादा करती है.
अनीश मोयल
जिला संयोजक
भाजपा मीडिया
अजमेर लोकसभा