आनासागर झील में अतिक्रमण को लेकर जाजू ने एन.जी.टी. को भेजा परिवाद

जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हो कार्यवाही
इण्डियन नेशनल ट्रस्ट फाॅर आर्ट एण्ड कल्चरल हेरिटेज ‘इन्टेक’ के संयोजक बाबूलाल जाजू ने ऐतिहासिक आनासागर झील पर मलवा डालकर किये जा रहे अतिक्रमण के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के चेयरमैन आदर्श कुमार गोयल को रजिस्टर्ड परिवाद भेजकर सैकड़ों बीघा भूमि से अतिक्रमण हटवाने हेतु जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की है।
इन्टेक संयोजक जाजू ने एनजीटी चेयरमैन को लिखा है कि जिन जिम्मेदार अधिकारियों के रहते हुए झील मंे मलवा डालकर निर्माण कार्य किया है, उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल मंे लाई जावे व झील के वर्तमान क्षेत्रफल को पुनः झील के मूल स्वरूप मंे लाने की गुहार की है।
जाजू ने पत्र मंे यह बताया भी प्रशासन की लापरवाही से प्राचीन झील पालबिचला का लगभग 50 प्रतिशत व डिग्गी तालाब का 75 प्रतिशत क्षेत्र अतिक्रमण की चपेट मंे आकर मूल स्वरूप खो चुका है।
जाजू ने अजमेर के जिला कलक्टर को आग्रह करते हुए कहा है कि सम्बन्धित जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत निर्देशित कर हो रहे ताजा अतिक्रमण को रोका जावे व झील मंे आने वाले वर्षा के जल मार्गों को भी अतिक्रमण मुक्त करने के साथ ही मलमूत्र वाले गंदे नालों के पानी को भी रोका जाए।

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