फ़्लाइइंग बडर्स का प्रयास एक बार फिर ले आया मासूम चेहरों पर मुस्कुराहट

26 जुलाई गुरूवार फ्लाइंग बडर्स परिवार कोटड़ा स्थित अपना घर स्कूल के खास बच्चों के साथ पिकनिक मनाने पहुंचा। सावन के महिने में सब अपने-अपनी तरह से पिकनिक का आयोजन करते है पर ये एक अलग तरह की पिकनिक थी जिसे स्कूल के प्रांगण में विशेष बच्चों के साथ रखा गया।
अपना घर स्कूल में 76 बच्चे मूक बधिर है जो सुन बोल नहीं सकते 20 विद्यार्थी दृष्टीहीन है जो देख नहीं सकते और 20 वहां के अध्यापक और स्टाफ मेम्बर्स सबके साथ फ्लाइंग बडर्स ने एक यादगार पिकनिक का आयोजन किया।
रंग बिरंगे गुब्बारों से सजावट की गई अलग-अलग खेलों का आयोजन किया गया। स्वादिष्ट भोजन की भी व्यवस्था की गई।
संस्थापिका अम्बिका हेडा ने बताया कि स्कूल परीसर में पेड़ पौधे लगाने के मकसद से दौरे पर गई थी। लेकिन जब वहां देखा की फलों के पौधे वहां पथरीला आंगन होने के कारण पनपते ही नहीं तो संस्था के सदस्यों से विचार विमर्श कर हर साल रखी जाने वाली पिकनिक अपना घर परिवार में बच्चों के साथ रखना निश्चित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक कला संस्था से अलका शर्मा,मरूधरा टूडे से सहर खान और मशाल से रशिका महिर्षी का स्वागत शिल्पा डागा ने स्मृतिचिन्ह देकर किया।
सचिव पूजा शर्मा ने बताया कि बच्चों को देखते हुए उनके अनुरूप खेल रखे गए। बैलून की माला पहनो, इसकी टोपी उसका सर, मूक बधिर बच्चों के साथ खेला गया तो टेडी जिसका घर उसका, आवाज से समझो और खेलो, अन्ध विद्यार्थियों के लिए रखा गया।
खेलों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार देकर कोमल नवाल ने बच्चों का हौसला बढ़ाया।
अपना घर के अध्यापक और फ्लाइंग बडर्स मेम्बर्स ने भी ताश की हाउजी और स्लीप उठाओ किस्मत आजमाओं खेल खेले ,
टीचर्स और मेम्बर्स को उपहार शिल्पा डागा द्वारा दिए गए।
उपाध्यक्ष अंजू जाजू ने बताया कि बच्चों के लिए बाउन्सी, ग्लास कलर और बहुत से खेलों का आयोजन किया गया। लोक कला संस्थान से अलका शर्मा ने बच्चों के चेहरों पर टेटू बनाए और संस्था के सदस्य मेघा बाल्दी, दीपा हेडा, पूर्णिमा मालू और सीमा माहेश्वरी ने बच्चों को रंग बिरंगें ग्लास सजाने में सहायता की। सभी बच्चें अपने हाथों से बने ग्लास को लेकर बहुत प्रसन्न हुए।
कोषाध्यक्ष विजिया बाकलीवाल ने बताया की अपना घर के बच्चों के लिए अजय रंजना मंत्री की ओर से स्टेशनरी का सामान, पेन, सभी तरह की काॅपियां, रजिस्टर भेंट स्वरूप दिए गए।
कार्यक्रम की संयोजक रेखा खण्डेलवाल रही।
अनिता सोमानी, बरखा, नुपर मून्दड़ा, ममता मालू, अनुराधा मून्दड़ा, रिंकल मित्तल, कविता माहेश्वरी, राधा तापड़िया, संगीता सोमानी, कविता अरोड़ा, राजेश्वरी, सोना गर्ग, सभी संस्था सदस्यों ने कार्यक्रम को सुचारू रूप से करने में अपना सहयोग प्रदान किया।

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