कारगिल विजय केवल लड़ाई में मिली तात्कालिक विजय नहीं अपितु भारत की अखंडता के लिए भारत के संकल्पों की जीत है । हमने विभाजन का दंश झेला है लेकिन अब किसी भी कारण से एक इंच भारत की भूमि भी हम नहीं जाने देंगे चाहे प्रत्येक इंच भूमि के लिए हमें एक प्राण चढ़ाना पड़े । यह विचार आज दिनांक 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आदर्श विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय पुष्कर रोड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए एलआईसी के प्रशासनिक अधिकारी खाजूलाल चौहान ने कही?
इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने कभी भी दूसरे देशों पर साम्राज्य विस्तार के लिए आक्रमण नहीं किया हमने सदैव अपनी मातृभूमि की सीमाओं को माता के वस्त्रों के समान मानकर उसके सम्मान को बचाने के लिए युद्ध किए हैं। भारतीय सेना न केवल युद्धों में अपने शौर्य अपितु मानवीय मूल्यों में अपनी आस्था के लिए भी विश्व में सम्माननीय है। कारगिल युद्ध मे भी भारतीय सेना द्वारा मानवीय मूल्यों की रक्षा के कई उदाहरण प्रस्तुत किये गए थे।
विद्यालय के प्रधानाचार्य भूपेंद्र उबाना ने उपस्थित समाज बंधुओं और विद्यार्थियों का आव्हान करते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस के दिन हमको 527 बलिदानों से प्रेरणा लेकर स्वयं के जीवन और कर्मों को राष्ट्र अर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए तभी यह कारगिल-विजय यशस्वी हो पाएगी और बलिदानियों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजली हो सकेगी।
कार्यक्रम को विद्यार्थियों के देशभक्ति नृत्यों व वीररस कि कविताओं ने उर्जावान बना दिया अंत में भारत माता की आरती की गई ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य योगेश गौड,विद्यालय के विद्यार्थी एवं अभिभावकों सहित समस्त आचार्य उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन आरती खंगारोत ने किया।